{"_id":"660fecb220881fd3400cfe8e","slug":"hisar-farmers-showed-black-flags-to-dushyant-chautala-in-village-nada-2024-04-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar: गांव नाड़ा में किसानों ने दुष्यंत चौटाला को दिखाए काले झंडे, गाड़ी के सामने खड़े होकर नारेबाजी की","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar: गांव नाड़ा में किसानों ने दुष्यंत चौटाला को दिखाए काले झंडे, गाड़ी के सामने खड़े होकर नारेबाजी की
Fri, 05 Apr 2024 05:51 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Fri, 05 Apr 2024 05:51 PM IST
सार
किसानों ने गाड़ी के सामने खड़े होकर नारेबाजी की। किसानों के हत्यारे मुर्दाबाद के नारे लगाए गए। दुष्यंत ने किसानों से बातचीत करने का प्रयास किया, फिर वहां से चले गए।
विज्ञापन
दुष्यंत चौटाला का विरोध करते किसान।
- फोटो : संवाद
विस्तार
हरियाणा के हिसार के नारनौंद उपमंडल गांव के नाड़ा में प्रदर्शनकारी किसानों ने पूर्व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला को काले झंडे दिखाकर विरोध किया। प्रदर्शनकारी किसानों ने दुष्यंत चौटाला के काफिले को रोक लिया। रोड पर किसानों का प्रदर्शन देखकर दुष्यंत चौटाला गाड़ी से नीचे उतरे। कुछ देर तक उन्होंने किसानों से बातचीत का प्रयास किया। किसानों ने किसानों के हत्यारे मुर्दाबाद के नारे लगाए। जब किसान सवाल जवाब करने लगे तो दुष्यंत चौटाला गाड़ी में बैठक कर वापस चले गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला लोकसभा चुनाव को लेकर प्रचार अभियान के तहत गांव नाड़ा पहुंचे थे। यहां कुछ किसान सड़क पर खड़े होकर इंतजार कर रहे थे। प्रदर्शनकारी किसान सड़क के बीच खड़े हो गए। किसानों ने नारेबाजी विरोध किया। किसानों ने कहा कि दुष्यंत को जाना हो तो पैदल जाएं।
विज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हमने दुष्यंत चौटाला को वोट दिया लेकिन इन्होंने लोगों के साथ गद्दारी करते हुए भाजपा का साथ दिया। किसानों ने जजपा भाजपा की बी टीम बन कर काम कर रही है। यह लोग अलग अलग होने का नाटक कर रहे हैं।
किसानों ने कहा कि दुष्यंत चौटाला ने किसान आंदोलन के समय मृत 750 किसानों के लिए कभी आवाज नहीं उठाई। आज किसानों की वोट मांगने कैसे आ गए। किसानों ने कहा कि हम दिल्ली जा रहे थे तब किसानों को यहां पर रोक लिया गया। तब दुष्यंत चौटाला सरकार में थे उस समय किसानों का साथ क्यों नहीं दिया।