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Hisar News: डीएपी की किल्लत से किसानों की चिंता बढ़ी
Tue, 22 Sep 2026 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Tue, 22 Sep 2026 12:44 AM IST
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हिसार। रबी सीजन की फसलों की बिजाई का समय करीब आते ही किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहराने लगी हैं। डीएपी की मांग बढ़ गई है लेकिन जिले में मांग के मुकाबले आपूर्ति कम होने से किसान व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
किसान केंद्र पर इस सप्ताह शनिवार को डीएपी के केवल एक हजार कट्टे पहुंचे जो मांग अधिक होने के कारण पहुंचते ही वितरित हो गए। फिलहाल किसानों को अगली खेप का इंतजार है। इफको किसान सेवा केंद्र पर 21 सितंबर की स्थिति के अनुसार यूरिया के 660 कट्टे उपलब्ध हैं।
किसानों के अनुसार बिजाई सीजन में जिले में रोजाना करीब पांच हजार कट्टे डीएपी की जरूरत रहती है। इसके मुकाबले इस सप्ताह केवल एक हजार कट्टे ही पहुंच सके। फिलहाल एक किसान को चार कट्टे डीएपी दिए जा रहे हैं।
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सितंबर के अंतिम सप्ताह से सिंचित क्षेत्रों में सरसों की अगेती बिजाई शुरू हो जाती है। अक्टूबर के पहले सप्ताह में चने की बिजाई शुरू होती है जबकि गेहूं और जौ की बिजाई अक्तूबर के अंतिम सप्ताह से नवंबर तक चलती है। इसी अवधि में पशुओं के लिए हरे चारे की बिजाई भी की जाती है। इससे डीएपी की मांग बढ़ गई है।
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अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर खाद उपलब्ध करवाने की मांग की जा चुकी है। बिजाई के समय किसानों को आवश्यकता के अनुसार डीएपी नहीं मिल रही। - दिलबाग हुड्डा, किसान नेता, भाकियू, अंबावता हिसार।
मांग के हिसाब से अभी डीएपी की आपूर्ति कम हो रही है। केंद्र की ओर से फिलहाल दो हजार कट्टों की मांग भेजी गई है। मनोज कुमार, इंचार्ज, किसान सेवा केंद्र, हिसार
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किसान केंद्र पर इस सप्ताह शनिवार को डीएपी के केवल एक हजार कट्टे पहुंचे जो मांग अधिक होने के कारण पहुंचते ही वितरित हो गए। फिलहाल किसानों को अगली खेप का इंतजार है। इफको किसान सेवा केंद्र पर 21 सितंबर की स्थिति के अनुसार यूरिया के 660 कट्टे उपलब्ध हैं।
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किसानों के अनुसार बिजाई सीजन में जिले में रोजाना करीब पांच हजार कट्टे डीएपी की जरूरत रहती है। इसके मुकाबले इस सप्ताह केवल एक हजार कट्टे ही पहुंच सके। फिलहाल एक किसान को चार कट्टे डीएपी दिए जा रहे हैं।
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सितंबर के अंतिम सप्ताह से सिंचित क्षेत्रों में सरसों की अगेती बिजाई शुरू हो जाती है। अक्टूबर के पहले सप्ताह में चने की बिजाई शुरू होती है जबकि गेहूं और जौ की बिजाई अक्तूबर के अंतिम सप्ताह से नवंबर तक चलती है। इसी अवधि में पशुओं के लिए हरे चारे की बिजाई भी की जाती है। इससे डीएपी की मांग बढ़ गई है।
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अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर खाद उपलब्ध करवाने की मांग की जा चुकी है। बिजाई के समय किसानों को आवश्यकता के अनुसार डीएपी नहीं मिल रही। - दिलबाग हुड्डा, किसान नेता, भाकियू, अंबावता हिसार।
मांग के हिसाब से अभी डीएपी की आपूर्ति कम हो रही है। केंद्र की ओर से फिलहाल दो हजार कट्टों की मांग भेजी गई है। मनोज कुमार, इंचार्ज, किसान सेवा केंद्र, हिसार