{"_id":"6a1735e0ba899bcbbb0147fa","slug":"after-the-condition-of-rs-800-the-work-of-sterilization-of-dogs-in-the-corporation-is-hanging-in-balance-hisar-news-c-21-hsr1020-879389-2026-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: 800 रुपये की शर्त के बाद निगम में कुत्तों के बधियाकरण का काम अधर में लटका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: 800 रुपये की शर्त के बाद निगम में कुत्तों के बधियाकरण का काम अधर में लटका
विज्ञापन
हिसार। कुत्तों के बधियाकरण का काम अधर में लटक गया है। नगर निगम ने मुख्यालय को पत्र भेज कर 1375 रुपये के हिसाब से कुत्तों के बधियाकरण पर दिशा- निर्देश मांगे हैं। दरअसल, प्रदेश सरकार ने पिछले दिनों कुत्तों के बधियाकरण के लिए 800 रुपये का रेट तय कर दिया है। हिसार नगर निगम में 1375 रुपये प्रति कुत्ता के हिसाब से यह काम कराया जा रहा था। प्रदेश सरकार की ओर से रेट तय किए जाने के बाद द्वंद्व की स्थिति बन गई है।
नगर निगम क्षेत्र में करीब 12 हजार से अधिक कुत्तों की संख्या का आकलन किया गया था। करीब 8 साल नगर निगम ने नवंबर 2025 में कुत्तों के बधियाकरण- टीकाकरण का काम शुरू किया था। टेंडर के अनुसार एजेंसी को 6 माह में 5 हजार कुत्तों का टीकाकरण व बधियाकरण का लक्ष्य दिया था। एजेंसी ने इस कार्य के लिए प्रति कुत्ते के हिसाब से 1650 रुपये मांगे थे।। बाद में मोलभाव करने पर एजेंसी ने एक कुत्ते के लिए निगम प्रशासन से 1400 रुपये लेना तय किया था।
तय शर्त के अनुसार एजेंसी जिस क्षेत्र से कुत्तों को पकड़कर ले जाएगी, टीकाकरण व बधियाकरण के बाद उसी क्षेत्र में वापस छोड़ना होगा। एजेंसी ने निगम के निर्देश अनुसार कॉलोनीवाइज यह अभियान चलाया। पहले एक कॉलोनी का चयन किया जाएगा। उस कॉलोनी के कुत्तों का टीकाकरण व बधियाकरण करने के बाद अगली कॉलोनी का नंबर आएगा। इसके लिए रूट मैप निगम प्रशासन की तरफ से तैयार किया था।
विज्ञापन
एक साल में पूरी हुई थी प्रक्रिया...
निगम की तरफ से नवंबर 2024 में एजेंसी को टेंडर अलॉट किया था। नियमानुसार एजेंसी को 60 दिन में भवन का इंतजाम करके ऑपरेशन थिएटर आदि तैयार करने थे। मगर, एजेंसी ने इस कार्य में ही कई माह लगा दिए। इसके बाद एजेंसी ने एनओसी के लिए आवेदन करने में भी काफी समय लगा दिया था।इसके बाद एजेंसी ने अगस्त में पशु कल्याण बोर्ड के पोर्टल पर अनुमति के लिए आवेदन किया था। इन सभी प्रक्रिया को पूरा करने में एक साल का समय लगा।
गोवंश को पकड़ने का अभियान भी बंद...
नगर निगम क्षेत्र में गोवंश पकड़ने का काम भी एक मई से बंद हो चुका है। यह काम गोसेवा आयोग को सौंपा गया है। जिलास्तर पर अभी तक गोसेवा आयोग का कोई ढांचा नहीं है। ऐसे में गो सेवा आयोग इस काम को किस तरह से अंजाम देगा अभी तय नहीं हो सका है। निगम का अभियान बंद होने के बाद निगम में सड़कों पर गोवंश की संख्या बढ़ गई है।
कुत्तों के बधियाकरण -टीकाकरण को लेकर हमारे रेट 1375 रुपये थे। प्रदेश सरकार ने इस पर 800 रुपये की कैप लगा दी है। हमने मुख्यालय को पत्र लिख कर इस बारे में दिशा- निर्देश मांगे हैं। फिलहाल इस काम को निर्देश आने तक बंद कराया गया है। डॉ. प्रदीप हुड्डा, अतिरिक्त निगम आयुक्त,हिसार
विज्ञापन
नगर निगम क्षेत्र में करीब 12 हजार से अधिक कुत्तों की संख्या का आकलन किया गया था। करीब 8 साल नगर निगम ने नवंबर 2025 में कुत्तों के बधियाकरण- टीकाकरण का काम शुरू किया था। टेंडर के अनुसार एजेंसी को 6 माह में 5 हजार कुत्तों का टीकाकरण व बधियाकरण का लक्ष्य दिया था। एजेंसी ने इस कार्य के लिए प्रति कुत्ते के हिसाब से 1650 रुपये मांगे थे।। बाद में मोलभाव करने पर एजेंसी ने एक कुत्ते के लिए निगम प्रशासन से 1400 रुपये लेना तय किया था।
विज्ञापन
तय शर्त के अनुसार एजेंसी जिस क्षेत्र से कुत्तों को पकड़कर ले जाएगी, टीकाकरण व बधियाकरण के बाद उसी क्षेत्र में वापस छोड़ना होगा। एजेंसी ने निगम के निर्देश अनुसार कॉलोनीवाइज यह अभियान चलाया। पहले एक कॉलोनी का चयन किया जाएगा। उस कॉलोनी के कुत्तों का टीकाकरण व बधियाकरण करने के बाद अगली कॉलोनी का नंबर आएगा। इसके लिए रूट मैप निगम प्रशासन की तरफ से तैयार किया था।
विज्ञापन
एक साल में पूरी हुई थी प्रक्रिया...
निगम की तरफ से नवंबर 2024 में एजेंसी को टेंडर अलॉट किया था। नियमानुसार एजेंसी को 60 दिन में भवन का इंतजाम करके ऑपरेशन थिएटर आदि तैयार करने थे। मगर, एजेंसी ने इस कार्य में ही कई माह लगा दिए। इसके बाद एजेंसी ने एनओसी के लिए आवेदन करने में भी काफी समय लगा दिया था।इसके बाद एजेंसी ने अगस्त में पशु कल्याण बोर्ड के पोर्टल पर अनुमति के लिए आवेदन किया था। इन सभी प्रक्रिया को पूरा करने में एक साल का समय लगा।
गोवंश को पकड़ने का अभियान भी बंद...
नगर निगम क्षेत्र में गोवंश पकड़ने का काम भी एक मई से बंद हो चुका है। यह काम गोसेवा आयोग को सौंपा गया है। जिलास्तर पर अभी तक गोसेवा आयोग का कोई ढांचा नहीं है। ऐसे में गो सेवा आयोग इस काम को किस तरह से अंजाम देगा अभी तय नहीं हो सका है। निगम का अभियान बंद होने के बाद निगम में सड़कों पर गोवंश की संख्या बढ़ गई है।
कुत्तों के बधियाकरण -टीकाकरण को लेकर हमारे रेट 1375 रुपये थे। प्रदेश सरकार ने इस पर 800 रुपये की कैप लगा दी है। हमने मुख्यालय को पत्र लिख कर इस बारे में दिशा- निर्देश मांगे हैं। फिलहाल इस काम को निर्देश आने तक बंद कराया गया है। डॉ. प्रदीप हुड्डा, अतिरिक्त निगम आयुक्त,हिसार