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Hisar News: टीबी मरीजों को बांटे प्रोटीन के पैकेट, चिकित्सकों ने गोद लेकर उठाई जिम्मेदारी
Wed, 17 Sep 2025 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Wed, 17 Sep 2025 01:21 AM IST
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टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत मरीजों को प्रोटीन पैकेट वितरित करते डॉक्टर।
नारनौंद। नागरिक अस्पताल में मंगलवार को राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मरीजों की सेहत को दुरुस्त करने के लिए अस्पताल की ओर से प्रोटीन के पैकेट भी वितरित किए गए। वहीं सभी चिकित्सकों ने दो-दो टीबी मरीजों को गोद लेकर उनकी जिम्मेदारी उठाई।
अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि जागरूकता, पौष्टिक आहार और नियमित इलाज से टीबी जैसी बीमारी को हराना संभव है। अस्पताल के एसएमओ डॉ. यशपाल ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत मरीजों को न्यूट्रीशन किट उपलब्ध करवाई जा रही है। केवल दवाइयों से ही मरीज पूरी तरह ठीक नहीं हो सकता बल्कि पौष्टिक आहार और सही खानपान भी इलाज की अहम कड़ी है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए नारनौंद नागरिक अस्पताल के सभी चिकित्सकों ने दो-दो टीबी मरीजों को गोद लिया है। गोद लेने के बाद उन मरीजों की पूरी जिम्मेदारी चिकित्सकों की होगी। जिसमें दवाइयों के साथ खाने-पीने का सामान भी शामिल रहेगा।
डॉ. यशपाल ने कहा कि यह कदम समाज को प्रेरित करने के लिए उठाया गया है। फिलहाल नारनौंद में 24 मरीजों का इलाज नागरिक अस्पताल में चल रहा है। वहीं पूरे क्षेत्र में 150 टीबी मरीज पंजीकृत हैं। जिन्हें नियमित दवाई और जांच मुहैया करवाई जा रही है। अगर किसी व्यक्ति को लगातार एक हफ्ते से ज्यादा खांसी हो रही है, हल्का बुखार रहता है, बलगम आता है या रात को पसीना आता है तो उसे लापरवाही नहीं करनी चाहिए। ऐसे लोग तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या नागरिक अस्पताल में जाकर जांच करवाएं।
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अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि जागरूकता, पौष्टिक आहार और नियमित इलाज से टीबी जैसी बीमारी को हराना संभव है। अस्पताल के एसएमओ डॉ. यशपाल ने बताया कि राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत मरीजों को न्यूट्रीशन किट उपलब्ध करवाई जा रही है। केवल दवाइयों से ही मरीज पूरी तरह ठीक नहीं हो सकता बल्कि पौष्टिक आहार और सही खानपान भी इलाज की अहम कड़ी है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए नारनौंद नागरिक अस्पताल के सभी चिकित्सकों ने दो-दो टीबी मरीजों को गोद लिया है। गोद लेने के बाद उन मरीजों की पूरी जिम्मेदारी चिकित्सकों की होगी। जिसमें दवाइयों के साथ खाने-पीने का सामान भी शामिल रहेगा।
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डॉ. यशपाल ने कहा कि यह कदम समाज को प्रेरित करने के लिए उठाया गया है। फिलहाल नारनौंद में 24 मरीजों का इलाज नागरिक अस्पताल में चल रहा है। वहीं पूरे क्षेत्र में 150 टीबी मरीज पंजीकृत हैं। जिन्हें नियमित दवाई और जांच मुहैया करवाई जा रही है। अगर किसी व्यक्ति को लगातार एक हफ्ते से ज्यादा खांसी हो रही है, हल्का बुखार रहता है, बलगम आता है या रात को पसीना आता है तो उसे लापरवाही नहीं करनी चाहिए। ऐसे लोग तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या नागरिक अस्पताल में जाकर जांच करवाएं।
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