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न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री पहुंचा, साल 2013 के बाद पहली बार इन दिनों में इस स्तर पर पहुंचा पारा
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। एचएयू के मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री दर्ज किया है। साल 2013 के बाद यह पहली बार है कि सर्दी बढ़ने से दिसंबर में पारा इतने निचले स्तर पर पहुंचा है। 30 दिसंबर 2013 में न्यूनतम तापमान -1.0 डिग्री पहुंच गया था। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले तीन दिनों तक और पाला पड़ने की संभावना है। वीरवार को जहां न्यूनतम तापमान 2.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था, वह शुक्रवार को लुढ़ककर 1.2 डिग्री तक पहुंच गया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि जब तक उत्तर-पश्चिमी हवा चलेगी, तब तक लगातार तापमान में गिरावट आएगी। पहाड़ों में हुई बर्फ बारी का असर जिले में साफ दिखाई दे रहा है। आलम यह है कि खेतों में पाला जमने लगा हैं और तेज धुंध शुरू हो गई है। इससे न सिर्फ यातायात प्रभावित हो रहा है, बल्कि आम जनजीवन पर भी इसका असर पड़ने लगा है।
धुंध व ओस गेहूं की फसल के लिए लाभकारी
अल सुबह धुंध गिरना व ओस जमना गेेहूं की फसल के लिए बहुत ही लाभकारी माना जा रहा है। मगर यह पाला अगेती फसलों के लिए हानिकारक है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दी अधिक होने से किसान अपने खेतों में धुआं करके फसलों को सर्दी से बचा सकते हैं। सीमित क्षेत्र में सब्जी उत्पादन करने वाले किसान तिरपाल आदि के सहारे भी फसलों को शीत लहरों से बचा सकते हैं। अगले तीन दिनों तक शीत लहर चलने व इसकेे बाद मौसम सामान्य होने की संभावना बताई जा रही है।
रात में ज्यादा ठंड पर दिन में खिल रही धूप
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में इस समय चलने वाली उत्तर-पश्चिमी हवाओं में रफ्तार है। लिहाजा रात के समय इन्हीं हवाओं के कारण ठंड पड़ने लगी है। दिन की बात करें तो ज्यादातर इलाकों में धूप खिल रही है। मगर धूप के बीच हवा ठंडक बढ़ा रही है। रात को आसमान साफ होने की वजह से पारे में अभी और गिरावट आने की पूरी संभावना है।
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पिछले पांच दिनों का तापमान
दिनांक अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान
21 दिसंबर 22.2 डिग्री 1.2 डिग्री सेल्सियस
20 दिसंबर 22.1 2.1 डिग्री सेल्सियस
19 दिसंबर 22.9 2.9 डिग्री सेल्सियस
18 दिसंबर 20.9 8.4 डिग्री सेल्सियस
17 दिसंबर 20.9 3.4 डिग्री सेल्सियस
कृषि वैज्ञानिक बोले- सिंचाई कर फसलों को बचाएं पाले के प्रकोप से
उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं चलने से रात्रि तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे जहां कहीं बर्फ जम रही तो कहीं पाला पड़ रहा है। पाले का हानिकारक प्रभाव अगेती सरसों, आलू, फलों व सब्जियों की नर्सरी तथा छोटे फलदार पौधों पर पड़ सकता है। इससे बचाव के लिए किसान पानी उपलब्ध हो तो फसलों, सब्जियों व फलदार पौधों में सिंचाई करें, ताकि जमीन का तापमान बढ़ सके। किसान खेत किनारे या 15 से 20 फीट की दूरी के अंतराल पर जिस ओर से हवा आ रही है। रात के समय कूड़ा-कचरा, सूखी घास एकत्रित कर धुआं करें। वातावरण का तापमान बढ़ सके, इससे पाले का हानिकारक प्रभाव न पड़े।
- डॉ. मदनलाल खीचड़, विभागाध्यक्ष, मौसम विज्ञान विभाग, एचएयू
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हिसार। एचएयू के मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री दर्ज किया है। साल 2013 के बाद यह पहली बार है कि सर्दी बढ़ने से दिसंबर में पारा इतने निचले स्तर पर पहुंचा है। 30 दिसंबर 2013 में न्यूनतम तापमान -1.0 डिग्री पहुंच गया था। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले तीन दिनों तक और पाला पड़ने की संभावना है। वीरवार को जहां न्यूनतम तापमान 2.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था, वह शुक्रवार को लुढ़ककर 1.2 डिग्री तक पहुंच गया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि जब तक उत्तर-पश्चिमी हवा चलेगी, तब तक लगातार तापमान में गिरावट आएगी। पहाड़ों में हुई बर्फ बारी का असर जिले में साफ दिखाई दे रहा है। आलम यह है कि खेतों में पाला जमने लगा हैं और तेज धुंध शुरू हो गई है। इससे न सिर्फ यातायात प्रभावित हो रहा है, बल्कि आम जनजीवन पर भी इसका असर पड़ने लगा है।
धुंध व ओस गेहूं की फसल के लिए लाभकारी
अल सुबह धुंध गिरना व ओस जमना गेेहूं की फसल के लिए बहुत ही लाभकारी माना जा रहा है। मगर यह पाला अगेती फसलों के लिए हानिकारक है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दी अधिक होने से किसान अपने खेतों में धुआं करके फसलों को सर्दी से बचा सकते हैं। सीमित क्षेत्र में सब्जी उत्पादन करने वाले किसान तिरपाल आदि के सहारे भी फसलों को शीत लहरों से बचा सकते हैं। अगले तीन दिनों तक शीत लहर चलने व इसकेे बाद मौसम सामान्य होने की संभावना बताई जा रही है।
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रात में ज्यादा ठंड पर दिन में खिल रही धूप
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में इस समय चलने वाली उत्तर-पश्चिमी हवाओं में रफ्तार है। लिहाजा रात के समय इन्हीं हवाओं के कारण ठंड पड़ने लगी है। दिन की बात करें तो ज्यादातर इलाकों में धूप खिल रही है। मगर धूप के बीच हवा ठंडक बढ़ा रही है। रात को आसमान साफ होने की वजह से पारे में अभी और गिरावट आने की पूरी संभावना है।
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पिछले पांच दिनों का तापमान
दिनांक अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान
21 दिसंबर 22.2 डिग्री 1.2 डिग्री सेल्सियस
20 दिसंबर 22.1 2.1 डिग्री सेल्सियस
19 दिसंबर 22.9 2.9 डिग्री सेल्सियस
18 दिसंबर 20.9 8.4 डिग्री सेल्सियस
17 दिसंबर 20.9 3.4 डिग्री सेल्सियस
कृषि वैज्ञानिक बोले- सिंचाई कर फसलों को बचाएं पाले के प्रकोप से
उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं चलने से रात्रि तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे जहां कहीं बर्फ जम रही तो कहीं पाला पड़ रहा है। पाले का हानिकारक प्रभाव अगेती सरसों, आलू, फलों व सब्जियों की नर्सरी तथा छोटे फलदार पौधों पर पड़ सकता है। इससे बचाव के लिए किसान पानी उपलब्ध हो तो फसलों, सब्जियों व फलदार पौधों में सिंचाई करें, ताकि जमीन का तापमान बढ़ सके। किसान खेत किनारे या 15 से 20 फीट की दूरी के अंतराल पर जिस ओर से हवा आ रही है। रात के समय कूड़ा-कचरा, सूखी घास एकत्रित कर धुआं करें। वातावरण का तापमान बढ़ सके, इससे पाले का हानिकारक प्रभाव न पड़े।
- डॉ. मदनलाल खीचड़, विभागाध्यक्ष, मौसम विज्ञान विभाग, एचएयू