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वो जिंदा लौट आई तो उठे सवाल? मुर्दा कौन थी
डबवाली (सिरसा)/ब्यूरो
Updated Wed, 28 Aug 2013 02:21 AM IST
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अप्रैल में घर से गायब हुई विवाहिता को पुलिस के कहने पर परिजनों ने मृत मान लिया था। सड़क किनारे प्लास्टिक बैग में मिले शव की पहचान भी विवाहिता के रूप में करवाई गई थी।
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अब 4 माह बाद उक्त विवाहिता जब अपने ससुराल जीवित लौट आई तो पुलिस ने सामने ये सवाल उठ खड़े हुए हैं कि वो कौन थी, जिसका शव मिला था। मामला हरियाणा के सिरसा जिले के डबवाली इलाके का है।
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गत 27 अप्रैल को यहां के गांव सकताखेड़ा के पास पेस्टीसाईड फैक्टरी की कुछ दूरी पर नीले रंग के प्लास्टिक बैग से थाना सदर पुलिस को कपडे़ में बंधा हुआ महिला का शव बरामद किया था।
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जिसे 29 अप्रैल को बठिंडा निवासी सुरेश उर्फ वीरभान पुत्र बनवारी लाल, आशा पत्नी सुरेश ने अपनी पुत्री रजनी के रूप में पहचाना था। उस समय उन्होंने बताया कि रजनी की शादी करीब सात माह पूर्व बाघापुराना पंजाब निवासी शामू के साथ हुई थी।
शामू नगरपालिका बाघापुराना में कार्यरत है। करीब 15 दिन पूर्व उनके दामाद शामू ने सूचना दी थी कि रजनी घर से अचानक गायब हो गई है। उनके दामाद ने इस संबंध में बाघापुराना के थाना में मामला भी दर्ज करवाया है।
रजनी के अभिभावकों ने संदेह व्यक्त करते हुए अपने ही पड़ोसी युवकों पर हत्या करने का आरोप लगाया साथ ही इसके पीछे पुरानी रंजिश बताई।
इस संबंध में थाना सदर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज करके केस को बाघापुराना पुलिस के पास भेज दिया था।
बाघापुराना पुलिस ने इस केस की गुत्थी को उस समय सुलझा लिया जब रजनी ने स्वयं थाना बाघापुराना में पेश होकर जीवित होने का प्रमाण दे दिया।
इसकी सूचना बाघापुराना पुलिस ने थाना सदर डबवाली पुलिस को दी और थाना सदर पुलिस ने सोमवार को रजनी को न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी देवेंद्र सिंह की अदालत में पेश किया।
अदालत ने धारा 164 सीआरपीसी के तहत रजनी के ब्यान कलमबद्ध किए। थाना सदर प्रभारी भरतेंद्र सिंह ढिल्लों ने बताया कि रजनी ने पुलिस को बताया है कि वह लुधियाना की नीलम के पास रही जो उसे रेलवे स्टेशन लुधियाना पर मिली थी। उसके साथ कोई बदसलूकी नहीं हुई। सदर पुलिस ने शव की पहचान के लिए नए सिरे से प्रयास शुरू कर दिए हैं।