{"_id":"68c862a256881e0b82001ba7","slug":"mini-secretariat-was-cordoned-off-for-compensation-hisar-news-c-21-hsr1020-710441-2025-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: मुआवजा के लिए किया लघु सचिवालय का घेराव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: मुआवजा के लिए किया लघु सचिवालय का घेराव
विज्ञापन
विज्ञापन
हिसार। अखिल भारतीय किसान सभा, सीआईटीयू, नौजवान सभा और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों ने सोमवार को जलभराव से हुए नुकसान के मुआवजे, खेत मजदूरों के लिए तीन महीने की दिहाड़ी, टूटे मकानों के लिए 10 लाख देने सहित अन्य मांगाें के लिए लघु सचिवालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने करीब एक घंटे तक लघु सचिवालय गेट पर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों को देखकर पुलिस कर्मियों ने लघु सचिवालय के दोनों गेट बंद कर दिए।
कामरेड इंद्रजीत सिंह ने कहा कि गांव में हुए जलभराव के बाद पानी निकासी के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। ग्रामीण अपने सामूहिक प्रयास से ही पानी निकाल रहे हैं। यह प्राकृतिक आपदा नहीं प्रशासनिक की विफलता के कारण आई बाढ़ थी।
जनवादी महिला समिति की जिला अध्यक्ष शकुंतला जाखड़ ने कहा कि इस बाढ़ से किसानों के साथ हर एक वर्ग को नुकसान हुआ है। किसानों को 70 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया जाए। अगली फसल की बिजाई के लिए खाद-बीज निशुल्क दिया जाए। सभी प्रकार के मजदूरों को तीन महीने का वेतन दिया जाए।
विज्ञापन
कामरेड इंद्रजीत सिंह ने कहा कि गांव में हुए जलभराव के बाद पानी निकासी के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। ग्रामीण अपने सामूहिक प्रयास से ही पानी निकाल रहे हैं। यह प्राकृतिक आपदा नहीं प्रशासनिक की विफलता के कारण आई बाढ़ थी।
विज्ञापन
जनवादी महिला समिति की जिला अध्यक्ष शकुंतला जाखड़ ने कहा कि इस बाढ़ से किसानों के साथ हर एक वर्ग को नुकसान हुआ है। किसानों को 70 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया जाए। अगली फसल की बिजाई के लिए खाद-बीज निशुल्क दिया जाए। सभी प्रकार के मजदूरों को तीन महीने का वेतन दिया जाए।
विज्ञापन