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हिसारः एक बार फिर फूलने लगी सांसें और जलने लगी आंखें, आसमान में छाई स्मॉग की चादर
Wed, 13 Nov 2019 12:09 PM IST
रोहतक ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
Published by: रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 13 Nov 2019 12:09 PM IST
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smog
- फोटो : PTI
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एक बार फिर वातावरण में प्रदूषण की स्थिति खतरनाक हो गई है, जिससे लोगों की सांसें फूलने और आंखें जलनी शुरू हो गईं है। मंगलवार को शहर का वायु गुुणवत्ता सूचकांक मंगलवार रात आठ बजे 477 पर पहुंच गया। वातावरण में धूल व धुएं की चादर छा गई है। धुंध के आने से स्थिति और ज्यादा खराब हो गई है। धुंध व धुएं के मिलने से दृश्यता भी कम हो गई है।
अस्पतालों में दोबारा से सांस के रोगियों की संख्या बढ़ गई है। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान के ऊपर से एक पश्चिमी विक्षोभ गुजरेगा, जिससे 14 नवंबर की रात या 15 नवंबर को सिर्फ सिरसा जिले में बूंदाबांदी होगी। हालांकि इस दौरान जिले में तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे इस धुएं की राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।
बता दें कि सोमवार को ही शहर में प्रदूषण की स्थिति बहुत खराब की श्रेणी में पहुंच गई थी। रात 11 बजे शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 359 पर पहुंच गया था। मंगलवार सुबह आठ बजे यह 400 के आंकड़े को पार गया और शाम तक इसमें बढ़ोतरी जारी रही।
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बादल और धुंध छाने की वजह
14 व 15 नवंबर को एक पश्चिमी विक्षोभ राजस्थान के ऊपर से गुजर रहा है। इसी वजह से हल्के बादल छाए हुए हैं। वहीं मौसम में नमी की मात्रा ज्यादा है और तापमान भी कम है, जिस कारण से यह धुंध छाई हुई है।
इन वजह से फिर दूषित हुई हवा
पर्यावरण विशेषज्ञ के अनुसार किसान निरंतर पराली जला रहे हैं। बरवाला स्थित थर्मल प्लांट में रोजाना लाखों किलो कोयला जलाया जाता है, जिससे काफी मात्रा में धुआं पैदा होता है। थर्मल प्लांट की सभी यूनिट निरंतर चल रही हैं। शहर में सभी फैक्ट्रियां चल रही हैं। वाहनों की संख्या में भी कोई कमी नहीं आई है। इसके अलावा नगर निगम के ढंढूर स्थित कचरा प्लांट में कचरा जलता रहता है। इसके अलावा वातावरण में तापमान में भी कमी आई है। इन सभी कारणों के कारण हवा फिर से दूषित हुई है।
इन कारणों से बनती है धुएं की चादर
वैसे तो वातावरण में हर समय धूल व धुुएं के कण मौजूद रहते हैं। मगर कभी-कभी व कुछ गतिविधियों से वातावरण में इनकी मात्रा बढ़ जाती है। अगर वातावरण में नमी की मात्रा ज्यादा है और तापमान भी कम है तो उस स्थिति में धूल व धुएं के कण नमी के साथ मिलकर बड़े आकार के व भारी हो जाते हैं और वातावरण से बाहर नहीं जा पाते। फिर यह धुएं की चादर के रूप में नजर आते हैं।
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अस्पतालों में दोबारा से सांस के रोगियों की संख्या बढ़ गई है। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान के ऊपर से एक पश्चिमी विक्षोभ गुजरेगा, जिससे 14 नवंबर की रात या 15 नवंबर को सिर्फ सिरसा जिले में बूंदाबांदी होगी। हालांकि इस दौरान जिले में तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे इस धुएं की राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।
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बता दें कि सोमवार को ही शहर में प्रदूषण की स्थिति बहुत खराब की श्रेणी में पहुंच गई थी। रात 11 बजे शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 359 पर पहुंच गया था। मंगलवार सुबह आठ बजे यह 400 के आंकड़े को पार गया और शाम तक इसमें बढ़ोतरी जारी रही।
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बादल और धुंध छाने की वजह
14 व 15 नवंबर को एक पश्चिमी विक्षोभ राजस्थान के ऊपर से गुजर रहा है। इसी वजह से हल्के बादल छाए हुए हैं। वहीं मौसम में नमी की मात्रा ज्यादा है और तापमान भी कम है, जिस कारण से यह धुंध छाई हुई है।
इन वजह से फिर दूषित हुई हवा
पर्यावरण विशेषज्ञ के अनुसार किसान निरंतर पराली जला रहे हैं। बरवाला स्थित थर्मल प्लांट में रोजाना लाखों किलो कोयला जलाया जाता है, जिससे काफी मात्रा में धुआं पैदा होता है। थर्मल प्लांट की सभी यूनिट निरंतर चल रही हैं। शहर में सभी फैक्ट्रियां चल रही हैं। वाहनों की संख्या में भी कोई कमी नहीं आई है। इसके अलावा नगर निगम के ढंढूर स्थित कचरा प्लांट में कचरा जलता रहता है। इसके अलावा वातावरण में तापमान में भी कमी आई है। इन सभी कारणों के कारण हवा फिर से दूषित हुई है।
इन कारणों से बनती है धुएं की चादर
वैसे तो वातावरण में हर समय धूल व धुुएं के कण मौजूद रहते हैं। मगर कभी-कभी व कुछ गतिविधियों से वातावरण में इनकी मात्रा बढ़ जाती है। अगर वातावरण में नमी की मात्रा ज्यादा है और तापमान भी कम है तो उस स्थिति में धूल व धुएं के कण नमी के साथ मिलकर बड़े आकार के व भारी हो जाते हैं और वातावरण से बाहर नहीं जा पाते। फिर यह धुएं की चादर के रूप में नजर आते हैं।
हर घंटे बढ़ता गया सूचकांक
समय-वायु गुणवत्ता सूचकांक
सुबह 7 बजे- 398
सुबह 8 बजे-402
सुबह 9 बजे-404
सुबह 10 बजे-406
सुबह 11 बजे-408
दोपहर 12 बजे-410
दोपहर 1 बजे-412
दोपहर 2 बजे-429
दोपहर 3 बजे-439
शाम 4 बजे-445
रात 8 बजे-477
वायु गुणवत्ता सूचकांक की स्थिति
0-50 - अच्छा
51-100 - संतोषजनक
101-200 - सामान्य
201-300 - खराब
301-400 - बहुत खराब
401-500 - खतरनाक
सुबह 7 बजे- 398
सुबह 8 बजे-402
सुबह 9 बजे-404
सुबह 10 बजे-406
सुबह 11 बजे-408
दोपहर 12 बजे-410
दोपहर 1 बजे-412
दोपहर 2 बजे-429
दोपहर 3 बजे-439
शाम 4 बजे-445
रात 8 बजे-477
वायु गुणवत्ता सूचकांक की स्थिति
0-50 - अच्छा
51-100 - संतोषजनक
101-200 - सामान्य
201-300 - खराब
301-400 - बहुत खराब
401-500 - खतरनाक
अस्पताल में बढ़ी सांस के मरीजों की ओपीडी
उधर, इस प्रदूषण का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने लगा है। नागरिक अस्पताल मेें सांस के मरीजों की ओपीडी में अचानक बढ़ोतरी हो गई है। चूंकि मंगलवार को नागरिक अस्पताल में ओपीडी बंद रही तो इमरजेंसी में काफी लोग सांस व आंखों में जलन संबंधी शिकायत लेकर पहुंचे। इससे पहले सोमवार को करीब सांस की तकलीफ वाले 200 मरीज पहुंचे।
नागरिक अस्पताल के फिजिशयन डॉ. ज्ञानेंद्र के मुताबिक इस मौसम में सांस के मरीजों को विशेष सावधानी बरती चाहिए। वह इस मौसम में ज्यादा समय तक घर से बाहर न रहें। बाहर निकलते समय मास्क आदि इस्तेमाल करें। यदि आंखों में जलन होती है तो आंखों को रगड़ने के बजाय ठंडे पानी से धोएं। अगर ज्यादा तकलीफ है तो तुरंत चिकित्सक को दिखाए।
ट्रेनें हुईं प्रभावित
- गोरखाधाम एक्सप्रेस सवा घंटा लेट
- रेवाड़ी-बठिंडा आधा घंटा लेट
- हिसार-जयपुर पौने घंटे लेट
- लुधियाना-भिवानी 25 मिनट लेट
दिन के तापमान में बढ़ोतरी तो रात के तापमान में मामूली गिरावट
इधर, बादलवाही के कारण दिन के तापमान में मामूली बढ़त और रात के तापमान में मामूली गिरावट आई। इस दौरान अधिकतम तापमान 27.4 व न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले सोमवार को अधिकतम तापमान 26.7 और न्यूनतम तापमान 11.2 और रविवार को अधिकतम तापमान 27.2 व न्यूनतम तापमान 11.2 सेल्सियस था।
नागरिक अस्पताल के फिजिशयन डॉ. ज्ञानेंद्र के मुताबिक इस मौसम में सांस के मरीजों को विशेष सावधानी बरती चाहिए। वह इस मौसम में ज्यादा समय तक घर से बाहर न रहें। बाहर निकलते समय मास्क आदि इस्तेमाल करें। यदि आंखों में जलन होती है तो आंखों को रगड़ने के बजाय ठंडे पानी से धोएं। अगर ज्यादा तकलीफ है तो तुरंत चिकित्सक को दिखाए।
ट्रेनें हुईं प्रभावित
- गोरखाधाम एक्सप्रेस सवा घंटा लेट
- रेवाड़ी-बठिंडा आधा घंटा लेट
- हिसार-जयपुर पौने घंटे लेट
- लुधियाना-भिवानी 25 मिनट लेट
दिन के तापमान में बढ़ोतरी तो रात के तापमान में मामूली गिरावट
इधर, बादलवाही के कारण दिन के तापमान में मामूली बढ़त और रात के तापमान में मामूली गिरावट आई। इस दौरान अधिकतम तापमान 27.4 व न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले सोमवार को अधिकतम तापमान 26.7 और न्यूनतम तापमान 11.2 और रविवार को अधिकतम तापमान 27.2 व न्यूनतम तापमान 11.2 सेल्सियस था।