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जान से मारने के प्रयास के दो दोषियों को 10 साल की कैद
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हिसार। जान से मारने का प्रयास करने के दो दोषियों को अदालत ने शुक्रवार को 10 साल कैद की सजा सुनाई। इनमें एक दोषी को अदालत ने 15 हजार व दूसरे को 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। अदालत ने उन्हें बुधवार को दोषी करार दिया था।
मामले के अनुसार न्योली कलां निवासी 45 वर्षीय राजेश कुमार ने पुलिस को शिकायत दी थी कि वह एफसीआई में ठेके लेने का काम करता है। 29 फरवरी 2016 को दोपहर करीब ढाई बजे वह सिरसा रोड स्थित एचडीएफसी की शाखा से साढ़े तीन लाख रुपये निकलवा कर अपनी स्कूटी से सेक्टर-14 स्थित रॉयल फैमिली ढाबे के लिए चला। जब वह ऋषि नगर के विश्वकर्मा मंदिर के समीप पहुंचा तो पीछे से एक बाइक पर सवार दो युवक आए और पिस्तौल दिखाई। इस पर राजेश ने अपनी स्कूटी को दौड़ा लिया। राजेश के अनुसार युवकों ने उसका पीछा किया और उसके समीप पहुंच कर फायर कर दिया, जो उसकी बाजू में लगा। वह अपनी स्कूटी दौड़ा कर अपने ढाबे में ले गया। इसके बाद दोनों युवक अपनी बाइक से फरार हो गए। उसके भाई ने उसे प्राइवेट अस्पताल में दाखिल कराया था। इस पर पुलिस ने राजेश की शिकायत पर 307, 34 और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इस मामले में जांच के बाद पुलिस ने सुनील और अर्जुन को गिरफ्तार किया था। एडीजे गुरविंदर सिंह वधवा की अदालत ने शुक्रवार को दोनों को 10-10 कैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सुनील को आर्म्स एक्ट में चार साल की कैद और 5 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
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मामले के अनुसार न्योली कलां निवासी 45 वर्षीय राजेश कुमार ने पुलिस को शिकायत दी थी कि वह एफसीआई में ठेके लेने का काम करता है। 29 फरवरी 2016 को दोपहर करीब ढाई बजे वह सिरसा रोड स्थित एचडीएफसी की शाखा से साढ़े तीन लाख रुपये निकलवा कर अपनी स्कूटी से सेक्टर-14 स्थित रॉयल फैमिली ढाबे के लिए चला। जब वह ऋषि नगर के विश्वकर्मा मंदिर के समीप पहुंचा तो पीछे से एक बाइक पर सवार दो युवक आए और पिस्तौल दिखाई। इस पर राजेश ने अपनी स्कूटी को दौड़ा लिया। राजेश के अनुसार युवकों ने उसका पीछा किया और उसके समीप पहुंच कर फायर कर दिया, जो उसकी बाजू में लगा। वह अपनी स्कूटी दौड़ा कर अपने ढाबे में ले गया। इसके बाद दोनों युवक अपनी बाइक से फरार हो गए। उसके भाई ने उसे प्राइवेट अस्पताल में दाखिल कराया था। इस पर पुलिस ने राजेश की शिकायत पर 307, 34 और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इस मामले में जांच के बाद पुलिस ने सुनील और अर्जुन को गिरफ्तार किया था। एडीजे गुरविंदर सिंह वधवा की अदालत ने शुक्रवार को दोनों को 10-10 कैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सुनील को आर्म्स एक्ट में चार साल की कैद और 5 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
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