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आरक्षण दो या फिर सबसे छीन लो
Gurgaon
Updated Mon, 01 Oct 2012 12:00 PM IST
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गुड़गांव। गुर्जर समाज आरक्षण का पक्षधर नहीं है, लेकिन समानता हमारी मांग है। अगर गुर्जरों को आरक्षण देना मुमकिन नहीं है तो जाति के आधार पर यह व्यवस्था समाप्त की जानी चाहिए। अगर आरक्षण आर्थिक आधार पर लागू होता है तो समाज के किसी भी व्यक्ति को इस पर एतराज नहीं होगा।
ये बातें राष्ट्रीय गुर्जर आरक्षण संचालन समिति के सदस्य अतर सिंह ने रविवार को शमां रेस्टोरेंट में आयोजित पत्रकारवार्ता में कहीं। वे दो अक्तूबर को दिल्ली में प्रस्तावित गुर्जर समाज की महापंचायत के बारे में जानकारी दे रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान में गुर्जरों के साथ आरक्षण के नाम पर भद्दा मजाक किया जा रहा है। इससे समाज के लोगों को ठेस पहुंची है। समिति संयोजक चौधरी सूरजमल ने कहा कि उनकी मांग यह भी है कि आंदोलन के दौरान समाज के जिन लोगों पर मामले दर्ज किए गए, वह वापस लिए जाएं। वहीं, अखिल भारतीय गुर्जर परिषद हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष चौधरी तेजपाल सिंह चौहान ने कहा कि इस बार दो तरह से आंदोलन होगा। राजस्थान के गुर्जर जहां जयपुर का घेराव करेंगे, वहीं एनसीआर के गुर्जर दिल्ली की सड़कों पर मोर्चा संभालेंगे। उन्होंने कहा कि अभी आंदोलन शांतिपूर्वक चलाने की योजना है, इसलिए ही दो अक्तूबर का दिन तय किया गया है। अगर आंदोलन ने उग्र रूप लिया तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की ही रहेगी। इस मौके पर पैथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी मुखिया गुर्जर, गुर्जर सभा हरियाणा के कार्यकारी अध्यक्ष चौधरी ज्ञानचंद भड़ाना, चौधरी कर्ण सिंह तंवर, चौधरी रणबीर सिंह, विनोद भडाना, जयसिंह गुर्जर आदि मौजूद थे।
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ये बातें राष्ट्रीय गुर्जर आरक्षण संचालन समिति के सदस्य अतर सिंह ने रविवार को शमां रेस्टोरेंट में आयोजित पत्रकारवार्ता में कहीं। वे दो अक्तूबर को दिल्ली में प्रस्तावित गुर्जर समाज की महापंचायत के बारे में जानकारी दे रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान में गुर्जरों के साथ आरक्षण के नाम पर भद्दा मजाक किया जा रहा है। इससे समाज के लोगों को ठेस पहुंची है। समिति संयोजक चौधरी सूरजमल ने कहा कि उनकी मांग यह भी है कि आंदोलन के दौरान समाज के जिन लोगों पर मामले दर्ज किए गए, वह वापस लिए जाएं। वहीं, अखिल भारतीय गुर्जर परिषद हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष चौधरी तेजपाल सिंह चौहान ने कहा कि इस बार दो तरह से आंदोलन होगा। राजस्थान के गुर्जर जहां जयपुर का घेराव करेंगे, वहीं एनसीआर के गुर्जर दिल्ली की सड़कों पर मोर्चा संभालेंगे। उन्होंने कहा कि अभी आंदोलन शांतिपूर्वक चलाने की योजना है, इसलिए ही दो अक्तूबर का दिन तय किया गया है। अगर आंदोलन ने उग्र रूप लिया तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की ही रहेगी। इस मौके पर पैथिक सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी मुखिया गुर्जर, गुर्जर सभा हरियाणा के कार्यकारी अध्यक्ष चौधरी ज्ञानचंद भड़ाना, चौधरी कर्ण सिंह तंवर, चौधरी रणबीर सिंह, विनोद भडाना, जयसिंह गुर्जर आदि मौजूद थे।
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