{"_id":"6852fe8a5ed4f602640bfa74","slug":"negotiations-will-be-held-with-the-agency-before-the-tender-allotment-for-the-proposed-rob-construction-at-ghodha-farm-railway-gate-hisar-news-c-21-hsr1005-649690-2025-06-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: घोड़ा फार्म रेलवे फाटक पर प्रस्तावित आरओबी निर्माण के टेंडर अलॉटमेंट से पहले एजेंसी के साथ होगा मोलभाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: घोड़ा फार्म रेलवे फाटक पर प्रस्तावित आरओबी निर्माण के टेंडर अलॉटमेंट से पहले एजेंसी के साथ होगा मोलभाव
Wed, 18 Jun 2025 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Wed, 18 Jun 2025 11:29 PM IST
विज्ञापन
हिसार सातरोड साउथ बायपास ओवर ब्रिज के पास रखे गर्डर
हिसार। घोड़ा फार्म रेलवे फाटक पर प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण का टेंडर अलॉट करने से पहले एजेंसी के साथ मोलभाव किया जाएगा। इसके लिए टेंडर अलॉटमेंट की फाइल डायरेक्टर ऑफ सप्लाई एंड डिस्पोजल्स कमेटी के पास भेजी जाएगी, जहां मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कमेटी की बैठक होगी। एजेंसी से मोलभाव के साथ टेंडर अलॉट किया जाएगा। अलॉटमेंट के बाद एजेंसी से बैंक गारंटी ली जाएगी, जिसके लिए उसे समय मिलेगा। बैंक गारंटी देने के बाद ही उसे वर्क ऑर्डर जारी किया जाएगा और फिर एजेंसी काम शुरू कर सकेगी। इस प्रक्रिया में एक माह से ज्यादा का समय लग सकता है।
बता दें कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद आरओबी की ड्राइंग बनवाने व मंजूर करवाने के लिए बीएंडआर ने अगस्त 2017 में कंसल्टेंट नियुक्त किया था। आरओबी के निर्माण के लिए सबसे पहले हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की मंजूर की जरूरत पड़ी, क्योंकि इसके निर्माण में शिक्षण संस्थानों के लिए छोड़ी गई जमीन व 45 फुट की सड़क आड़े आ रही थी। इसे देखते हुए बीएंडआर ने ड्राइंग में कुछ फेरबदल किए। इसके बाद एचएसवीपी मुख्यालय ने आरओबी निर्माण को मंजूरी दी। फिर बीएंडआर ने ड्राइंग बनवाकर मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजी तो यहां आरओबी में दिए गए 22 डिग्री के घुमाव पर आपत्ति जता दी गई। मगर स्थानीय अधिकारियों ने इस बारे में मुख्यालय को संतुष्ट कर दिया कि यह घुमाव पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा। इस पर मुख्यालय ने भी अपनी मंजूरी दे दी। बीएंडआर ने जून 2021 में आरओबी की ड्राइंग को रेलवे के पास मंजूरी के लिए भेजा था। मगर ड्राइंग पास करवाने के लिए नियुक्त कंसल्टेंट की कार्यप्रणाली ठीक न रहने की वजह से यह पास नहीं हो सकी। आखिर में अधिकारियों को कंसल्टेंट पर क्लॉज तीन लगाकर उसे हटा दिया गया और नए कंसल्टेंट को नियुक्त किया गया। जुलाई 2024 में रेलवे ने ड्राइंग को मंजूरी दी।
890 मीटर लंबा होगा आरओबी
इस आरओबी की लंबाई करीब 890 मीटर होगी। इसके साथ ही यह शहर का दूसरा सबसे लंबा आरओबी होगा। आरओबी की चौड़ाई 12 मीटर होगी, जिसमें वाहनों के लिए चलने वाले हिस्से की चौड़ाई 11 मीटर होगी। इसके निर्माण पर करीब 40.39 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
विज्ञापन
फाटक मुक्त हो जाएगा साउथ बाईपास
साउथ बाईपास पर तीन रेलवे फाटक थे। इनमें से सेक्टर 16-17 रेलवे फाटक पर आरओबी बन चुका है और सातरोड के पास आरओबी का निर्माण जारी है, जो अप्रैल तक बनकर तैयार हो जाएगा। घोड़ा फार्म रेलवे फाटक पर आरओबी बनने से यह बाईपास फाटक मुक्त हो जाएगा। इस आरओबी के बनने से ऋषि नगर एरिया, सेक्टर 14, सेक्टर 14 पार्ट टू व सेक्टर 33 के निवासियों को फायदा होगा। इसके बाद वाहन बिना रुके सरपट दौड़ सकेंगे। फिलहाल इस बाईपास से प्रतिदिन 10 हजार वाहन गुजर रहे हैं।
सातरोड आरओबी के गर्डर निर्माण स्थल पर पहुंचे, अभी थर्ड पार्टी करेगी एक और निरीक्षण
उधर, सातरोड आरओबी के गर्डर निर्माण स्थल पर पहुंच गए हैं। हालांकि अभी गर्डर के रखने से पहले थर्ड पार्टी इनका एक और बार निरीक्षण करेगी। वहीं बीएंडआर की तरफ से गर्डर रखने के लिए ट्रैफिक वर्किंग ऑपरेशन रेलवे को भेज दिया है। इसके अनुसार प्रतिदिन एक गर्डर रखने का शेड्यूल बनाकर भेजा गया है। अब रेलवे गर्डर रखने का शेड्यूल जारी करेगा। आरओबी पर 6 स्टील कंपोजिट गर्डर रखे जाने हैं। इसके अलावा आरओबी की समय सीमा बढ़ाकर 30 अगस्त कर दी गई है। बीएंडआर ने अब पांचवीं बार इस प्रोजेक्ट की समय सीमा बढ़ाई है। इसके निर्माण पर 31.10 करोड़ रुपये लागत आएगी। इसकी कुल लंबाई 658 मीटर होगी।
सातरोड आरओबी के कंपोजिट गर्डर आ गए हैं। अभी थर्ड पार्टी एक बार और इनका निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट देगी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर इन्हें हरी झंडी दी जाएगी। घोड़ा फार्म आरओबी की फाइल अभी डायरेक्टर ऑफ सप्लाई एंड डिस्पोजल्स कमेटी के पास नेगोसिएशन के लिए भेजी जाएगी।
-सचिन भाटी, एक्सईएन, बीएंडआर।
विज्ञापन
बता दें कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद आरओबी की ड्राइंग बनवाने व मंजूर करवाने के लिए बीएंडआर ने अगस्त 2017 में कंसल्टेंट नियुक्त किया था। आरओबी के निर्माण के लिए सबसे पहले हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की मंजूर की जरूरत पड़ी, क्योंकि इसके निर्माण में शिक्षण संस्थानों के लिए छोड़ी गई जमीन व 45 फुट की सड़क आड़े आ रही थी। इसे देखते हुए बीएंडआर ने ड्राइंग में कुछ फेरबदल किए। इसके बाद एचएसवीपी मुख्यालय ने आरओबी निर्माण को मंजूरी दी। फिर बीएंडआर ने ड्राइंग बनवाकर मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजी तो यहां आरओबी में दिए गए 22 डिग्री के घुमाव पर आपत्ति जता दी गई। मगर स्थानीय अधिकारियों ने इस बारे में मुख्यालय को संतुष्ट कर दिया कि यह घुमाव पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा। इस पर मुख्यालय ने भी अपनी मंजूरी दे दी। बीएंडआर ने जून 2021 में आरओबी की ड्राइंग को रेलवे के पास मंजूरी के लिए भेजा था। मगर ड्राइंग पास करवाने के लिए नियुक्त कंसल्टेंट की कार्यप्रणाली ठीक न रहने की वजह से यह पास नहीं हो सकी। आखिर में अधिकारियों को कंसल्टेंट पर क्लॉज तीन लगाकर उसे हटा दिया गया और नए कंसल्टेंट को नियुक्त किया गया। जुलाई 2024 में रेलवे ने ड्राइंग को मंजूरी दी।
विज्ञापन
890 मीटर लंबा होगा आरओबी
इस आरओबी की लंबाई करीब 890 मीटर होगी। इसके साथ ही यह शहर का दूसरा सबसे लंबा आरओबी होगा। आरओबी की चौड़ाई 12 मीटर होगी, जिसमें वाहनों के लिए चलने वाले हिस्से की चौड़ाई 11 मीटर होगी। इसके निर्माण पर करीब 40.39 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
विज्ञापन
फाटक मुक्त हो जाएगा साउथ बाईपास
साउथ बाईपास पर तीन रेलवे फाटक थे। इनमें से सेक्टर 16-17 रेलवे फाटक पर आरओबी बन चुका है और सातरोड के पास आरओबी का निर्माण जारी है, जो अप्रैल तक बनकर तैयार हो जाएगा। घोड़ा फार्म रेलवे फाटक पर आरओबी बनने से यह बाईपास फाटक मुक्त हो जाएगा। इस आरओबी के बनने से ऋषि नगर एरिया, सेक्टर 14, सेक्टर 14 पार्ट टू व सेक्टर 33 के निवासियों को फायदा होगा। इसके बाद वाहन बिना रुके सरपट दौड़ सकेंगे। फिलहाल इस बाईपास से प्रतिदिन 10 हजार वाहन गुजर रहे हैं।
सातरोड आरओबी के गर्डर निर्माण स्थल पर पहुंचे, अभी थर्ड पार्टी करेगी एक और निरीक्षण
उधर, सातरोड आरओबी के गर्डर निर्माण स्थल पर पहुंच गए हैं। हालांकि अभी गर्डर के रखने से पहले थर्ड पार्टी इनका एक और बार निरीक्षण करेगी। वहीं बीएंडआर की तरफ से गर्डर रखने के लिए ट्रैफिक वर्किंग ऑपरेशन रेलवे को भेज दिया है। इसके अनुसार प्रतिदिन एक गर्डर रखने का शेड्यूल बनाकर भेजा गया है। अब रेलवे गर्डर रखने का शेड्यूल जारी करेगा। आरओबी पर 6 स्टील कंपोजिट गर्डर रखे जाने हैं। इसके अलावा आरओबी की समय सीमा बढ़ाकर 30 अगस्त कर दी गई है। बीएंडआर ने अब पांचवीं बार इस प्रोजेक्ट की समय सीमा बढ़ाई है। इसके निर्माण पर 31.10 करोड़ रुपये लागत आएगी। इसकी कुल लंबाई 658 मीटर होगी।
सातरोड आरओबी के कंपोजिट गर्डर आ गए हैं। अभी थर्ड पार्टी एक बार और इनका निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट देगी। उनकी रिपोर्ट के आधार पर इन्हें हरी झंडी दी जाएगी। घोड़ा फार्म आरओबी की फाइल अभी डायरेक्टर ऑफ सप्लाई एंड डिस्पोजल्स कमेटी के पास नेगोसिएशन के लिए भेजी जाएगी।
-सचिन भाटी, एक्सईएन, बीएंडआर।