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क्यों मंडराया चार लाख बच्चों की पढ़ाई छूटने का संकट
हिसार/रोहतक/ब्यूरो
Updated Sun, 22 Sep 2013 11:17 PM IST
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गैर मान्यता प्राप्त 1372 स्कूलों को बंद करने के हरियाणा सरकार के फैसले के विरोध में हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ की महत्वपूर्ण बैठक रविवार को हिसार के गांव राजली में हुई।
बैठक में प्रदेश भर में कांग्रेस सरकार के खिलाफ आंदोलन का खाका तैयार किया गया। प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू और हिसार यूनिट के जिलाध्यक्ष नरेंद्र सेठी की मौजूदगी में प्रदेश भर से नौ पदाधिकारियों ने प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार की। सोमवार से लेकर बुधवार तक चार जिलों में कांग्रेसी विधायकों और सांसदों का घेराव किया जाएगा।
इस दौरान हिसार में 12 अक्तूबर को प्रस्तावित प्रदेशस्तरीय महासम्मेलन में भीड़ जुटाने की रणनीति पर भी विचार किया गया। वहीं, स्कूल संचालक ने तय किया कि भारतीय किसान यूनियन से भी इस मामले में सहयोग मांगा जाएगा। अगर स्कूल बंद होते हैं तो इससे 14 हजार शिक्षक बेरोजगार होंगे और लगभग चार लाख बच्चों की पढ़ाई पर संकट आ जाएगा।
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यहां होगा प्रदर्शन
शनिवार को हिसार में प्रदर्शन करने के बाद प्राइवेट स्कूल संचालक सोमवार को रोहतक में कांग्रेसी विधायकों और सांसदों का घेराव करेंगे। मंगलवार को गुड़गांव व कैथल और बुधवार को रेवाड़ी में प्रदर्शन किया जाएगा। उसके बाद प्रदेश में एक साथ एक ही समय सभी जिलों में सरकार के विधायकों का घेराव किया जाएगा।
ये हैं प्रमुख मांगें
हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ ने मांग की कि प्रदेश के 1372 स्कूलों को सत्र के मध्य में बंद न करने उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए। नियमावली-2007 का सरलीकरण करना, परमिशन और अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों को स्थायी मान्यता प्रदान करना, स्कूल बसों को पूर्ण रूप से टैक्स मुक्त करना और वर्ष 2007 में स्कूल संचालकों पर गलत तरीक से दर्ज मामले वापस लेना उनकी मुख्य मांगें हैं।
मरते दम तक करेंगे संघर्ष : सत्यवान कुंडू
प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने कहा कि वे स्कूलों को बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं, यदि जरूरत पड़ी तो वे अपनी जान देकर भी स्कूलों को बचाएंगे। जरूरत पड़ी तो वे कांग्रेस को हराने के लिए घर-घर जा सकते हैं।
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बैठक में प्रदेश भर में कांग्रेस सरकार के खिलाफ आंदोलन का खाका तैयार किया गया। प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू और हिसार यूनिट के जिलाध्यक्ष नरेंद्र सेठी की मौजूदगी में प्रदेश भर से नौ पदाधिकारियों ने प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार की। सोमवार से लेकर बुधवार तक चार जिलों में कांग्रेसी विधायकों और सांसदों का घेराव किया जाएगा।
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इस दौरान हिसार में 12 अक्तूबर को प्रस्तावित प्रदेशस्तरीय महासम्मेलन में भीड़ जुटाने की रणनीति पर भी विचार किया गया। वहीं, स्कूल संचालक ने तय किया कि भारतीय किसान यूनियन से भी इस मामले में सहयोग मांगा जाएगा। अगर स्कूल बंद होते हैं तो इससे 14 हजार शिक्षक बेरोजगार होंगे और लगभग चार लाख बच्चों की पढ़ाई पर संकट आ जाएगा।
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यहां होगा प्रदर्शन
शनिवार को हिसार में प्रदर्शन करने के बाद प्राइवेट स्कूल संचालक सोमवार को रोहतक में कांग्रेसी विधायकों और सांसदों का घेराव करेंगे। मंगलवार को गुड़गांव व कैथल और बुधवार को रेवाड़ी में प्रदर्शन किया जाएगा। उसके बाद प्रदेश में एक साथ एक ही समय सभी जिलों में सरकार के विधायकों का घेराव किया जाएगा।
ये हैं प्रमुख मांगें
हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ ने मांग की कि प्रदेश के 1372 स्कूलों को सत्र के मध्य में बंद न करने उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए। नियमावली-2007 का सरलीकरण करना, परमिशन और अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों को स्थायी मान्यता प्रदान करना, स्कूल बसों को पूर्ण रूप से टैक्स मुक्त करना और वर्ष 2007 में स्कूल संचालकों पर गलत तरीक से दर्ज मामले वापस लेना उनकी मुख्य मांगें हैं।
मरते दम तक करेंगे संघर्ष : सत्यवान कुंडू
प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने कहा कि वे स्कूलों को बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं, यदि जरूरत पड़ी तो वे अपनी जान देकर भी स्कूलों को बचाएंगे। जरूरत पड़ी तो वे कांग्रेस को हराने के लिए घर-घर जा सकते हैं।