{"_id":"6ac7fc2a46c0f9769f0c9cca","slug":"no-solution-reached-even-after-five-rounds-of-talks-researchers-protest-continues-hisar-news-c-21-hsr1020-969037-2026-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: पांच दौर की वार्ता के बाद भी नहीं निकला समाधान, शोधार्थियों का धरना जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: पांच दौर की वार्ता के बाद भी नहीं निकला समाधान, शोधार्थियों का धरना जारी
विज्ञापन
धरने पर बैठे विद्यार्थियों से बातचीत करते विवि प्रशासन के सदस्य।
हिसार। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में विभिन्न मांगों को लेकर शोधार्थियों का धरना जारी है। मांगों के समाधान के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से गठित कमेटी ने पिछले तीन दिनों में शोधार्थियों के प्रतिनिधियों के साथ पांच दौर की वार्ता की है, लेकिन अभी धरना समाप्त नहीं हुआ है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार शोधार्थियों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए उनके शैक्षणिक, प्रशासनिक, वित्तीय और नियामकीय पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। अधिकांश मुद्दों पर सकारात्मक प्रगति हुई है और कई मांगों पर सहमति बनने की स्थिति है। कुछ मुद्दों पर आवश्यक औपचारिकताओं और संबंधित प्रावधानों के अनुसार विचार-विमर्श जारी है।
प्रशासन ने कहा कि समस्याओं का स्थायी समाधान टकराव से नहीं, बल्कि संवाद, विश्वास और आपसी समझ से संभव है। पांच दौर की वार्ता को समाधान की दिशा में सकारात्मक संकेत बताते हुए प्रशासन ने उम्मीद जताई कि शोधार्थी जल्द धरना समाप्त कर शोध कार्य और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों को प्राथमिकता देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार शोधार्थियों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए उनके शैक्षणिक, प्रशासनिक, वित्तीय और नियामकीय पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। अधिकांश मुद्दों पर सकारात्मक प्रगति हुई है और कई मांगों पर सहमति बनने की स्थिति है। कुछ मुद्दों पर आवश्यक औपचारिकताओं और संबंधित प्रावधानों के अनुसार विचार-विमर्श जारी है।
विज्ञापन
प्रशासन ने कहा कि समस्याओं का स्थायी समाधान टकराव से नहीं, बल्कि संवाद, विश्वास और आपसी समझ से संभव है। पांच दौर की वार्ता को समाधान की दिशा में सकारात्मक संकेत बताते हुए प्रशासन ने उम्मीद जताई कि शोधार्थी जल्द धरना समाप्त कर शोध कार्य और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों को प्राथमिकता देंगे।
विज्ञापन