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Hisar News: खाद के इंतजार में किसान, बुआई पर संकट के बादल
Fri, 09 Oct 2026 02:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Fri, 09 Oct 2026 02:00 AM IST
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हांसी। रबी फसलों की बुवाई के बीच डीएपी खाद की क मी से हांसी क्षेत्र के किसान परेशान हैं। गेहूं और सरसों की बुवाई के लिए खाद की जरूरत के बावजूद सरकारी गोदामों और सहकारी समितियों में मांग के मुकाबले कम आपूर्ति होने से किसानों को घंटों कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।
महिलाओं और बुजुर्ग किसानों को भी सुबह से अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। उनका कहना है गेहूं और सरसों की बुवाई का समय निकलता जा रहा है। समय पर खाद नहीं मिलने से बुवाई प्रभावित होने की चिंता है। किसानों ने प्रशासन से पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने और वितरण व्यवस्था सुचारु करने की मांग की है।
किसानों का आरोप है कि वह तीन-चार दिन से खाद के लिए मंडी और सहकारी समितियों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन पर्याप्त खाद नहीं मिल रही। भीड़ अधिक होने से वितरण में भी देरी हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि दावा किया जा रहा है पर्याप्त खाद उपलब्ध है तो सरकारी केंद्रों पर किसानों को क्यों नहीं मिल रही।
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करीब एक सप्ताह से डीएपी खाद की नई खेप नहीं आई है। केंद्र पर करीब 1500 बैग की रैक पहुंची थी जिसमें से लगभग 1100 बैग किसानों को वितरित किए जा चुके हैं। किसानों को खाद उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं। आज्ञाराम, इंचार्ज, इफको किसान सेवा केंद्र।
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तीन दिन से डीएपी के लिए लगातार चक्कर लगा रहा हूं। सुबह चार बजे ही लाइन में लग गया था लेकिन अब तक खाद नहीं मिल पाई है। खेती का समय निकल रहा है और ऐसी स्थिति में फसल की बुवाई प्रभावित होने का डर बना है। -दीपचन्द, बड़सी
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सुबह से खाद लेने के लिए कतार में खड़ी हूं। घंटों इंतजार के बावजूद यह पता नहीं कि खाद मिलेगी या नहीं। किसान पहले ही खेती के खर्च से परेशान हैं। समय पर डीएपी नहीं मिली तो सरसों की बुवाई पर असर पड़ेगा।- शकुंतला, रोहनात
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सरकारी केंद्र पर खाद के लिए किसान परेशान हो रहे हैं जबकि निजी दुकानों पर अधिक दाम में खाद मिलने की चर्चा है। अगर बाजार में खाद उपलब्ध है तो सरकारी केंद्रों पर किसानों को इसकी आपूर्ति क्यों नहीं की जा रही, प्रशासन जांच करे। -कृष्ण कुमार, रामायण
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डीएपी की कमी ने किसानों की मुश्किल बढ़ा दी है। कई किसान लगातार केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन जरूरत के मुताबिक खाद नहीं मिल रही। गेहूं और सरसों की बुवाई का समय चल रहा है, ऐसे में प्रशासन को तुरंत व्यवस्था सुधारनी चाहिए। राजेश, सुल्तानपुर
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महिलाओं और बुजुर्ग किसानों को भी सुबह से अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। उनका कहना है गेहूं और सरसों की बुवाई का समय निकलता जा रहा है। समय पर खाद नहीं मिलने से बुवाई प्रभावित होने की चिंता है। किसानों ने प्रशासन से पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने और वितरण व्यवस्था सुचारु करने की मांग की है।
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किसानों का आरोप है कि वह तीन-चार दिन से खाद के लिए मंडी और सहकारी समितियों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन पर्याप्त खाद नहीं मिल रही। भीड़ अधिक होने से वितरण में भी देरी हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि दावा किया जा रहा है पर्याप्त खाद उपलब्ध है तो सरकारी केंद्रों पर किसानों को क्यों नहीं मिल रही।
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करीब एक सप्ताह से डीएपी खाद की नई खेप नहीं आई है। केंद्र पर करीब 1500 बैग की रैक पहुंची थी जिसमें से लगभग 1100 बैग किसानों को वितरित किए जा चुके हैं। किसानों को खाद उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं। आज्ञाराम, इंचार्ज, इफको किसान सेवा केंद्र।
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तीन दिन से डीएपी के लिए लगातार चक्कर लगा रहा हूं। सुबह चार बजे ही लाइन में लग गया था लेकिन अब तक खाद नहीं मिल पाई है। खेती का समय निकल रहा है और ऐसी स्थिति में फसल की बुवाई प्रभावित होने का डर बना है। -दीपचन्द, बड़सी
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सुबह से खाद लेने के लिए कतार में खड़ी हूं। घंटों इंतजार के बावजूद यह पता नहीं कि खाद मिलेगी या नहीं। किसान पहले ही खेती के खर्च से परेशान हैं। समय पर डीएपी नहीं मिली तो सरसों की बुवाई पर असर पड़ेगा।- शकुंतला, रोहनात
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सरकारी केंद्र पर खाद के लिए किसान परेशान हो रहे हैं जबकि निजी दुकानों पर अधिक दाम में खाद मिलने की चर्चा है। अगर बाजार में खाद उपलब्ध है तो सरकारी केंद्रों पर किसानों को इसकी आपूर्ति क्यों नहीं की जा रही, प्रशासन जांच करे। -कृष्ण कुमार, रामायण
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डीएपी की कमी ने किसानों की मुश्किल बढ़ा दी है। कई किसान लगातार केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन जरूरत के मुताबिक खाद नहीं मिल रही। गेहूं और सरसों की बुवाई का समय चल रहा है, ऐसे में प्रशासन को तुरंत व्यवस्था सुधारनी चाहिए। राजेश, सुल्तानपुर