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Hisar News: ज्ञान और तकनीकी कौशल मजबूत करने पर जोर
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साहित्य का विमोचन करते एचएयू हिसार के अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग और अन्य।
हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) के मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय में जलीय कृषि स्वास्थ्य प्रबंधन विषय पर तीन दिवसीय किसान उन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम जलीय पशु स्वास्थ्य प्रबंधन विभाग के नेशनल सर्विलांस प्रोग्राम फॉर एक्वेटिक एनिमल डिजीज के तहत आयोजित किया गया जिसमें ज्ञान और तकनीकी कौशल को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
तीन दिनों तक प्रतिभागियों को मछली एवं झींगा रोगों की पहचान और उपचार, जल गुणवत्ता परीक्षण और व्यावहारिक रोग निदान की तकनीकों पर प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में प्रशिक्षण के प्रमुख व्यावहारिक सत्रों को दर्शाने वाला लघु वीडियो भी प्रदर्शित किया गया। प्रतिभागियों को हिंदी और अंग्रेजी में प्रशिक्षण मैनुअल भी वितरित किए गए।
समापन समारोह में विवि के अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम जलीय कृषि उत्पादन बढ़ाने और रोग प्रबंधन सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। आयोजक प्रभारी डॉ. रचना गुलाटी ने कार्यक्रम की उपलब्धियों का ब्यौरा दिया, जबकि विभागाध्यक्ष डॉ. दिलीप बिश्नोई ने फील्ड स्तर पर ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया।
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कार्यक्रम में हिसार, सिरसा, फतेहाबाद और झज्जर जिलों के मछली एवं झींगा किसान, भारतीय और अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी शामिल हुए। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के व्यावहारिक स्वरूप की सराहना की और भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों की पुनरावृत्ति की मांग की।
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तीन दिनों तक प्रतिभागियों को मछली एवं झींगा रोगों की पहचान और उपचार, जल गुणवत्ता परीक्षण और व्यावहारिक रोग निदान की तकनीकों पर प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में प्रशिक्षण के प्रमुख व्यावहारिक सत्रों को दर्शाने वाला लघु वीडियो भी प्रदर्शित किया गया। प्रतिभागियों को हिंदी और अंग्रेजी में प्रशिक्षण मैनुअल भी वितरित किए गए।
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समापन समारोह में विवि के अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर गर्ग मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम जलीय कृषि उत्पादन बढ़ाने और रोग प्रबंधन सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। आयोजक प्रभारी डॉ. रचना गुलाटी ने कार्यक्रम की उपलब्धियों का ब्यौरा दिया, जबकि विभागाध्यक्ष डॉ. दिलीप बिश्नोई ने फील्ड स्तर पर ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का सुझाव दिया।
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कार्यक्रम में हिसार, सिरसा, फतेहाबाद और झज्जर जिलों के मछली एवं झींगा किसान, भारतीय और अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी शामिल हुए। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के व्यावहारिक स्वरूप की सराहना की और भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों की पुनरावृत्ति की मांग की।