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Hisar News: पांच दिन से गोदाम में डीएपी, सर्वर ने किसानों का इंतजार बढ़ाया
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नई अनाज मंडी स्थित दि सहकारी विपणन समिति कार्यालय के बाहर मंगलवार शाम चार बजे लगी किसानों की ल
हिसार। अनाज मंडी स्थित दि सहकारी विपणन समिति के गोदाम में पांच दिन से रखी एक हजार बैग डीएपी मंगलवार को भी किसानों को नहीं मिल सकी। पोर्टल का सर्वर डाउन होने के कारण वितरण अटका हुआ है। मंगलवार शाम करीब चार बजे मशीन चली तो डीएपी लेने के लिए किसानों की लंबी कतार लग गई।
मशीन में स्टॉक भी चढ़ाया गया, लेकिन करीब पांच मिनट बाद ही वह फिर बंद हो गई। इससे गुस्साए किसानों ने नारेबाजी की और समिति कार्यालय में बैठे कर्मचारियों को बाहर नहीं निकलने दिया। किसान डीएपी मिलने के बाद ही कर्मचारियों को जाने देने की जिद पर अड़े रहे। काफी समझाने के बाद शाम करीब छह बजे कर्मचारियों को बाहर जाने दिया गया।
अनाज मंडी की दुकान नंबर-187 स्थित दि सहकारी विपणन समिति केंद्र पर मंगलवार सुबह से ही डीएपी और यूरिया लेने के लिए बड़ी संख्या में किसान पहुंचे थे। मिर्जापुर निवासी सत्यवान, आर्य नगर निवासी रामकिशन और कर्मवीर ने कहा कि वे पांच दिन से डीएपी के लिए चक्कर लगा रहे हैं। शुक्रवार को समिति के गोदाम में एक हजार बैग डीएपी पहुंच गई थी लेकिन सर्वर नहीं चलने के कारण वितरण नहीं हो रहा।
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किसानों का कहना था कि वे मंडी में भूखे-प्यासे डीएपी के लिए भटक रहे हैं, जबकि प्रशासन और सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा। इससे नई बिजाई प्रभावित हो रही है।
मशीन बंद होने पर किसानों ने की नारेबाजी
शाम करीब पांच बजे मशीन दोबारा बंद हुई तो किसानों ने नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि चाहे रात हो जाए, डीएपी वितरण के बाद ही उन्हें कार्यालय से बाहर जाने दिया जाएगा। समिति कर्मचारियों ने उन्हें समझाया और बुधवार सुबह नौ बजे मशीन चलते ही तेज गति से डीएपी वितरण शुरू करने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने शाम करीब छह बजे कर्मचारियों को जाने दिया।
कुछ देर के लिए शाम को मशीन चली थी। मशीन में स्टॉक भी चढ़ा दिया गया, लेकिन वितरण शुरू होने से पहले ही फिर ठप हो गई। शुक्रवार को डीएपी की दो गाड़ियां पहुंची थीं, जिनमें एक हजार बैग हैं। पोर्टल चलते ही किसानों को डीएपी वितरित की जाएगी। किसानों की सूची भी तैयार कर ली गई है।
- सुंदरलाल, लेखाकार, दि सहकारी विपणन समिति हिसार।
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मशीन में स्टॉक भी चढ़ाया गया, लेकिन करीब पांच मिनट बाद ही वह फिर बंद हो गई। इससे गुस्साए किसानों ने नारेबाजी की और समिति कार्यालय में बैठे कर्मचारियों को बाहर नहीं निकलने दिया। किसान डीएपी मिलने के बाद ही कर्मचारियों को जाने देने की जिद पर अड़े रहे। काफी समझाने के बाद शाम करीब छह बजे कर्मचारियों को बाहर जाने दिया गया।
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अनाज मंडी की दुकान नंबर-187 स्थित दि सहकारी विपणन समिति केंद्र पर मंगलवार सुबह से ही डीएपी और यूरिया लेने के लिए बड़ी संख्या में किसान पहुंचे थे। मिर्जापुर निवासी सत्यवान, आर्य नगर निवासी रामकिशन और कर्मवीर ने कहा कि वे पांच दिन से डीएपी के लिए चक्कर लगा रहे हैं। शुक्रवार को समिति के गोदाम में एक हजार बैग डीएपी पहुंच गई थी लेकिन सर्वर नहीं चलने के कारण वितरण नहीं हो रहा।
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किसानों का कहना था कि वे मंडी में भूखे-प्यासे डीएपी के लिए भटक रहे हैं, जबकि प्रशासन और सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा। इससे नई बिजाई प्रभावित हो रही है।
मशीन बंद होने पर किसानों ने की नारेबाजी
शाम करीब पांच बजे मशीन दोबारा बंद हुई तो किसानों ने नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि चाहे रात हो जाए, डीएपी वितरण के बाद ही उन्हें कार्यालय से बाहर जाने दिया जाएगा। समिति कर्मचारियों ने उन्हें समझाया और बुधवार सुबह नौ बजे मशीन चलते ही तेज गति से डीएपी वितरण शुरू करने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने शाम करीब छह बजे कर्मचारियों को जाने दिया।
कुछ देर के लिए शाम को मशीन चली थी। मशीन में स्टॉक भी चढ़ा दिया गया, लेकिन वितरण शुरू होने से पहले ही फिर ठप हो गई। शुक्रवार को डीएपी की दो गाड़ियां पहुंची थीं, जिनमें एक हजार बैग हैं। पोर्टल चलते ही किसानों को डीएपी वितरित की जाएगी। किसानों की सूची भी तैयार कर ली गई है।
- सुंदरलाल, लेखाकार, दि सहकारी विपणन समिति हिसार।