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जीजेयू हॉस्टल में स्थायी रूम नहीं मिलने पर धरने पर बैठी छात्राएं
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हिसार- जीजेयू में धरने पर बैठी छात्राएं
- फोटो : Hisar
हिसार। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) में पढ़ने वाली दूरदराज की छात्राओं को भी हॉस्टल नहीं मिल रहा है। जो छात्राएं हॉस्टल में रह रही हैं उनको विश्वविद्यालय से बाहर कमरा लेने की बात कही है। इसके बाद गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में विभिन्न विभागों में पीएचडी कर रहीं छात्राएं बुधवार को कुलपति कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गईं।
छात्राओं ने विश्वविद्यालय के कुलपति से पत्र लिखकर मांग की है कि उन्हें विश्वविद्यालय के हॉस्टल में स्थायी कमरे अलॉट किए जाएं। कॉलेज व विश्वविद्यालय के छात्र संगठनों ने भी छात्राओं का समर्थन किया। छात्राओं का कहना है कि गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय प्रशासन भारत सरकार के अभियान बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की धज्जियां उड़ा रहा है।
महिला छात्रावास न. 4 में तीन सीट हैं तो तीन शोधार्थियों के अलावा किसी ओर को कमरा अलॉट न किया जाए। इस मांग पर चर्चा करने के बजाय जीजेयू प्रशासन महिला शोधार्थियों को बाहर कमरा लेने की सलाह देने लगा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बातचीत के लिए बुलाया लेकिन मांगों पर सहमति भी बनी। जिस कारण शोधार्थियों ने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने का निर्णय लिया।
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छात्राओं ने विश्वविद्यालय के कुलपति से पत्र लिखकर मांग की है कि उन्हें विश्वविद्यालय के हॉस्टल में स्थायी कमरे अलॉट किए जाएं। कॉलेज व विश्वविद्यालय के छात्र संगठनों ने भी छात्राओं का समर्थन किया। छात्राओं का कहना है कि गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय प्रशासन भारत सरकार के अभियान बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की धज्जियां उड़ा रहा है।
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महिला छात्रावास न. 4 में तीन सीट हैं तो तीन शोधार्थियों के अलावा किसी ओर को कमरा अलॉट न किया जाए। इस मांग पर चर्चा करने के बजाय जीजेयू प्रशासन महिला शोधार्थियों को बाहर कमरा लेने की सलाह देने लगा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बातचीत के लिए बुलाया लेकिन मांगों पर सहमति भी बनी। जिस कारण शोधार्थियों ने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने का निर्णय लिया।
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