हरियाणा के बिजली निगमों ने सब्सिडी का पैसा मांगा

अमर उजाला चंडीगढ़ Updated Thu, 08 May 2014 11:56 PM IST
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कृषि क्षेत्र को 25 से घटाकर 10 पैसे प्रति यूनिट का रेट देने के कारण बिजली निगमों ने पड़े बोझ के बदले हरियाणा सरकार से 5500 करोड़ रुपये की मांग की है।
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मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में वीरवार को यहां हुई बैठक में यह मांग रखी गई।
बिजली मंत्री कैप्टन अजय यादव ने बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि कृषि क्षेत्र को सस्ते में बिजली दी जा रही है।
इसके लिए सरकार से सब्सिडी मांगी है। सब्सिडी न मिलने से निगमों की आर्थिक हालत पतली हो गई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री से आग्रह किया गया है कि वे 5500 करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी करवाएं।

उन्होंने बताया कि बैठक में तय किया गया कि लाइनलॉस 27.44 फीसदी से घटाकर 20.99 फीसदी किया जाए।

हरियाणा के ग्रामीण घरेलू सप्लाई में 67.15, शहरी सप्लाई में 25.23, कृषि सप्लाई में 15.19 और औद्योगिक सप्लाई में 4.40 फीसदी लाइनलॉस है।

अब तय किया गया है कि ग्रामीण क्षेत्र में लाइनलॉस घटाकर 58.40, शहरी क्षेत्र में 11.60, कृषि क्षेत्र में 8.48 और औद्योगिक क्षेत्र में 0.16 फीसदी किया जाए।

उन्होंने कहा कि बिजली चोरी रोकने के लिए पुलिस थाने खोले गए हैं। बिजली मीटर घर के बाहर लगाने का काम शुरू किया गया है।

उपभोक्ताओं को पिलर बाक्स योजना अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। चोरी को रोकने के लिए छापामारी अभियान चलाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पानीपत थर्मल पावर प्लांट की पहलीचार यूनिट बंद कर 250 मेगावाट क्षमता के दो यूनिट लगाने का फैसला किया गया है। उन्होंने कहा कि गर्मियों में बिजली की कमी नहीं रहेगी।

नहीं हो रही बिलों की वसूली
बिजली मंत्री ने कहा कि बिजली बिलों की वसूली भी नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं की तरफ 1718, शहरी उपभोक्ताओं की तरफ 1039, कृषि उपभोक्ताओं की तरफ 597 और इंडस्ट्री की तरफ 146 करोड़ रुपये के बिल बकाया हैं।

उन्होंने कहा कि हरियाणा के कुछ अफसर चीन का दौरा करके लौटे हैं। चूंकि यमुनानगर और खेदड़ प्लांट में चीन की मशीनरी लगी हुई है। वह खराब होती रहती है। रोटर वगैरह चीन भेजना पड़ता है। अब चीन के इंजीनियर यहीं रहेंगे।

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