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जीएम की फटकार का असर... खुलने लगा रेलवे डबल फाटक
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खुले डबल फाटक से गुजरते शहरवासी।
- फोटो : Hisar
आखिरकार जीएम आनंद प्रकाश की फटकार के बाद अब रेलवे डबल फाटक खुलना शुरू हो चुका है। रोजाना पांच-छह बार फाटक खुलने से आमजन को थोड़ी राहत मिली है, मगर अभी भी लोगों का कहना है कि फाटक ज्यादा समय के लिए खोला जाए। इससे जहां एक ओर निरंकारी भवन रोड पर जाम की स्थिति कम होगी, वहीं आमजन को भी आने-जाने में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
बता दें कि जीएम के दौरे से पहले तक यह फाटक हमेशा बंद ही रहता था। इस कारण से वाहन चालकों को लंबे रास्ते से होकर जाना पड़ता था। इससे समय की बर्बादी होती थी, वहीं परेशानी का सामना भी करना पड़ता था।
जीएम के सामने स्टेशन अधीक्षक ने बोला था झूठ
उत्तर पश्चिम जोन के जीएम आनंद प्रकाश 31 जनवरी को हिसार रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान जीएम के सामने डबल फाटक बंद रहने का मुद्दा उठाया था। इस पर जीएम ने स्टेशन अधीक्षक केएल चौधरी फाटक खुलने के बारे में पूछा था। इस पर पहले तो स्टेशन अधीक्षक हड़बड़ा गए। जब दूसरी बार उनसे फाटक कितनी बार खुलने की बात पूछी तो उन्होंने झूठ बोलते हुए कहा था कि सर, रोजाना 10-15 बार फाटक खुलता है।
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रोजाना 50 से ज्यादा ट्रेन और मालगाड़ी का आवागमन
रोजाना हिसार रेलवे स्टेशन पर 50 से ज्यादा ट्रेनों और मालगाड़ी का आवागमन होता है। इनमें 40 से ज्यादा पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। ऐसे में यह फाटक अक्सर बंद रहता था, लेकिन जीएम ने दौरे के दौरान यहां के स्थानीय अधिकारियों को फाटक खोलने के बारे में कहा था। उस समय जीएम ने कहा था कि जब कोई ट्रेन और मालगाड़ी आने का समय नहीं होता है तो फाटक अवश्य खुलना चाहिए, ताकि लोगों को आने-जाने में दिक्कत न हो।
अमर उजाला ने भी उठाया था कई बार मुद्दा
जब भी यहां बीकानेर मंडल के अधिकारी रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंचते थे तो अमर उजाला ने उनके सामने फाटक बंद रहने का मुद्दा उठाया था। साथ ही यहां से गुजरने वाले लोगों को आ रही समस्या के बारे में भी अवगत कराया था। वहीं 31 जनवरी को रेलवे स्टेशन पहुंचे जीएम आनंद प्रकाश के सामने दोबारा फाटक बंद रहने का मुद्दा उठा था और उसे प्रमुखता से प्रकाशित किया। आखिरकार अब फाटक खुलना शुरू हो चुका है।
आरओबी और आरयूबी से राहत मिलने की संभावना खत्म
अभी तक लोगों को आस थी कि यहां आरओबी या आरयूबी बनने से उन्हें राहत मिलेगी, मगर अब यह संभावना भी खत्म हो चुकी है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार अब यहां न तो आरयूबी बनेगा और न ही आरओबी। वहीं सीएम ने तीन नवंबर 2017 को हिसार में महाबीर कॉलोनी और डाबड़ा चौक से निरंकारी भवन रोड पर आरओबी की घोषणा की थी।
डबल फाटक पर लगी लाइटें पांच दिन से बंद
उधर, रेलवे डबल फाटक पर लगी लाइटें पांच दिन से खराब हैं। लाइट ठीक करवाने को लेकर रेलवे अधिकारियों को भी सूचना दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक लाइटें ठीक नहीं हुई हैं। ऐसे में रात के समय यहां काफी अंधेरा रहता है। इस कारण यहां वारदात होने की भी आशंका रहती है। वहीं यहां एक पोल पर छह लाइटें लगी हैं। इनमें से एक भी चालू नहीं है।
रोजाना आठ से 10 हजार लोगों का होता है आवागमन
रेलवे डबल फाटक के पास स्थित कॉलोनियों में करीब पांच हजार लोग रहते हैं। इस रोड से रोजाना आठ से 10 हजार लोगों का आवागमन रहता है। वहीं इस रास्ते से दिल्ली रोड पर जाने के लिए लोगों को रेलवे ओवरब्रिज पर नहीं जाना पड़ता है। ऐसे में निरंकारी भवन रोड से रास्ता छोटा पड़ता है। जहां जाम भी कम रहता है। इसी कारण लोग इस रास्ते का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं।
पहले छह माह तक फाटक नहीं खुलता था, लेकिन अब रोजाना पांच-छह बार फाटक खोला जा रहा है। फाटक खुलने से आम जन की परेशानी खत्म हो गई है।
- राकेश कुमार, प्वाइंट्स मैन, रेलवे
अब डबल फाटक खुलने लगा है। इससे लोगों को काफी राहत मिली है। जब ट्रेन और मालगाड़ी के आने का समय नहीं होता है, तब फाटक खोला जाता है। रोजाना पांच-छह बार फाटक खोला जा रहा है।
- राममेहर शर्मा, स्टेशन मास्टर
रेलवे और बीऐंडआर ने दो-तीन बार आरओबी और आरयूबी को लेकर फिजिबिलिटी चेक करवाई है। मगर यहां न तो आरओबी बन सकता है और न ही आरयूबी।
- बलवीर, एईएन, रेलवे
यह बोले लोग
पहले डबल फाटक बिल्कुल बंद रहता था। इससे काफी परेशानी होती थी। अब फाटक खुलने से कुछ राहत मिली है।
- शिव कुमार
अभी पांच-छह बार ही फाटक खुल रहा है, जोकि कम है। फाटक खोलने का समय बढ़ाया जाए, ताकि आमजन को परेशानी न हो।
- जय प्रकाश
फाटक नहीं खुलने पर आम जन को तो परेशानी होती थी, साथ ही दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित होता है। अब राहत मिली है।
- ओमप्रकाश
पहले कभी फाटक नहीं खुलता था। ऐसे में यहां से जाने वाले लोगों को घूमकर दूसरे रास्ते से जाना पड़ता था। अब फाटक खुलना शुरू हुआ है।
- राजेश
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बता दें कि जीएम के दौरे से पहले तक यह फाटक हमेशा बंद ही रहता था। इस कारण से वाहन चालकों को लंबे रास्ते से होकर जाना पड़ता था। इससे समय की बर्बादी होती थी, वहीं परेशानी का सामना भी करना पड़ता था।
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जीएम के सामने स्टेशन अधीक्षक ने बोला था झूठ
उत्तर पश्चिम जोन के जीएम आनंद प्रकाश 31 जनवरी को हिसार रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान जीएम के सामने डबल फाटक बंद रहने का मुद्दा उठाया था। इस पर जीएम ने स्टेशन अधीक्षक केएल चौधरी फाटक खुलने के बारे में पूछा था। इस पर पहले तो स्टेशन अधीक्षक हड़बड़ा गए। जब दूसरी बार उनसे फाटक कितनी बार खुलने की बात पूछी तो उन्होंने झूठ बोलते हुए कहा था कि सर, रोजाना 10-15 बार फाटक खुलता है।
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रोजाना 50 से ज्यादा ट्रेन और मालगाड़ी का आवागमन
रोजाना हिसार रेलवे स्टेशन पर 50 से ज्यादा ट्रेनों और मालगाड़ी का आवागमन होता है। इनमें 40 से ज्यादा पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। ऐसे में यह फाटक अक्सर बंद रहता था, लेकिन जीएम ने दौरे के दौरान यहां के स्थानीय अधिकारियों को फाटक खोलने के बारे में कहा था। उस समय जीएम ने कहा था कि जब कोई ट्रेन और मालगाड़ी आने का समय नहीं होता है तो फाटक अवश्य खुलना चाहिए, ताकि लोगों को आने-जाने में दिक्कत न हो।
अमर उजाला ने भी उठाया था कई बार मुद्दा
जब भी यहां बीकानेर मंडल के अधिकारी रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंचते थे तो अमर उजाला ने उनके सामने फाटक बंद रहने का मुद्दा उठाया था। साथ ही यहां से गुजरने वाले लोगों को आ रही समस्या के बारे में भी अवगत कराया था। वहीं 31 जनवरी को रेलवे स्टेशन पहुंचे जीएम आनंद प्रकाश के सामने दोबारा फाटक बंद रहने का मुद्दा उठा था और उसे प्रमुखता से प्रकाशित किया। आखिरकार अब फाटक खुलना शुरू हो चुका है।
आरओबी और आरयूबी से राहत मिलने की संभावना खत्म
अभी तक लोगों को आस थी कि यहां आरओबी या आरयूबी बनने से उन्हें राहत मिलेगी, मगर अब यह संभावना भी खत्म हो चुकी है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार अब यहां न तो आरयूबी बनेगा और न ही आरओबी। वहीं सीएम ने तीन नवंबर 2017 को हिसार में महाबीर कॉलोनी और डाबड़ा चौक से निरंकारी भवन रोड पर आरओबी की घोषणा की थी।
डबल फाटक पर लगी लाइटें पांच दिन से बंद
उधर, रेलवे डबल फाटक पर लगी लाइटें पांच दिन से खराब हैं। लाइट ठीक करवाने को लेकर रेलवे अधिकारियों को भी सूचना दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक लाइटें ठीक नहीं हुई हैं। ऐसे में रात के समय यहां काफी अंधेरा रहता है। इस कारण यहां वारदात होने की भी आशंका रहती है। वहीं यहां एक पोल पर छह लाइटें लगी हैं। इनमें से एक भी चालू नहीं है।
रोजाना आठ से 10 हजार लोगों का होता है आवागमन
रेलवे डबल फाटक के पास स्थित कॉलोनियों में करीब पांच हजार लोग रहते हैं। इस रोड से रोजाना आठ से 10 हजार लोगों का आवागमन रहता है। वहीं इस रास्ते से दिल्ली रोड पर जाने के लिए लोगों को रेलवे ओवरब्रिज पर नहीं जाना पड़ता है। ऐसे में निरंकारी भवन रोड से रास्ता छोटा पड़ता है। जहां जाम भी कम रहता है। इसी कारण लोग इस रास्ते का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं।
पहले छह माह तक फाटक नहीं खुलता था, लेकिन अब रोजाना पांच-छह बार फाटक खोला जा रहा है। फाटक खुलने से आम जन की परेशानी खत्म हो गई है।
- राकेश कुमार, प्वाइंट्स मैन, रेलवे
अब डबल फाटक खुलने लगा है। इससे लोगों को काफी राहत मिली है। जब ट्रेन और मालगाड़ी के आने का समय नहीं होता है, तब फाटक खोला जाता है। रोजाना पांच-छह बार फाटक खोला जा रहा है।
- राममेहर शर्मा, स्टेशन मास्टर
रेलवे और बीऐंडआर ने दो-तीन बार आरओबी और आरयूबी को लेकर फिजिबिलिटी चेक करवाई है। मगर यहां न तो आरओबी बन सकता है और न ही आरयूबी।
- बलवीर, एईएन, रेलवे
यह बोले लोग
पहले डबल फाटक बिल्कुल बंद रहता था। इससे काफी परेशानी होती थी। अब फाटक खुलने से कुछ राहत मिली है।
- शिव कुमार
अभी पांच-छह बार ही फाटक खुल रहा है, जोकि कम है। फाटक खोलने का समय बढ़ाया जाए, ताकि आमजन को परेशानी न हो।
- जय प्रकाश
फाटक नहीं खुलने पर आम जन को तो परेशानी होती थी, साथ ही दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित होता है। अब राहत मिली है।
- ओमप्रकाश
पहले कभी फाटक नहीं खुलता था। ऐसे में यहां से जाने वाले लोगों को घूमकर दूसरे रास्ते से जाना पड़ता था। अब फाटक खुलना शुरू हुआ है।
- राजेश