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हरियाणा में शिक्षकों के 40000 पद खाली
डॉ. सुरेंद्र धीमान/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 02 Feb 2014 01:01 AM IST
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हरियाणा के सरकारी स्कूलों में स्थायी शिक्षकों के करीब 40,000 पद खाली पड़े हैं।
इस कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वर्ष 2012-13 की दसवीं और बारहवीं कक्षा के बोर्ड परीक्षा परिणाम भी काफी नकारात्मक रहे थे।
सरकारी विभागों में सबसे बड़ा अमला शिक्षा विभाग का है जिसमें प्रिंसिपल, हेडमास्टर, लेक्चरर, मास्टर, जेबीटी टीचर और नॉन टीचिंग समेत करीब 1.40 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं।
प्रदेश में करीब 1800 सीनियर सेकेंडरी, 1500 मैट्रिक, 2500 मिडिल और करीब 9500 प्राइमरी स्कूल हैं।
एक किमी. के दायरे में सरकारी प्राइमरी और तीन किमी. के दायरे में सरकारी मिडिल स्कूल है। स्कूली शिक्षा का ढांचा प्राइमरी, सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी यानी पांचवीं, दसवीं और दस जमा दो स्कूल में बंटा है।
मगर सरकार के नए फैसले से आठवीं कक्षा तक एलिमेंटरी और नौंवी से बारहवीं तक सेकेंडरी सिस्टम होगा। सेकेंडरी में सिर्फ लेक्चरर ही पढ़ाएंगे।
छठी से आठवीं कक्षा तक मास्टर और पहली से पांचवीं तक के बच्चों को जेबीटी टीचर पढ़ाएंगे।
हालांकि अब तक नौंवी और दसवीं कक्षाओं को मास्टर पढ़ा रहे हैं और दस जमा एक और दो के बच्चों को लेक्चरर पढ़ा रहे हैं।
नए सिस्टम लागू करने से लेक्चररों के नए पद सृजित किए हैं और अब कुल पद करीब 34000 हो गए हैं।
पांचवीं के 37 फीसदी बच्चे नहीं पढ़ पाते दूसरी का पाठ
असर नामक संस्था ने पिछले सप्ताह सर्वेक्षण रिपोर्ट जारी की थी।
संस्था के उत्तर क्षेत्रीय संयोजक अमित मिश्रा ने कहा कि ग्रामीण स्कूलों के 15000 से ज्यादा बच्चों का टेस्ट लिया था।
पहली और दूसरी कक्षा स्तर के अक्षर, शब्द, वाक्य और पांच-छह लाइनों का एक पैरा सभी बच्चों को पढ़ने को दिया था। इसी तरह साधारण गणित के सवाल दिए थे।
परिणाम निकला कि पांचवीं कक्षा के 37 फीसदी बच्चे दूसरी कक्षा के स्तर का पाठ नहीं पढ़ पाए। इसी तरह गणित का साधारण घटाव भी पांचवीं के 51 फीसदी बच्चे नहीं कर पाए।
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यह है शिक्षकों की कमी
प्रदेश में हर साल करीब ढाई हजार टीचर रिटायर हो जाते हैं। पिछले आठ साल से 16000 गेस्ट टीचर लगे हुए हैं। शिक्षकों की भर्ती करने के लिए शिक्षक भर्ती बोर्ड गठित किया था। यह बोर्ड अब पीजीटी और जेबीटी टीचरों की भर्ती प्रक्रिया में लगा हुआ है। शिक्षा विभाग में स्वीकृत और रिक्त पदों का ब्योरा
पद स्वीकृत रिक्त
प्रिंसिपल 1755 245
हेडमास्टर 1500 1113
मिडिल हेड 5548 732
लेक्चरर 33978 21153
मास्टर 26158 10425
सीएंडवी 21682 6765
जेबीटी 41339 11081
कुल 131960 51514
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इस कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वर्ष 2012-13 की दसवीं और बारहवीं कक्षा के बोर्ड परीक्षा परिणाम भी काफी नकारात्मक रहे थे।
सरकारी विभागों में सबसे बड़ा अमला शिक्षा विभाग का है जिसमें प्रिंसिपल, हेडमास्टर, लेक्चरर, मास्टर, जेबीटी टीचर और नॉन टीचिंग समेत करीब 1.40 लाख कर्मचारी कार्यरत हैं।
प्रदेश में करीब 1800 सीनियर सेकेंडरी, 1500 मैट्रिक, 2500 मिडिल और करीब 9500 प्राइमरी स्कूल हैं।
एक किमी. के दायरे में सरकारी प्राइमरी और तीन किमी. के दायरे में सरकारी मिडिल स्कूल है। स्कूली शिक्षा का ढांचा प्राइमरी, सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी यानी पांचवीं, दसवीं और दस जमा दो स्कूल में बंटा है।
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मगर सरकार के नए फैसले से आठवीं कक्षा तक एलिमेंटरी और नौंवी से बारहवीं तक सेकेंडरी सिस्टम होगा। सेकेंडरी में सिर्फ लेक्चरर ही पढ़ाएंगे।
छठी से आठवीं कक्षा तक मास्टर और पहली से पांचवीं तक के बच्चों को जेबीटी टीचर पढ़ाएंगे।
हालांकि अब तक नौंवी और दसवीं कक्षाओं को मास्टर पढ़ा रहे हैं और दस जमा एक और दो के बच्चों को लेक्चरर पढ़ा रहे हैं।
नए सिस्टम लागू करने से लेक्चररों के नए पद सृजित किए हैं और अब कुल पद करीब 34000 हो गए हैं।
पांचवीं के 37 फीसदी बच्चे नहीं पढ़ पाते दूसरी का पाठ
असर नामक संस्था ने पिछले सप्ताह सर्वेक्षण रिपोर्ट जारी की थी।
संस्था के उत्तर क्षेत्रीय संयोजक अमित मिश्रा ने कहा कि ग्रामीण स्कूलों के 15000 से ज्यादा बच्चों का टेस्ट लिया था।
पहली और दूसरी कक्षा स्तर के अक्षर, शब्द, वाक्य और पांच-छह लाइनों का एक पैरा सभी बच्चों को पढ़ने को दिया था। इसी तरह साधारण गणित के सवाल दिए थे।
परिणाम निकला कि पांचवीं कक्षा के 37 फीसदी बच्चे दूसरी कक्षा के स्तर का पाठ नहीं पढ़ पाए। इसी तरह गणित का साधारण घटाव भी पांचवीं के 51 फीसदी बच्चे नहीं कर पाए।
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यह है शिक्षकों की कमी
प्रदेश में हर साल करीब ढाई हजार टीचर रिटायर हो जाते हैं। पिछले आठ साल से 16000 गेस्ट टीचर लगे हुए हैं। शिक्षकों की भर्ती करने के लिए शिक्षक भर्ती बोर्ड गठित किया था। यह बोर्ड अब पीजीटी और जेबीटी टीचरों की भर्ती प्रक्रिया में लगा हुआ है। शिक्षा विभाग में स्वीकृत और रिक्त पदों का ब्योरा
पद स्वीकृत रिक्त
प्रिंसिपल 1755 245
हेडमास्टर 1500 1113
मिडिल हेड 5548 732
लेक्चरर 33978 21153
मास्टर 26158 10425
सीएंडवी 21682 6765
जेबीटी 41339 11081
कुल 131960 51514