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Hisar News: एचपीवी वैक्सीनेशन लक्ष्य से बहुत पीछे...52 दिन में 225 ने ही लगवाई
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हिसार। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 90 दिन में लगभग 20 हजार किशोरियों को एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा हुआ है लेकिन 52 दिन में मात्र 225 ने ही वैक्सीन लगवाई है। चिकित्सकों के मुताबिक कई भ्रांतियां टीकाकरण के लक्ष्य में बाधा बनी हुई है।
विभाग इस संबंध में लोगों को जागरूक करने में लगा हुआ है ताकि टीकाकरण कर बच्चियों को भविष्य में होने वाली इस खतरनाक बीमारी से बचाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सर्विकल कैंसर (बच्चेदानी के मुंह का कैंसर) की रोकथाम के लिए 28 फरवरी से एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन लगाने का अभियान शुरू किया गया था।
इस अभियान के तहत 14 से 15 साल किशोरियों को यह वैक्सीन निशुल्क लगाई जा रही है। तीन माह तक लगातार यह अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान करीब 18 से 20 हजार किशोरियों को यह वैक्सीन लगाई जानी है।
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चिकित्सकों के अनुसार लोगों में भ्रांति हैं कि इस वैक्सीन के लगवाने से भविष्य में फर्टिलिटी संबंधित परेशानी आ सकती है। इसके अलावा वैक्सीन के लगवाने के बाद बुखार आता है। चिकित्सकों के मुताबिक वह फील्ड में जाकर लोगों की इन भ्रांतियों को दूर कर हैं। वह लोगों को बताते हैं कि बच्चेदानी के मुंह का कैंसर महिलाओं में दूसरा सबसे बड़ी संख्या में पाए जाने वाला कैंसर है।
इस वैक्सीन के लगवाने से फर्टिलिटी संबंधी कोई कठिनाई नहीं आती है। इसमें कोई बुखार भी नहीं आता है। विश्व के 160 देशों में यह वैक्सीन लगाई जा चुकी है। यह वैक्सीन डब्ल्यूएचओ और आईसीएमआर से प्रमाणित है। निजी अस्पतालों में यह वैक्सीन काफी समय से लगाई जा रही है लेकिन वहां ये वैक्सीन काफी महंगी है जबकि सरकारी अस्पतालों में यह निशुल्क उपलब्ध है।
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विभाग इस संबंध में लोगों को जागरूक करने में लगा हुआ है ताकि टीकाकरण कर बच्चियों को भविष्य में होने वाली इस खतरनाक बीमारी से बचाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सर्विकल कैंसर (बच्चेदानी के मुंह का कैंसर) की रोकथाम के लिए 28 फरवरी से एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन लगाने का अभियान शुरू किया गया था।
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इस अभियान के तहत 14 से 15 साल किशोरियों को यह वैक्सीन निशुल्क लगाई जा रही है। तीन माह तक लगातार यह अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान करीब 18 से 20 हजार किशोरियों को यह वैक्सीन लगाई जानी है।
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चिकित्सकों के अनुसार लोगों में भ्रांति हैं कि इस वैक्सीन के लगवाने से भविष्य में फर्टिलिटी संबंधित परेशानी आ सकती है। इसके अलावा वैक्सीन के लगवाने के बाद बुखार आता है। चिकित्सकों के मुताबिक वह फील्ड में जाकर लोगों की इन भ्रांतियों को दूर कर हैं। वह लोगों को बताते हैं कि बच्चेदानी के मुंह का कैंसर महिलाओं में दूसरा सबसे बड़ी संख्या में पाए जाने वाला कैंसर है।
इस वैक्सीन के लगवाने से फर्टिलिटी संबंधी कोई कठिनाई नहीं आती है। इसमें कोई बुखार भी नहीं आता है। विश्व के 160 देशों में यह वैक्सीन लगाई जा चुकी है। यह वैक्सीन डब्ल्यूएचओ और आईसीएमआर से प्रमाणित है। निजी अस्पतालों में यह वैक्सीन काफी समय से लगाई जा रही है लेकिन वहां ये वैक्सीन काफी महंगी है जबकि सरकारी अस्पतालों में यह निशुल्क उपलब्ध है।