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Hisar News: जलनिकासी के लिए जद्दोजहद... अस्थायी पाइपलाइन बिछाई पर राहत नहीं, गांवों में बदतर हालात, मशीनें धंसीं
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ड्रेन की सफाई के दाैरान धंसी मशीन।
हांसी। शहर के जलभराव को लेकर लंबे इंतजार के बाद अस्थायी पाइपलाइन से निकासी कार्य शुक्रवार को काफी मशक्कत के बाद शुरू हो सका। प्रशासन द्वारा बिछाई गईं तीन अस्थायी लाइनों में से दो शुक्रवार को चालू हुईं। सेक्टर-6 में पानी के स्तर में कुछ कमी देखने को मिली, लेकिन अनाज मंडी, मुल्तान कॉलोनी, जगदीश कॉलोनी, कृष्णा कॉलोनी सहित अन्य क्षेत्रों में जलभराव जस का तस बना हुआ है।
शहर के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों में हालात ज्यादा चिंताजनक हैं। चानौत और मेहंदा गांवों में जलनिकासी के लिए भेजी गईं सिंचाई विभाग की चार पोकलेन मशीनें खेतों में पानी के बीच धंस चुकी हैं। जेसीबी मशीनें भी जलभराव के चलते काम नहीं कर पा रहीं।
2300 मीटर लंबी लाइन बनी सहारा, दो अन्य लाइनों का असर नहीं
सेक्टर-6 के लिए 2300 मीटर लंबी लाइन वीरवार रात को चालू की गई, जिससे शुक्रवार तक कुछ हद तक जलस्तर में गिरावट आई। वहीं, शेखपुरा ड्रेन तक 1500 मीटर व एसडी कॉलेज रोड के लिए 1000 मीटर लंबी लाइन शुक्रवार शाम 5 बजे चालू हुई, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के चलते सुबह 6 बजे लगाई गई मोटर से निकासी शुरू नहीं हो सकी। दोपहर एक बजे तक मोटर ठीक कर चालू की गई, जिसके बाद उमरा गेट से जाट धर्मशाला तक पानी की निकासी शुरू हुई। बैंक कॉलोनी और गांधी कॉलोनी में अब भी पानी भरा है। शुक्रवार रात तक नई लाइनों का इन क्षेत्रों में कोई विशेष असर नजर नहीं आया।
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ड्रेन की निकासी क्षमता बढ़ाई
जलभराव कम करने के लिए हिसार मेजर डिस्ट्रीब्यूटरी से जुड़ी ड्रेन की निकासी क्षमता बढ़ाई गई है। पहले जहां 130 क्यूसिक पानी की निकासी हो रही थी, अब अतिरिक्त पंप लगाकर 200 क्यूसिक पानी बालसमंद ड्रेन में डाला जा रहा है ताकि ड्रेन ओवरफ्लो न हो। यह ड्रेन कुलाना, चानौत, भाटला समेत कई गांवों की निकासी व्यवस्था से जुड़ी है और हिसार कैंट व खरड़ होते हुए बालसमंद ड्रेन से मिलती है।
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ड्रेनों से पानी की निकासी भी जल्दी करवाई जा रही है, ताकी ड्रेन ओवरफ्लो न हो। चार जगहों पर हमारी मशीनें धंस गई हैं, उन्हें निकालने का प्रयास कर रहे हैं। - नवदीप सांगवान, एक्सईएन, सिंचाई विभाग, हांसी।
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शहर के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों में हालात ज्यादा चिंताजनक हैं। चानौत और मेहंदा गांवों में जलनिकासी के लिए भेजी गईं सिंचाई विभाग की चार पोकलेन मशीनें खेतों में पानी के बीच धंस चुकी हैं। जेसीबी मशीनें भी जलभराव के चलते काम नहीं कर पा रहीं।
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2300 मीटर लंबी लाइन बनी सहारा, दो अन्य लाइनों का असर नहीं
सेक्टर-6 के लिए 2300 मीटर लंबी लाइन वीरवार रात को चालू की गई, जिससे शुक्रवार तक कुछ हद तक जलस्तर में गिरावट आई। वहीं, शेखपुरा ड्रेन तक 1500 मीटर व एसडी कॉलेज रोड के लिए 1000 मीटर लंबी लाइन शुक्रवार शाम 5 बजे चालू हुई, लेकिन तकनीकी दिक्कतों के चलते सुबह 6 बजे लगाई गई मोटर से निकासी शुरू नहीं हो सकी। दोपहर एक बजे तक मोटर ठीक कर चालू की गई, जिसके बाद उमरा गेट से जाट धर्मशाला तक पानी की निकासी शुरू हुई। बैंक कॉलोनी और गांधी कॉलोनी में अब भी पानी भरा है। शुक्रवार रात तक नई लाइनों का इन क्षेत्रों में कोई विशेष असर नजर नहीं आया।
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ड्रेन की निकासी क्षमता बढ़ाई
जलभराव कम करने के लिए हिसार मेजर डिस्ट्रीब्यूटरी से जुड़ी ड्रेन की निकासी क्षमता बढ़ाई गई है। पहले जहां 130 क्यूसिक पानी की निकासी हो रही थी, अब अतिरिक्त पंप लगाकर 200 क्यूसिक पानी बालसमंद ड्रेन में डाला जा रहा है ताकि ड्रेन ओवरफ्लो न हो। यह ड्रेन कुलाना, चानौत, भाटला समेत कई गांवों की निकासी व्यवस्था से जुड़ी है और हिसार कैंट व खरड़ होते हुए बालसमंद ड्रेन से मिलती है।
ड्रेनों से पानी की निकासी भी जल्दी करवाई जा रही है, ताकी ड्रेन ओवरफ्लो न हो। चार जगहों पर हमारी मशीनें धंस गई हैं, उन्हें निकालने का प्रयास कर रहे हैं। - नवदीप सांगवान, एक्सईएन, सिंचाई विभाग, हांसी।