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Hisar News: परीक्षा रद्द होने पर छात्रों का प्रदर्शन वीसी बोले- फैसले की होगी समीक्षा
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लुवास के कुलपति कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते विद्यार्थी।
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हिसार। वेटेरनरी एंड लाइवस्टॉक डेवलेपमेंट डिप्लोमा कोर्स (वीएलडीडी) की परीक्षाएं रद्द करने के विरोध में लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) से संबद्ध 15 कॉलेजों के विद्यार्थियों ने शनिवार को लुवास ओल्ड कैंपस में कुलपति कार्यालय पर प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों ने पेपर लीक मामले में सभी 15 कॉलेजों के सभी सात पेपर रद्द करने के फैसले का विरोध किया।
विद्यार्थियों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि जहां पेपर लीक हुआ उनकी परीक्षा ही रद्द की जानी चाहिए। सभी कॉलेजों के विद्यार्थियों को इसकी सजा देना सही नहीं होगा। कुलपति ने कहा कि परीक्षाएं रद्द किए जाने के फैसले की समीक्षा की जाएगी। इस मामले में गठित फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर फैसला लिया जाएगा।
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लुवास के स्टूडेंट ग्रीवेंस नोडल ऑफिसर डॉ. संदीप कुमार ने कहा कि इस मामले को लेकर जांच फैक्ट फाइंडिंग कमेटी का गठन किया गया है जो 20 नवंबर तक इस मामले की जांच करेगी। कमेटी की रिपोर्ट के बाद तय किया जाएगा कि कौन सी परीक्षा रद्द रहेगी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर तय होगा कि कौन सी परीक्षा रद्द की जाएंगी। जरूरत पड़ी तो दोषी के खिलाफ एफआईआर भी कराई जाएगी ।
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विद्यार्थियों ने स्पष्ट कहा कि वे न्यायसंगत निर्णय चाहते हैं। यदि की मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को मजबूर होंगे। छात्र संगठन क्रांतिकारी स्टूडेंट्स ऑग्रेनाइजेशन (केएसओ) के प्रधान हरिकेश ढांडा ने कहा कि लुवास से जुड़े विभिन्न जिलों में स्थापित 15 कॉलेजों में वीएलडीडी की परीक्षा रद्द करना गलत है। छात्र अमन नेहरा, प्रियांशु, प्रियमन, विनेश और दतिन मालिक ने बताया कि उनकी वार्षिक परीक्षाएं 23 अक्टूबर से 6 नवंबर तक आयोजित की गई थीं। 7 से 14 नवंबर तक प्रैक्टिकल परीक्षा चल रही थीं। इसी बीच 13 नवंबर को दोपहर 3 बजे विश्वविद्यालय की ओर से नोटिस जारी कर दिया गया कि पेपर लीक होने की वजह से सभी लिखित परीक्षाएं रद्द की जा रही हैं। नोटिस में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि आखिर कौन-सा पेपर लीक हुआ और जिम्मेदारी किसकी थी।
13 नवंबर को पेपर लीक होने की मिली थी शिकायत
लुवास से संबद्ध 15 कॉलेजों में दो वर्षीय वीएलडीडी कोर्स चलाया जा रहा है। इसमें प्रथम वर्ष की परीक्षाएं इसी सप्ताह खत्म हुई हैं। 13 नवंबर को पेपर लीक होने की शिकायत में कुछ तथ्य सही मिलने के बाद लुवास प्रशासन ने सभी कॉलेजों के 7 पेपर को रद्द करने का एलान कर दिया।
विद्यार्थियों ने ये चार प्रमुख मांगें रखीं
-सभी पेपर रद्द करने का आदेश तुरंत वापस लिया जाए।
- केवल उस विषय की परीक्षा दोबारा ली जाए जिसमें लीक की शिकायत सामने आई है।
- पेपर लीक मामले में एफआईआर दर्ज कर दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की जाए।
- ओल्ड स्ट्रीम स्टूडेंट्स पर जबरन अंग्रेजी माध्यम लागू करने का फैसला वापस हो।