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Hisar News: पुराने डंपिंग स्टेशन पर 15 फीट नीचे तक कचरे के ढेर
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ढंढूर का डंपिंग स्टेशन।
हिसार। नगर निगम के पुराने डंपिंग स्टेशन पर लगे कचरे के पहाड़ को बेशक खत्म किया जा चुका है, लेकिन इस स्टेशन पर जमीन के 15 फीट नीचे तक कचरा दबा है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल(एनजीटी) के डर से निगम प्रशासन ने इस कचरे के भी निस्तारण का फैसला किया है।
नगर निगम ने ढंढूर के सामने नेशनल हाईवे के किनारे डंपिंग स्टेशन बनाने के लिए राजकीय पशुधन फार्म से जमीन ली थी। कई वर्षों तक निगम यहां कचरा डालता रहा। निस्तारण व्यवस्था न होने से कचरे के ढेर लगते गए। अक्सर आग लगने की घटनाएं होने से ग्रामीण विरोध करते थे। धुएं से उन्हें काफी परेशानी होती थी। इसी बीच एयरपोर्ट पर हवाई पट्टी के विस्तार का कार्य शुरू हो गया था और यह डंपिंग स्टेशन एयरपोर्ट के 10 किलोमीटर के दायरे में आ गया था। इसे देखते हुए निगम ने करीब 4 साल पहले यहां 1.30 लाख टन लीगेसी वेस्ट के निस्तारण का टेंडर लगाया इस साइट पर कचरा डालना बंद भी बंद कर दिया। आईआआईटी रुड़की से करवाया कचरे का आकलन
निगम ने डंपिंग स्टेशन पर आईआईटी रुड़की से कचरे का आकलन करवाया तो उन्होंने सड़क के लेवल के हिसाब से आकलन किया। इंजीनियरों ने बताया कि स्टेशन पर फिलहाल करीब 70 हजार टन कचरा है। निगम की तरफ से सिरसा की एजेंसी को इस कचरे के निस्तारण का टेंडर अलॉट कर दिया गया।
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कचरा निस्तारण के बाद भी नहीं मिली जमीन तो सामने आया सच
सिरसा की एजेंसी द्वारा कचरा निस्तारण करने के बाद नीचे जमीन नहीं आई तो निगम ने एजेंसी से खोदाई करने को कहा। खोदाई करने पर पता चला कि करीब 15 फीट नीचे तक कचरा ही कचरा है। निगम अधिकारियों ने अंदाजा लगाया कि जिस समय यहां कचरा डालना शुरू किया, उससे पहले गड्ढे खोदे गए और फिर उन गड्ढों में कचरा डालना शुरू किया गया। हालांकि निगम इसका पता लगाने के लिए फिर से आकलन करवाएगा।
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पुराने डंपिंग स्टेशन पर जमीन के नीचे कई फीट तक कचरा पड़ा है। इसका आकलन करवाकर इसका निस्तारण करवाया जाएगा। - डॉ. प्रीतपाल, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम
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नगर निगम ने ढंढूर के सामने नेशनल हाईवे के किनारे डंपिंग स्टेशन बनाने के लिए राजकीय पशुधन फार्म से जमीन ली थी। कई वर्षों तक निगम यहां कचरा डालता रहा। निस्तारण व्यवस्था न होने से कचरे के ढेर लगते गए। अक्सर आग लगने की घटनाएं होने से ग्रामीण विरोध करते थे। धुएं से उन्हें काफी परेशानी होती थी। इसी बीच एयरपोर्ट पर हवाई पट्टी के विस्तार का कार्य शुरू हो गया था और यह डंपिंग स्टेशन एयरपोर्ट के 10 किलोमीटर के दायरे में आ गया था। इसे देखते हुए निगम ने करीब 4 साल पहले यहां 1.30 लाख टन लीगेसी वेस्ट के निस्तारण का टेंडर लगाया इस साइट पर कचरा डालना बंद भी बंद कर दिया। आईआआईटी रुड़की से करवाया कचरे का आकलन
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निगम ने डंपिंग स्टेशन पर आईआईटी रुड़की से कचरे का आकलन करवाया तो उन्होंने सड़क के लेवल के हिसाब से आकलन किया। इंजीनियरों ने बताया कि स्टेशन पर फिलहाल करीब 70 हजार टन कचरा है। निगम की तरफ से सिरसा की एजेंसी को इस कचरे के निस्तारण का टेंडर अलॉट कर दिया गया।
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कचरा निस्तारण के बाद भी नहीं मिली जमीन तो सामने आया सच
सिरसा की एजेंसी द्वारा कचरा निस्तारण करने के बाद नीचे जमीन नहीं आई तो निगम ने एजेंसी से खोदाई करने को कहा। खोदाई करने पर पता चला कि करीब 15 फीट नीचे तक कचरा ही कचरा है। निगम अधिकारियों ने अंदाजा लगाया कि जिस समय यहां कचरा डालना शुरू किया, उससे पहले गड्ढे खोदे गए और फिर उन गड्ढों में कचरा डालना शुरू किया गया। हालांकि निगम इसका पता लगाने के लिए फिर से आकलन करवाएगा।
पुराने डंपिंग स्टेशन पर जमीन के नीचे कई फीट तक कचरा पड़ा है। इसका आकलन करवाकर इसका निस्तारण करवाया जाएगा। - डॉ. प्रीतपाल, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम