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Hisar News: महावीर कॉलोनी से सेक्टर 1-4 तक सड़क निर्माण के लिए दोबारा लेनी होगी प्रशासनिक मंजूरी
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महाबीर कॉलोनी से सेक्टर 1-4 तक बनने वाली सड़क की जमीन पर लगे पेड़ों की कटाई करते हुए। फाइल फोटो
हिसार।
महावीर कॉलोनी से सेक्टर 1-4 तक डाबड़ा माइनर के साथ बनाए जाने वाली सड़क निर्माण की राह में आ रही बाधाएं दूर होने का नाम नहीं ले रही है। अब इस योजना की राह में एक और अड़चन पैदा हो गई है। योजना को सिरे चढ़ाने के लिए बीएंडआर को फिर से प्रशासनिक मंजूरी लेनी होगी। 5 साल में योजना पर काम शुरू नहीं होने के कारण पहले से ली गई प्रशासनिक मंजूरी की अवधि पूरी हो चुकी है। ऐसे में इस सड़क के लिए अभी शहरवासियों को और इंतजार करना पड़ेगा।
बता दें कि वर्ष 2016 में मुख्यमंत्री ने इस सड़क के निर्माण की घोषणा की थी। बीएंडआर के अधिकारियों ने सभी औपचारिकताएं पूरी कर टेंडर भी अलॉट कर दिया था। बस ठेकेदार को काम शुरू करना था, लेकिन उससे पहले एक अड़चन आ गई। चूंकि जिस जगह पर सड़क बनाया जाना है, वह वन क्षेत्र है। नियमानुसार बीएंडआर को इस जमीन की एवज में वन विभाग को अन्य जगह जमीन उपलब्ध करवानी थी ताकि वन विभाग उस जमीन पर पौधरोपण कर सके।
आखिरकार 6 साल में बीएंडआर ने वन विभाग चरखी दादरी में 1.85 एकड़ जमीन उपलब्ध करवाई। इसके बाद बीएंडआर को वन विभाग से पेड़ों की कटाई की अनुमति के लिए काफी इंतजार करना पड़ा। अब जब 585 पेड़ों की कटाई हो गई तो ठेकेदार ने काम करने से ही मना कर दिया। बीएंडआर ने सड़क निर्माण के लिए दोबारा से नया टेंडर लगाने का फैसला किया तो पता चला कि प्रशासनिक मंजूरी की समयावधि पूरी हो गई है और अब दोबारा से यह मंजूरी लेनी होगी।
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पुराने एस्टीमेट को चेक करने के निर्देश
उच्चाधिकारी ने संबंधित कर्मचारी को पुराने एस्टीमेट को चेक करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि अगर पुराना एस्टीमेट आज की स्थिति के मुताबिक सटीक नहीं बैठता तो नया एस्टीमेट तैयार किया जाए।
आगे ये रहेगी प्रक्रिया
नया एस्टीमेट तैयार कर दोबारा से प्रशासनिक मंजूरी ली जाएगी। इसके बाद डीएनआईटी तैयार कर टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया में कम से कम दो माह का समय लगने की संभावना है। बता दें कि इस सड़क की चौड़ाई 7 मीटर व लंबाई करीब 1800 मीटर होगी। इस सड़क के बनने से महावीर कॉलोनी, सेक्टर 1-4, सूर्य नगर, शिव कॉलोनी के लोगों को काफी फायदा होगा। इसके अलावा इस रोड के निर्माण से दिल्ली रोड से भी वाहनों का बोझ कम होगा।
प्रशासनिक मंजूरी की 5 साल की अवधि पूरी हो गई है तो अब दोबारा से यह मंजूरी लेनी होगी। अगर जरूरत पड़ी तो नया एस्टीमेट भी तैयार करना होगा।
-रजनीश सिंह, एक्सईएन, बीएंडआर
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महावीर कॉलोनी से सेक्टर 1-4 तक डाबड़ा माइनर के साथ बनाए जाने वाली सड़क निर्माण की राह में आ रही बाधाएं दूर होने का नाम नहीं ले रही है। अब इस योजना की राह में एक और अड़चन पैदा हो गई है। योजना को सिरे चढ़ाने के लिए बीएंडआर को फिर से प्रशासनिक मंजूरी लेनी होगी। 5 साल में योजना पर काम शुरू नहीं होने के कारण पहले से ली गई प्रशासनिक मंजूरी की अवधि पूरी हो चुकी है। ऐसे में इस सड़क के लिए अभी शहरवासियों को और इंतजार करना पड़ेगा।
बता दें कि वर्ष 2016 में मुख्यमंत्री ने इस सड़क के निर्माण की घोषणा की थी। बीएंडआर के अधिकारियों ने सभी औपचारिकताएं पूरी कर टेंडर भी अलॉट कर दिया था। बस ठेकेदार को काम शुरू करना था, लेकिन उससे पहले एक अड़चन आ गई। चूंकि जिस जगह पर सड़क बनाया जाना है, वह वन क्षेत्र है। नियमानुसार बीएंडआर को इस जमीन की एवज में वन विभाग को अन्य जगह जमीन उपलब्ध करवानी थी ताकि वन विभाग उस जमीन पर पौधरोपण कर सके।
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आखिरकार 6 साल में बीएंडआर ने वन विभाग चरखी दादरी में 1.85 एकड़ जमीन उपलब्ध करवाई। इसके बाद बीएंडआर को वन विभाग से पेड़ों की कटाई की अनुमति के लिए काफी इंतजार करना पड़ा। अब जब 585 पेड़ों की कटाई हो गई तो ठेकेदार ने काम करने से ही मना कर दिया। बीएंडआर ने सड़क निर्माण के लिए दोबारा से नया टेंडर लगाने का फैसला किया तो पता चला कि प्रशासनिक मंजूरी की समयावधि पूरी हो गई है और अब दोबारा से यह मंजूरी लेनी होगी।
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पुराने एस्टीमेट को चेक करने के निर्देश
उच्चाधिकारी ने संबंधित कर्मचारी को पुराने एस्टीमेट को चेक करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि अगर पुराना एस्टीमेट आज की स्थिति के मुताबिक सटीक नहीं बैठता तो नया एस्टीमेट तैयार किया जाए।
आगे ये रहेगी प्रक्रिया
नया एस्टीमेट तैयार कर दोबारा से प्रशासनिक मंजूरी ली जाएगी। इसके बाद डीएनआईटी तैयार कर टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया में कम से कम दो माह का समय लगने की संभावना है। बता दें कि इस सड़क की चौड़ाई 7 मीटर व लंबाई करीब 1800 मीटर होगी। इस सड़क के बनने से महावीर कॉलोनी, सेक्टर 1-4, सूर्य नगर, शिव कॉलोनी के लोगों को काफी फायदा होगा। इसके अलावा इस रोड के निर्माण से दिल्ली रोड से भी वाहनों का बोझ कम होगा।
प्रशासनिक मंजूरी की 5 साल की अवधि पूरी हो गई है तो अब दोबारा से यह मंजूरी लेनी होगी। अगर जरूरत पड़ी तो नया एस्टीमेट भी तैयार करना होगा।
-रजनीश सिंह, एक्सईएन, बीएंडआर