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खेमका के खिलाफ सीबीआई जांच की सिफारिश टली
अमर उजाला,चंडीगढ़
Updated Fri, 24 Jan 2014 01:46 AM IST
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हरियाणा सरकार ने गोदामों की छत के टेंडर के मामले में अशोक खेमका के खिलाफ सीबीआई जांच की सिफारिश केंद्र को भेजने की प्रक्रिया फिलहाल रोक दी है।
समझा जाता है कि लोकसभा चुनाव में विपक्षी दलों की ओर से खेमका की प्रताड़ना का मुद्दा उछाले जाने के डर से राज्य सरकार ने कदम पीछे खींचे हैं।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और मुख्य सचिव एससी चौधरी ने वीरवार को बताया कि यह सिफारिश फिलहाल केंद्र को नहीं भेजी गई है।
एक आरटीआई कार्यकर्ता ने अशोक खेमका के एमडी रहते समय हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन में गोदामों की छत गैलवैल्यूम शीट से बनाए जाने के टेंडर देने में गड़बड़ी की शिकायत की थी।
शुरुआती पड़ताल के बाद हरियाणा सरकार ने इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश करने का फैसला किया था।
मुख्यमंत्री से मंजूरी मिलने के बाद मुख्य सचिव ने गत 17 जनवरी को गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके गुप्ता को फाइल भेजकर केंद्रीय गृह मंत्रालय से आग्रह करने के लिए कहा था।
लेकिन गृह विभाग ने केंद्र को मामला भेजने के बजाय यह फाइल मुख्यमंत्री दफ्तर को लौटा दी है।
सूत्रों ने बताया कि मीडिया में यह खबर आने के बाद सरकार ने खेमका मामले में सीबीआई जांच कराने के फैसले पर पुनर्विचार कर रही है।
अब तय किया जाएगा कि यह मामला सीबीआई को दिया जाए या राज्य विजिलेंस ब्यूरो से ही जांच कराई जाए।
सूत्रों के मुताबिक मामले में फिलहाल किसी तरह की जांच न कराने का विकल्प भी सोचा जा सकता है।
वीरवार को मुख्यमंत्री ने सवाल किए जाने पर बताया कि अभी केंद्र को सीबीआई जांच की सिफारिश नहीं की है।
कई और अफसर फंसते
बताया जा रहा है कि आगामी अप्रैल-मई में होने जा रहे लोकसभा चुनाव में खेमका को प्रताड़ित किए जाने के बहाने रॉबर्ट वाड्रा-डीएलएफ जमीन सौदे का म्यूटेशन रद्द किए जाने का मसला उछाले जाने की आशंका से इस मामले को ठंडे बस्ते में डाला गया है।
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सीबीआई जांच के फैसले को बदले जाने की एक वजह यह बताई जा रही है कि सीबीआई जांच हुई तो हैफेड के अफसर भी जांच में घिर सकते थे।
हैफेड ने खेमका के कार्यकाल से ज्यादा रेट पर गैलवैल्यूम शीट लगाने का ठेका दिया था। खेमका ने हालांकि टेंडर खुद दे दिया था मगर बाद में बोर्ड निदेशालय से मंजूरी करवा ली थी। इसलिए बोर्ड निदेशक भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
मुख्य सचिव एससी एससी चौधरी ने बताया कि फाइल पर अशोक खेमका के खिलाफ गैलवैल्यूम शीट टेंडर देने के मामले की सीबीआई जांच कराने की मंजूरी है। मगर अभी केंद्र से आग्रह नहीं किया है। यह मामला सामान्य प्रक्रिया के तहत भेजा जाएगा न कि विशेष प्रकरण की तरह।
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समझा जाता है कि लोकसभा चुनाव में विपक्षी दलों की ओर से खेमका की प्रताड़ना का मुद्दा उछाले जाने के डर से राज्य सरकार ने कदम पीछे खींचे हैं।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और मुख्य सचिव एससी चौधरी ने वीरवार को बताया कि यह सिफारिश फिलहाल केंद्र को नहीं भेजी गई है।
एक आरटीआई कार्यकर्ता ने अशोक खेमका के एमडी रहते समय हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन में गोदामों की छत गैलवैल्यूम शीट से बनाए जाने के टेंडर देने में गड़बड़ी की शिकायत की थी।
शुरुआती पड़ताल के बाद हरियाणा सरकार ने इस मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश करने का फैसला किया था।
मुख्यमंत्री से मंजूरी मिलने के बाद मुख्य सचिव ने गत 17 जनवरी को गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके गुप्ता को फाइल भेजकर केंद्रीय गृह मंत्रालय से आग्रह करने के लिए कहा था।
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लेकिन गृह विभाग ने केंद्र को मामला भेजने के बजाय यह फाइल मुख्यमंत्री दफ्तर को लौटा दी है।
सूत्रों ने बताया कि मीडिया में यह खबर आने के बाद सरकार ने खेमका मामले में सीबीआई जांच कराने के फैसले पर पुनर्विचार कर रही है।
अब तय किया जाएगा कि यह मामला सीबीआई को दिया जाए या राज्य विजिलेंस ब्यूरो से ही जांच कराई जाए।
सूत्रों के मुताबिक मामले में फिलहाल किसी तरह की जांच न कराने का विकल्प भी सोचा जा सकता है।
वीरवार को मुख्यमंत्री ने सवाल किए जाने पर बताया कि अभी केंद्र को सीबीआई जांच की सिफारिश नहीं की है।
कई और अफसर फंसते
बताया जा रहा है कि आगामी अप्रैल-मई में होने जा रहे लोकसभा चुनाव में खेमका को प्रताड़ित किए जाने के बहाने रॉबर्ट वाड्रा-डीएलएफ जमीन सौदे का म्यूटेशन रद्द किए जाने का मसला उछाले जाने की आशंका से इस मामले को ठंडे बस्ते में डाला गया है।
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सीबीआई जांच के फैसले को बदले जाने की एक वजह यह बताई जा रही है कि सीबीआई जांच हुई तो हैफेड के अफसर भी जांच में घिर सकते थे।
हैफेड ने खेमका के कार्यकाल से ज्यादा रेट पर गैलवैल्यूम शीट लगाने का ठेका दिया था। खेमका ने हालांकि टेंडर खुद दे दिया था मगर बाद में बोर्ड निदेशालय से मंजूरी करवा ली थी। इसलिए बोर्ड निदेशक भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
मुख्य सचिव एससी एससी चौधरी ने बताया कि फाइल पर अशोक खेमका के खिलाफ गैलवैल्यूम शीट टेंडर देने के मामले की सीबीआई जांच कराने की मंजूरी है। मगर अभी केंद्र से आग्रह नहीं किया है। यह मामला सामान्य प्रक्रिया के तहत भेजा जाएगा न कि विशेष प्रकरण की तरह।