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सख्ती: कम लिंगानुपात रहने पर एसएमओ और एएनएम पर कसा शिकंजा, 900 से कम लिंगानुपात पर 4 एसएमओ, 15 एएनएम व 34 आशा वर्करों को थमाए नोटिस
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हिसार। जिले के कई गांवों में जहां लिंगानुपात लगातार कम हो रहा है, वहीं सिसाय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) क्षेत्र में यह आंकड़ा 1000 से अधिक है। यहां पिछले चार महीनों में लिंगानुपात लगातार 1000 से अधिक रहा है। मिर्चपुर, बरवाला, खांडाखेड़ी और सोरखी सीएचसी क्षेत्र में लिंगानुपात 900 से 1000 के बीच रहा। स्वास्थ्य विभाग ने उन चार सीचएसी को चिह्नित किया है, जिनमें लिंगानुपात लगातार 900 से कम रहा है। इनमें आर्यनगर, मंगाली, सीसवाल और उकलाना सीएचसी शामिल हैं। हालांकि उकलाना में अगस्त में लिंगानुपता 913 दर्ज किया गया। विभाग ने इन चारों सीएचसी के सीनियर मेडिकल ऑफिसर (एसएमओ), 15 एएनएम और 34 आशा वर्कर को नोटिस जारी किए हैं। वहीं, 31 आशा वर्कर पर जुर्माना भी लगाया गया है।
डीसी अनीश यादव ने बताया कि लिंगानुपात सुधारने के लिए अब बीएएमएस चिकित्सकों की मदद भी ली जा रही है। आयुष विभाग के तहत काम कर रहे 59 चिकित्सक चार-चार गांवों की निगरानी करेंगे। ये चिकित्सक अपने क्षेत्र के निजी अस्पतालों और दवा केंद्रों की जांच करेंगे और किसी अनियमितता मिलने पर पीएनडीटी टीम को जानकारी देंगे। उन्होंने बताया कि कम लिंगानुपात वाली सीएचसी के एसएमओ सहित 17 अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण में लापरवाही करने वाली 15 एएनएम तथा 34 आशा वर्कर को नोटिस दिए हैं। निरीक्षण में अनियमितता पाए जाने वाले 7 जांच केंद्रों को 7 नोटिस और एक का लाइसेंस को सस्पेंड किया है।
नशा प्रभावित लोगों की निगरानी
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को आयोजित समीक्षा बैठक में डीसी को बताया कि नशा प्रभावित व्यक्तियों की निरंतर निगरानी की जा रही है। सितंबर के दौरान 7 हजार 119 व्यक्तियों में से 3 हजार 661 का फर्स्ट, 3 हजार 118 का सेकंड तथा 2 हजार 670 का थर्ड फॉलोअप किया गया। सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग घटते लिंगानुपात पर गंभीर है। लापरवाही बरतने वालों को नोटिस जारी किए गए हैं।
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डीसी अनीश यादव ने बताया कि लिंगानुपात सुधारने के लिए अब बीएएमएस चिकित्सकों की मदद भी ली जा रही है। आयुष विभाग के तहत काम कर रहे 59 चिकित्सक चार-चार गांवों की निगरानी करेंगे। ये चिकित्सक अपने क्षेत्र के निजी अस्पतालों और दवा केंद्रों की जांच करेंगे और किसी अनियमितता मिलने पर पीएनडीटी टीम को जानकारी देंगे। उन्होंने बताया कि कम लिंगानुपात वाली सीएचसी के एसएमओ सहित 17 अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण में लापरवाही करने वाली 15 एएनएम तथा 34 आशा वर्कर को नोटिस दिए हैं। निरीक्षण में अनियमितता पाए जाने वाले 7 जांच केंद्रों को 7 नोटिस और एक का लाइसेंस को सस्पेंड किया है।
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नशा प्रभावित लोगों की निगरानी
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को आयोजित समीक्षा बैठक में डीसी को बताया कि नशा प्रभावित व्यक्तियों की निरंतर निगरानी की जा रही है। सितंबर के दौरान 7 हजार 119 व्यक्तियों में से 3 हजार 661 का फर्स्ट, 3 हजार 118 का सेकंड तथा 2 हजार 670 का थर्ड फॉलोअप किया गया। सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग घटते लिंगानुपात पर गंभीर है। लापरवाही बरतने वालों को नोटिस जारी किए गए हैं।
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