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जाटों को आरक्षण की सिफारिश पर घिरी कांग्रेस
भिवानी/ब्यूरो
Updated Wed, 25 Dec 2013 10:57 PM IST
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केंद्र की नौकरियों में जाटों को ओबीसी में शामिल करने की सिफारिश के बाद भी कांग्रेस की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं।
एक ओर जहां जाटों का एक धड़ा अभी भी आंदोलन पर अड़ा है, वहीं पिछड़े वर्ग ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जाटों ने पंचायत कर कहा कि जब तक जाट आरक्षण केंद्र में लागू नहीं हो जाता, उनका संघर्ष खत्म नहीं होगा। वहीं, जाट आरक्षण की सिफारिश के विरोध में शोषित समाज हरियाणा के बैनर तले पिछड़ा वर्ग के सैकड़ों लोगों ने कांग्रेस की शव यात्रा निकाली।
पिछड़ों ने कांग्रेस सरकार को चेताया कि जाटों को आरक्षण दिया तो कांग्रेस का बहिष्कार किया जाएगा। आने वाले चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवारों को वोट नहीं दिए जाएंगे। जाटों को आरक्षण के मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी को धन्यवाद देने वाली जन स्वास्थ्य मंत्री किरण चौधरी और सांसद श्रुति चौधरी को भी पिछड़ा वर्ग के लोग आगामी चुनाव में वोट नहीं देंगे।
बुधवार को शोषित समाज हरियाणा के बैनर तले सैकड़ों पिछड़ा वर्ग के लोग दादरी गेट पर एकत्रित हुए। इसके बाद रोहतक चौक, महम चौक, पुराना बस अड्डा और हांसी गेट होते हुए घंटाघर चौक पर कांग्रेस की शव यात्रा संपन्न हुई।
शोषित समाज हरियाणा के अध्यक्ष राजेंद्र तंवर ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने जाटों को ओबीसी में शामिल किया तो पिछड़ा वर्ग के लोग एकमत होकर कांग्रेस का चुनाव में बहिष्कार करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा आजादी के बाद से लेकर अब तक दो आयोग पिछड़ी जातियों का सर्वे करने के लिए बनाए गए। 1953 में काका कालेरकर और 1978 में मंडल कमीशन आयोग बनाया गया। इन आयोगों ने कभी जाट समाज को पिछड़ा नहीं माना। हरियाणा में भी केसी गुप्ता की अध्यक्षता में बने पिछड़ा वर्ग आयोग ने रिटायर्ड प्रोफेसर खजान सिंह सांगवान के झूठी सर्वे को आधार मानकर जाट व अन्य चार बिरादरियों को पिछड़ा घोषित करवा दिया। हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेेंद्र सिंह हुड्डा ने साजिश के तहत यह सब करवाया। इसी सर्वे रिपोर्ट को आधार मानकर हुड्डा व किरण चौधरी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी को झूठे आंकड़े पेश कर जाटों को पिछड़ा घोषित घोषित करने के लिए मजबूर किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने वर्ष 2011 में जाटों का सर्वें करके इनको पिछड़ा घोषित करने से इनकार कर दिया था।
संगठन के महासचिव दलबीर उमरा ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा हरियाणा में जातीय झगड़े करवाकर जाट वोटों का ध्रुवीकरण करना चाहते हैं। 18 प्रतिशत वोटों को खुश करने के लिए 41 प्रतिशत पिछड़ों की अनदेखी की जा रही है। सुरेश प्रजापति ने कहा कि 20 जनवरी को दिल्ली में पूरे प्रदेश से लाखों लोग जंतर मंतर पर एकत्रित होेंगे और जाट आरक्षण के विरोध में राष्ट्रपति को ज्ञापन देंगे। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष लालचंद जांगड़ा, श्रीराम जांगड़ा, राजेश एडवोकेट, कुम्हार सभा हरियाणा के प्रधान धर्मबीर प्रजापति, दिनेश बेडवाल, दौलतराम प्रजापति, लीलाराम, रामौतार जोगी, प्रदीप जोगी, रमेश टांक, धर्मबीर लखेरा, ताराचंद रोहिला, बसाऊराम सैन आदि मौजूद रहे।
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एक ओर जहां जाटों का एक धड़ा अभी भी आंदोलन पर अड़ा है, वहीं पिछड़े वर्ग ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जाटों ने पंचायत कर कहा कि जब तक जाट आरक्षण केंद्र में लागू नहीं हो जाता, उनका संघर्ष खत्म नहीं होगा। वहीं, जाट आरक्षण की सिफारिश के विरोध में शोषित समाज हरियाणा के बैनर तले पिछड़ा वर्ग के सैकड़ों लोगों ने कांग्रेस की शव यात्रा निकाली।
पिछड़ों ने कांग्रेस सरकार को चेताया कि जाटों को आरक्षण दिया तो कांग्रेस का बहिष्कार किया जाएगा। आने वाले चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवारों को वोट नहीं दिए जाएंगे। जाटों को आरक्षण के मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी को धन्यवाद देने वाली जन स्वास्थ्य मंत्री किरण चौधरी और सांसद श्रुति चौधरी को भी पिछड़ा वर्ग के लोग आगामी चुनाव में वोट नहीं देंगे।
बुधवार को शोषित समाज हरियाणा के बैनर तले सैकड़ों पिछड़ा वर्ग के लोग दादरी गेट पर एकत्रित हुए। इसके बाद रोहतक चौक, महम चौक, पुराना बस अड्डा और हांसी गेट होते हुए घंटाघर चौक पर कांग्रेस की शव यात्रा संपन्न हुई।
शोषित समाज हरियाणा के अध्यक्ष राजेंद्र तंवर ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने जाटों को ओबीसी में शामिल किया तो पिछड़ा वर्ग के लोग एकमत होकर कांग्रेस का चुनाव में बहिष्कार करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा आजादी के बाद से लेकर अब तक दो आयोग पिछड़ी जातियों का सर्वे करने के लिए बनाए गए। 1953 में काका कालेरकर और 1978 में मंडल कमीशन आयोग बनाया गया। इन आयोगों ने कभी जाट समाज को पिछड़ा नहीं माना। हरियाणा में भी केसी गुप्ता की अध्यक्षता में बने पिछड़ा वर्ग आयोग ने रिटायर्ड प्रोफेसर खजान सिंह सांगवान के झूठी सर्वे को आधार मानकर जाट व अन्य चार बिरादरियों को पिछड़ा घोषित करवा दिया। हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेेंद्र सिंह हुड्डा ने साजिश के तहत यह सब करवाया। इसी सर्वे रिपोर्ट को आधार मानकर हुड्डा व किरण चौधरी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी को झूठे आंकड़े पेश कर जाटों को पिछड़ा घोषित घोषित करने के लिए मजबूर किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ने वर्ष 2011 में जाटों का सर्वें करके इनको पिछड़ा घोषित करने से इनकार कर दिया था।
संगठन के महासचिव दलबीर उमरा ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा हरियाणा में जातीय झगड़े करवाकर जाट वोटों का ध्रुवीकरण करना चाहते हैं। 18 प्रतिशत वोटों को खुश करने के लिए 41 प्रतिशत पिछड़ों की अनदेखी की जा रही है। सुरेश प्रजापति ने कहा कि 20 जनवरी को दिल्ली में पूरे प्रदेश से लाखों लोग जंतर मंतर पर एकत्रित होेंगे और जाट आरक्षण के विरोध में राष्ट्रपति को ज्ञापन देंगे। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी का घेराव किया जाएगा। प्रदर्शन में जिला अध्यक्ष लालचंद जांगड़ा, श्रीराम जांगड़ा, राजेश एडवोकेट, कुम्हार सभा हरियाणा के प्रधान धर्मबीर प्रजापति, दिनेश बेडवाल, दौलतराम प्रजापति, लीलाराम, रामौतार जोगी, प्रदीप जोगी, रमेश टांक, धर्मबीर लखेरा, ताराचंद रोहिला, बसाऊराम सैन आदि मौजूद रहे।