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Hisar News: जिले के 54 स्कूलों में बच्चों के सीखने की क्षमता की हो रही जांच, इस माह में पूरा होगा मूल्यांकन कार्य
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हिसार। निपुण हरियाणा मिशन के तहत राज्यभर में बच्चों की सीखने की क्षमता (लर्निंग लेवल) का एंडलाइन असेसमेंट शुरू हो गया है। इस मूल्यांकन को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए शिक्षा विभाग से अलग एक तीसरी पार्टी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस टीम के साथ बीएड के विद्यार्थियों की ड्यूटी लगाई गई है, जिन्हें पहले फतेहाबाद में विशेष प्रशिक्षण देकर आकलन के तौर-तरीकों से अवगत कराया गया। एफएलएन ब्लॉक कोऑर्डिनेटर डॉ. शिल्पा कंबोज ने बताया कि जिले के 54 स्कूलों में बच्चों के सीखने की क्षमता की जांच की जा रही है।
बच्चों की पढ़ने-लिखने और गणितीय दक्षता की होगी जांच
डॉ. शिल्पा ने बताया कि निपुण भारत मिशन (एफएलएन) का लक्ष्य वर्ष 2026-27 तक पहली से तीसरी कक्षा तक के बच्चों को मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान में निपुण बनाना है। असेसमेंट के जरिए यह जांचा जा रहा है कि बच्चे पढ़ने, लिखने और गणितीय समझ जैसे बुनियादी कौशलों में किस स्तर तक पहुंचे हैं। साथ ही यह भी आकलन किया जा रहा है कि हरियाणा अपने निर्धारित लक्ष्य के कितने करीब है और कौन से जिले बच्चों की सीखने की स्थिति में आगे या पीछे हैं।
हिसार के नौ ब्लॉकों के चुने गए स्कूल
हिसार जिले में नौ ब्लॉकों में से कुल 54 स्कूलों का रैंडम चयन किया गया है। हिसार-1 और हिसार-2 जैसे बड़े ब्लॉकों से करीब 10-10 स्कूल शामिल किए गए हैं। प्रत्येक बीएड छात्र को दो से तीन स्कूलों में मूल्यांकन का कार्य सौंपा गया है। हर स्कूल में तीन दिन तक आकलन चलेगा, जिसमें हर दिन एक कक्षा (दूसरी, तीसरी और चौथी) के बच्चों का मूल्यांकन किया जाएगा।
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अक्तूबर के अंत तक पूरा होगा कार्य
असेसमेंट 13 अक्तूबर से शुरू हुआ है और इसे माह के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रक्रिया से राज्य शिक्षा विभाग को यह समझने में मदद मिलेगी कि निपुण हरियाणा मिशन के तहत सीखने के लक्ष्य किस हद तक पूरे हो पाए हैं और आगे किन सुधारों की जरूरत है।
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बच्चों की पढ़ने-लिखने और गणितीय दक्षता की होगी जांच
डॉ. शिल्पा ने बताया कि निपुण भारत मिशन (एफएलएन) का लक्ष्य वर्ष 2026-27 तक पहली से तीसरी कक्षा तक के बच्चों को मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान में निपुण बनाना है। असेसमेंट के जरिए यह जांचा जा रहा है कि बच्चे पढ़ने, लिखने और गणितीय समझ जैसे बुनियादी कौशलों में किस स्तर तक पहुंचे हैं। साथ ही यह भी आकलन किया जा रहा है कि हरियाणा अपने निर्धारित लक्ष्य के कितने करीब है और कौन से जिले बच्चों की सीखने की स्थिति में आगे या पीछे हैं।
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हिसार के नौ ब्लॉकों के चुने गए स्कूल
हिसार जिले में नौ ब्लॉकों में से कुल 54 स्कूलों का रैंडम चयन किया गया है। हिसार-1 और हिसार-2 जैसे बड़े ब्लॉकों से करीब 10-10 स्कूल शामिल किए गए हैं। प्रत्येक बीएड छात्र को दो से तीन स्कूलों में मूल्यांकन का कार्य सौंपा गया है। हर स्कूल में तीन दिन तक आकलन चलेगा, जिसमें हर दिन एक कक्षा (दूसरी, तीसरी और चौथी) के बच्चों का मूल्यांकन किया जाएगा।
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अक्तूबर के अंत तक पूरा होगा कार्य
असेसमेंट 13 अक्तूबर से शुरू हुआ है और इसे माह के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रक्रिया से राज्य शिक्षा विभाग को यह समझने में मदद मिलेगी कि निपुण हरियाणा मिशन के तहत सीखने के लक्ष्य किस हद तक पूरे हो पाए हैं और आगे किन सुधारों की जरूरत है।