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Hisar News: शोध लेखन में एआई की भूमिका पर मंथन
Wed, 28 Oct 2026 11:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Wed, 28 Oct 2026 11:28 PM IST
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हिसार। गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू) के अंग्रेजी एवं विदेशी भाषा विभाग की ओर से विस्तार व्याख्यान आयोजित किया गया।इसका विषय शोध लेखन और शोध कार्य में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) उपकरणों के नैतिक उपयोग रहा।
सेमिनार हॉल-2 में आयोजित कार्यक्रम में चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय सिरसा के अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो. पंकज शर्मा मुख्य वक्ता रहे। अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंका सिंगला ने की।
प्रो. पंकज शर्मा ने कहा कि एआई उपकरण भाषा सुधारने, विचारों को व्यवस्थित करने और साहित्य खोजने में सहायक हैं लेकिन वैज्ञानिक चिंतन और स्वतंत्र विश्लेषण का विकल्प नहीं बन सकते। शोधार्थियों को स्रोतों का ईमानदारी से उल्लेख करना चाहिए और साहित्यिक चोरी से बचना चाहिए। उन्होंने शोध में स्पष्टता, मौलिकता और शैक्षणिक ईमानदारी के महत्व पर भी प्रकाश डाला तथा प्रतिभागियों के सवालों के जवाब दिए।
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डॉ. प्रियंका सिंगला ने स्वागत संबोधन किया जबकि डॉ. साक्षी जैन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डॉ. तमन्ना, डॉ. आस्था, आरती, विभाग के संकाय सदस्य और शोधार्थी उपस्थित रहे।
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सेमिनार हॉल-2 में आयोजित कार्यक्रम में चौधरी देवी लाल विश्वविद्यालय सिरसा के अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो. पंकज शर्मा मुख्य वक्ता रहे। अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. प्रियंका सिंगला ने की।
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प्रो. पंकज शर्मा ने कहा कि एआई उपकरण भाषा सुधारने, विचारों को व्यवस्थित करने और साहित्य खोजने में सहायक हैं लेकिन वैज्ञानिक चिंतन और स्वतंत्र विश्लेषण का विकल्प नहीं बन सकते। शोधार्थियों को स्रोतों का ईमानदारी से उल्लेख करना चाहिए और साहित्यिक चोरी से बचना चाहिए। उन्होंने शोध में स्पष्टता, मौलिकता और शैक्षणिक ईमानदारी के महत्व पर भी प्रकाश डाला तथा प्रतिभागियों के सवालों के जवाब दिए।
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डॉ. प्रियंका सिंगला ने स्वागत संबोधन किया जबकि डॉ. साक्षी जैन ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डॉ. तमन्ना, डॉ. आस्था, आरती, विभाग के संकाय सदस्य और शोधार्थी उपस्थित रहे।
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