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Hisar News: 11 क्विंटल फूलों से सजाया सीसवाल धाम, एक लाख श्रद्धालु करेंगे जलाभिषेक
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बालसमंद- महाशिवरात्रि पर फूलों से सजाया गया सीसवाल मंदिर व शिवलिंग।
बालसमंद। आदमपुर से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित ऐतिहासिक सीसवाल धाम शिव मंदिर को महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर 11 क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है।
मंदिर कमेटी के प्रधान घीसाराम जैन ने बताया कि शिवरात्रि के दिन एक लाख से अधिक भक्त शिवलिंग पर जलाभिषेक करेंगे। रात्रि 12 बजे से लगभग 200 कांवड़ और डाक कांवड़ के समूह भोलेनाथ को जल अर्पित करेंगे। पूरी रात मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आयोजन रहेगा। सुबह 4 बजे से श्रद्धालुओं का आगमन शुरू होगा और दिनभर जलाभिषेक का सिलसिला जारी रहेगा। मंदिर कमेटी ने भंडारे और अन्य सुविधाओं की विशेष व्यवस्था की है। संवाद
यह रहेगा जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त
पंडित प्रेम कुमार कौशिक ने बताया कि जलाभिषेक का सर्वोत्तम मुहूर्त सुबह 08:24 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक रहेगा। इसके अतिरिक्त शाम 06:11 बजे से 07:47 बजे तक भी श्रद्धालु जलाभिषेक कर सकते हैं।
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महाभारत काल से जुड़ा है मंदिर का इतिहास
आदमपुर के गांव सीसवाल और मोहब्बतपुर के बीच स्थित यह प्राचीन शिव मंदिर महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने माता कुंती की आज्ञा से यहां शिवलिंग की स्थापना की थी। पुरातत्व विभाग के अनुसार मंदिर का रिकॉर्ड लगभग 750 साल पुराना है। शिवलिंग की लंबाई लगभग चार फीट है और इसका प्राकृतिक आकार अत्यंत दुर्लभ माना जाता है।
अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा और शांत वातावरण के कारण मंदिर की विशेष पहचान :
मंदिर कमेटी के प्रधान घीसाराम जैन का दावा है कि यह मंदिर भारत के सबसे प्राचीन चार शिव मंदिरों में शामिल है। मेला संयोजक राकेश शर्मा ने बताया कि सीसवाल धाम अपनी अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा और शांत वातावरण के कारण देशभर में विशेष पहचान रखता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां पूजा-अर्चना करने पर हर मनोकामना पूर्ण होती है। पुरातत्व विभाग यदि मंदिर के ऐतिहासिक गौरव को आधिकारिक रूप से लिपिबद्ध करे तो यह धार्मिक पर्यटन में राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख स्थल बन सकता है।
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मंदिर कमेटी के प्रधान घीसाराम जैन ने बताया कि शिवरात्रि के दिन एक लाख से अधिक भक्त शिवलिंग पर जलाभिषेक करेंगे। रात्रि 12 बजे से लगभग 200 कांवड़ और डाक कांवड़ के समूह भोलेनाथ को जल अर्पित करेंगे। पूरी रात मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आयोजन रहेगा। सुबह 4 बजे से श्रद्धालुओं का आगमन शुरू होगा और दिनभर जलाभिषेक का सिलसिला जारी रहेगा। मंदिर कमेटी ने भंडारे और अन्य सुविधाओं की विशेष व्यवस्था की है। संवाद
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यह रहेगा जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त
पंडित प्रेम कुमार कौशिक ने बताया कि जलाभिषेक का सर्वोत्तम मुहूर्त सुबह 08:24 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक रहेगा। इसके अतिरिक्त शाम 06:11 बजे से 07:47 बजे तक भी श्रद्धालु जलाभिषेक कर सकते हैं।
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महाभारत काल से जुड़ा है मंदिर का इतिहास
आदमपुर के गांव सीसवाल और मोहब्बतपुर के बीच स्थित यह प्राचीन शिव मंदिर महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। अज्ञातवास के दौरान पांडवों ने माता कुंती की आज्ञा से यहां शिवलिंग की स्थापना की थी। पुरातत्व विभाग के अनुसार मंदिर का रिकॉर्ड लगभग 750 साल पुराना है। शिवलिंग की लंबाई लगभग चार फीट है और इसका प्राकृतिक आकार अत्यंत दुर्लभ माना जाता है।
अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा और शांत वातावरण के कारण मंदिर की विशेष पहचान :
मंदिर कमेटी के प्रधान घीसाराम जैन का दावा है कि यह मंदिर भारत के सबसे प्राचीन चार शिव मंदिरों में शामिल है। मेला संयोजक राकेश शर्मा ने बताया कि सीसवाल धाम अपनी अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा और शांत वातावरण के कारण देशभर में विशेष पहचान रखता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां पूजा-अर्चना करने पर हर मनोकामना पूर्ण होती है। पुरातत्व विभाग यदि मंदिर के ऐतिहासिक गौरव को आधिकारिक रूप से लिपिबद्ध करे तो यह धार्मिक पर्यटन में राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख स्थल बन सकता है।