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Hisar News: छात्राएं अपने कानूनी अधिकार जानें, शोषण के खिलाफ उठाएं आवाज

Sun, 17 Nov 2024 02:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Sun, 17 Nov 2024 02:39 AM IST
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Raise your voice against exploitation
हिसार अमर उजाला के अपराजिता कार्यक्रम हिसार में बोलतीं एडवोकेट रेखा मित्तल।
हिसार। स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वालीं छात्राएं अक्सर कैंपस में या घर जाते समय रास्ते में छेड़छाड़ की शिकार होती हैं। अवांछित तत्व ट्यूशन करने के लिए जाने के दौरान या कक्षा में भी उन पर बुरी नजर रखते हैं। इतना ही नहीं किशोरियां घर में भी सुरक्षित नहीं है। वे अपनों द्वारा ही प्रताड़ित हो रही हैं। इसके खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत जुटाती हैं तो परिजन उन पर दबाव बनाकर चुप रहने को कहते हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। छात्राओं को अपने कानूनी अधिकारों का ज्ञान होना चाहिए। किसी भी तरह की प्रताड़ना सहने के बजाय डटकर विरोध करना चाहिए। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता अभियान के तहत शनिवार को सुशीला भवन रोड स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित कार्यशाला में एडवोकेट रेखा मित्तल ने यह बात कही।
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बतौर मुख्य अतिथि पहुंचीं एडवोकेट रेखा ने छात्राओं को महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हिंसा की शिकार होने पर किसी को घबराना नहीं चाहिए। महिलाओं को फ्री कानूनी सहायता मिलती है। किसी छात्रा व महिला के साथ छेड़छाड़ होती है तो वे वकील से परामर्श ले सकती हैं। किसी के साथ गलत होता है तो आरोपी से डरने के बजाय उसके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। परिजनों या शिक्षकों से समस्या साझा करनी चाहिए। उन्होंने कहा, 18 साल से कम उम्र की लड़की के साथ कुछ गलत हुआ है तो दोषी को पहले दस साल कैद की सजा थी, जिसे संशोधित कर 20 साल कर दिया है। इसके अलावा पीड़िता अपनी पहचान छुपा कर भी वकील से परामर्श ले सकती हैं।
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01662-270078 पर कॉल कर लें कानूनी परामर्श
एडवोकेट रेखा ने बताया कि किसी छात्रा या महिला को कोई परेशान कर रहा है, तो वे 01662-270078 नंबर पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक कॉल कर निशुल्क कानूनी परामर्श ले सकती हैं। कई बार छेड़छाड़ होने पर घरवाले भी साथ नहीं देते और कहते हैं कि अवांछित तत्वों से उलझने के बजाय दूसरे रास्ते से आना-जाना शुरू कर दें, लेकिन वे ये गारंटी नहीं दे सकते की उस रास्ते पर छेड़छाड़ नहीं होगी। छात्राओं को अपने साथ होने वाली घटनाओं की जानकारी घरवालों को जरूर देनी चाहिए, कानूनी सहायता लेनी चाहिए। बिना डरे गलत के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। प्राचार्य सुदेश ने इससे पहले मुख्य अतिथि का स्वागत किया। कार्यशाला में करीब 250 छात्राएंं मौजूद रहीं।
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