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ऊंचाई बढ़ने के साथ ही सूखने लगा था हलक, नाक से बहने लगा खून पर नहीं छोड़ा हौसला
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हिसार- अमर उजाला कार्यालय में अपराजिता कार्यक्रम के तहत पर्वतारोही रीना भट्टी को सम्मानित करते ?
- फोटो : Hisar
हिसार। करीब 70 घंटे में लद्दाख की दो चोटियों को फतह करना लंबा रास्ता लग रहा था। जैसे-जैसे ऊंचाई पर जा रही थी गला सूखने लगा। एक-एक घूंट पानी पीया और ऊपर चढ़ती गई। नाक से खून भी बहने लगा, मगर मैंने हौसला नहीं छोड़ा, मेरे जहन में बस दोनों चोटियों को फतह कर तिरंगा फहराना था।
यह बात हिसार के श्यामलाल बाग की पर्वतारोही रीना भट्टी ने मंगलवार को अभिनंदन कार्यक्त्रस्म में कही। हाल ही में रीना भट्टी ने दो चोटी माउंट कांग यात्से और माउंट जोजंगो चोटी को फतह कर तिरंगा फहराया है। वहां से लौटने पर अपराजिता के तहत रीना का अमर उजाला कार्यालय में अभिनंदन किया गया। मुख्य अतिथि के तौर पर डॉ. सत्या सावंत ने उन्हें पौधा देकर सम्मानित किया।
पर्वतारोही रीना भट्टी ने चोटी फतह करने का अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि अब मेरा सपना वर्ष 2023 में माउंट एवरेस्ट चोटी को फतह करना है। इसके लिए अभी से तैयारी शुरू कर दूंगी। रीना गिरी सेंटर, कोर जिम के अलावा घर पर भी अपने स्तर पर ट्रेनिंग कर रही है। पर्वतारोही रीना भट्टी ने कहा कि अमर उजाला ने एक लाख रुपये देकर मेरे सपनों की उड़ान में पंख लगाने का काम किया है। मेरी ओर से अमर उजाला को शुक्त्रिस्या...। कार्यक्त्रस्म में लायंस क्लब की ओर से सुरेंद्र छिंदा ने उन्हें सर्टिफिकेट और नीतिश जांगड़ा ने भी जैकेट देकर सम्मानित किया।
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रीना पैनासॉनिक कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत है। मंच संचालन साहित्यकार कमलेश भारती ने किया। इस दौरान उनके पिता बलवान सिंह भी मौजूद रहे। इस अवसर पर डॉ. वंदना बिश्नोई, विनोद मेहता, हरीश भारद्वाज, रश्मि, नीलमभारती, लवकेश, पूजा भाटिया, सौरभ ठकराल, नीलम सुंडा, मनप्रीत कौर मौजूद रहे।
काफी खुशी की बात है कि हिसार की बेटी पर्वतरोही रीना भट्टी ने एक साथ दो चोटी को फतह कर मुकाम हासिल किया है। साथ ही रिकॉर्ड बनाया है। आप यूं ही आगे बढ़ती हुई उपलब्धियां हासिल करती रहें। हमें तुम पर गर्व है।
- विनोद मेहता, पूर्व प्रभारी, आकाशवाणी
बेटी रीना ने मात्र 70 घंटे में दो चोटी को फतह कर रिकॉर्ड बनाया है। बेटी के हौसले काफी बुलंद हैं और इसी तरह आगे बढ़कर नाम रोशन करती रहेगी। मेरी ओर से शुभकामनाएं। मुझे रीना पर गर्व है। - हरीश भारद्वाज, सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी
कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। ऐसा ही पर्वतारोही रीना ने कर दिखाया है। रीना के सपने काफी ऊंचे हैं। आपको सफलता मिलती रहे, यही मेरी दुआ है। - सुरेंद्र छिंदा, लायंस क्लब
रीना को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता है। आप अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणा बनी हो। बेटी रीना ने एक साथ दो चोटी फतह कर नाम रोशन किया है। मेरी ओर से आपको हमेशा सहयोग रहेगा।
- डॉ. सत्या सावंत
आज बेटियां हर क्षेत्र में परचम लहरा रही हैं। पर्वतारोही रीना भट्टी ने भी दो चोटियों को एक साथ फतह कर अपनी अलग पहचान बनाई है। माउंट एवरेस्ट चोटी को फतह करने का सपना भी आपका पूरा होगा।
- डॉ. वंदना बिश्नोई, प्रिंसिपल, गवर्नमेंट कॉलेज, मंगाली
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यह बात हिसार के श्यामलाल बाग की पर्वतारोही रीना भट्टी ने मंगलवार को अभिनंदन कार्यक्त्रस्म में कही। हाल ही में रीना भट्टी ने दो चोटी माउंट कांग यात्से और माउंट जोजंगो चोटी को फतह कर तिरंगा फहराया है। वहां से लौटने पर अपराजिता के तहत रीना का अमर उजाला कार्यालय में अभिनंदन किया गया। मुख्य अतिथि के तौर पर डॉ. सत्या सावंत ने उन्हें पौधा देकर सम्मानित किया।
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पर्वतारोही रीना भट्टी ने चोटी फतह करने का अनुभव साझा किया। उन्होंने कहा कि अब मेरा सपना वर्ष 2023 में माउंट एवरेस्ट चोटी को फतह करना है। इसके लिए अभी से तैयारी शुरू कर दूंगी। रीना गिरी सेंटर, कोर जिम के अलावा घर पर भी अपने स्तर पर ट्रेनिंग कर रही है। पर्वतारोही रीना भट्टी ने कहा कि अमर उजाला ने एक लाख रुपये देकर मेरे सपनों की उड़ान में पंख लगाने का काम किया है। मेरी ओर से अमर उजाला को शुक्त्रिस्या...। कार्यक्त्रस्म में लायंस क्लब की ओर से सुरेंद्र छिंदा ने उन्हें सर्टिफिकेट और नीतिश जांगड़ा ने भी जैकेट देकर सम्मानित किया।
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रीना पैनासॉनिक कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत है। मंच संचालन साहित्यकार कमलेश भारती ने किया। इस दौरान उनके पिता बलवान सिंह भी मौजूद रहे। इस अवसर पर डॉ. वंदना बिश्नोई, विनोद मेहता, हरीश भारद्वाज, रश्मि, नीलमभारती, लवकेश, पूजा भाटिया, सौरभ ठकराल, नीलम सुंडा, मनप्रीत कौर मौजूद रहे।
काफी खुशी की बात है कि हिसार की बेटी पर्वतरोही रीना भट्टी ने एक साथ दो चोटी को फतह कर मुकाम हासिल किया है। साथ ही रिकॉर्ड बनाया है। आप यूं ही आगे बढ़ती हुई उपलब्धियां हासिल करती रहें। हमें तुम पर गर्व है।
- विनोद मेहता, पूर्व प्रभारी, आकाशवाणी
बेटी रीना ने मात्र 70 घंटे में दो चोटी को फतह कर रिकॉर्ड बनाया है। बेटी के हौसले काफी बुलंद हैं और इसी तरह आगे बढ़कर नाम रोशन करती रहेगी। मेरी ओर से शुभकामनाएं। मुझे रीना पर गर्व है। - हरीश भारद्वाज, सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी
कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। ऐसा ही पर्वतारोही रीना ने कर दिखाया है। रीना के सपने काफी ऊंचे हैं। आपको सफलता मिलती रहे, यही मेरी दुआ है। - सुरेंद्र छिंदा, लायंस क्लब
रीना को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता है। आप अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणा बनी हो। बेटी रीना ने एक साथ दो चोटी फतह कर नाम रोशन किया है। मेरी ओर से आपको हमेशा सहयोग रहेगा।
- डॉ. सत्या सावंत
आज बेटियां हर क्षेत्र में परचम लहरा रही हैं। पर्वतारोही रीना भट्टी ने भी दो चोटियों को एक साथ फतह कर अपनी अलग पहचान बनाई है। माउंट एवरेस्ट चोटी को फतह करने का सपना भी आपका पूरा होगा।
- डॉ. वंदना बिश्नोई, प्रिंसिपल, गवर्नमेंट कॉलेज, मंगाली