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क्षमा भाव आत्मा का सहज गुण है : श्वेता दीदी
Sun, 07 Sep 2025 02:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 07 Sep 2025 02:31 AM IST
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हिसार। श्री दिगंबर जैन संप्रदाय में दस लक्षण महापर्व के दौरान शनिवार को दसवां दिन धर्म उत्तम क्षमा धर्म का रहा। मंदिर में विराजमान बालब्रह्मचारिणी श्वेता दीदी एवं लीला दीदी ने कहा कि क्षमा भाव आत्मा का सहज गुण है और नकारात्मक भावनाओं जैसे क्रोध और द्वेष को त्यागने में सहायक रहता है।
श्वेता दीदी ने कहा कि दस लक्षण पर्व के ये 10 दिन बहुत ही त्याग, तपस्या, दानशीलता, सहजता के होते हैं। इन पर्व के दिनों में जैन बंधु प्रतिदिन देव दर्शन, पूजन, अभिषेक, शांति धारा करते हैं। यथा शक्ति रात्रि भोजन का त्याग, ब्रह्मचर्य का पालन, स्वाध्याय, जमीकंद का त्याग, पानी छानकर पीना, सौंदर्य प्रसाधन का त्याग, अधिक से अधिक मौन व्रत, सोशल मीडिया से दूरी, झूठ बोलने का त्याग, शक्ति के अनुसार अष्टमी चतुर्दशी का उपवास करते हैं।
उन्होंने कहा कि श्वेता दीदी ने कहा कि यह आत्मा का धर्म है और सम्यगदर्शन, ज्ञान व चरित्र का सच्चा भंडार है। क्षमा धारण करने से व्यक्ति अपने इष्ट कार्य की सिद्धि कर सकता है और आत्म कल्याण प्राप्त कर सकता है। संसार से मुक्ति, क्षमा क्रोध जैसे कषायों से मुक्ति दिलाती है। इससे व्यक्ति के नकारात्मक परिणाम समाप्त होते है और वह संसार में भटकने से बचता है। जो क्षमावान होता है उसका इस संसार में कोई शत्रु नहीं होता है।
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श्री दिगंबर जैन पंचायत हिसार के अध्यक्ष नवीन जैन ने बताया कि अनन्त चतुर्दशी पर्व पर हिसार स्थित तीनों दिगंबर जैन मंदिरों में श्री जी का अभिषेक एवं शांति धारा की गई। कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण जैन ने बताया कि रविवार सुबह 10 दिन से चले आ रहे अखंड श्री णमोकार महामंत्र पाठ का निष्ठापन किया जाएगा।
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श्वेता दीदी ने कहा कि दस लक्षण पर्व के ये 10 दिन बहुत ही त्याग, तपस्या, दानशीलता, सहजता के होते हैं। इन पर्व के दिनों में जैन बंधु प्रतिदिन देव दर्शन, पूजन, अभिषेक, शांति धारा करते हैं। यथा शक्ति रात्रि भोजन का त्याग, ब्रह्मचर्य का पालन, स्वाध्याय, जमीकंद का त्याग, पानी छानकर पीना, सौंदर्य प्रसाधन का त्याग, अधिक से अधिक मौन व्रत, सोशल मीडिया से दूरी, झूठ बोलने का त्याग, शक्ति के अनुसार अष्टमी चतुर्दशी का उपवास करते हैं।
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उन्होंने कहा कि श्वेता दीदी ने कहा कि यह आत्मा का धर्म है और सम्यगदर्शन, ज्ञान व चरित्र का सच्चा भंडार है। क्षमा धारण करने से व्यक्ति अपने इष्ट कार्य की सिद्धि कर सकता है और आत्म कल्याण प्राप्त कर सकता है। संसार से मुक्ति, क्षमा क्रोध जैसे कषायों से मुक्ति दिलाती है। इससे व्यक्ति के नकारात्मक परिणाम समाप्त होते है और वह संसार में भटकने से बचता है। जो क्षमावान होता है उसका इस संसार में कोई शत्रु नहीं होता है।
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श्री दिगंबर जैन पंचायत हिसार के अध्यक्ष नवीन जैन ने बताया कि अनन्त चतुर्दशी पर्व पर हिसार स्थित तीनों दिगंबर जैन मंदिरों में श्री जी का अभिषेक एवं शांति धारा की गई। कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण जैन ने बताया कि रविवार सुबह 10 दिन से चले आ रहे अखंड श्री णमोकार महामंत्र पाठ का निष्ठापन किया जाएगा।