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Fatehabad News: दुड़ाराम कर रहे थे अफसरों की तारीफ, लोग लगाने लगे नारे
Thu, 04 Sep 2025 12:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 04 Sep 2025 12:01 AM IST
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भूना में पूर्व विधायक दुड़ाराम के सामने हंगामा करते जलभराव से प्रभावित लोग। संंवाद
- फोटो : गड्ढों में फंसकर पलटे पांच ई रिक्शे
भूना। शहर में जलभराव की स्थिति गंभीर होती जा रही है। चंदन नगर के कई परिवारों को घर और झुग्गियां छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करना पड़ा। बुधवार को शहीद उधम सिंह चौक पर दो परिवार जब ट्रैक्टर ट्रॉली में सामान भरकर जा रहे थे तभी उनको वहां पूर्व विधायक और संसदीय सचिव दुड़ाराम नजर आ गए।
वह मीडिया कर्मियों के सामने प्रशासन की ओर से राहत कार्यों की सराहना कर रहे थे, लेकिन ट्रॉली में खड़े होकर लोगों ने नारेबाजी करते हुए अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। प्रभावितों ने सवाल उठाया कि जलभराव के निपटने के लिए तीन साल में बंदोबस्त नहीं किए जा सके। शासन-प्रशासन की उदासीनता के कारण आज यह स्थिति बनी है।
वार्ड नंबर 14 कुलदीप सिंह, सोनू, केला देवी, संतरों देवी,बग्गी देवी, सकीना, मुकेश आदि ने आरोप लगाया कि जलनिकासी व्यवस्था में गरीबों की अनदेखी की गई है। गरीब बस्तियों में अभी भी घुटनों से उपर घरों में पानी भरा है जबकि प्रभावशाली इलाकों में पानी निकालने के लिए पूरा प्रशासनिक अमला जुटा है।
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गुरुद्वारा सिंह सभा ने शुरू की राहत सेवा, 200 परिवारों को पहुंचाया सुरक्षित स्थान पर
शहर में जलभराव के चलते हालात बिगड़ते देख गुरुद्वारा सिंह सभा भूना ने सेवा कार्य शुरू कर दिया है। बुधवार से गुरुद्वारा प्रबंधन द्वारा ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से जल प्रभावित बस्तियों में फंसे लोगों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। साथ ही लंगर की सेवा भी शुरू कर दी गई है। मॉडल टाउन, चंदन नगर, नेहरू पार्क एरिया, श्याम विहार कॉलोनी समेत अन्य प्रभावित इलाकों से करीब 200 परिवारों को राहत पहुंचाई गई। प्रशासनिक स्तर पर भी राहत कार्य तेज कर दिए गए हैं। जलनिकासी और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए टीमें तैनात की गई हैं।
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दुकानों और मकानों को बचाने के लिए युद्धस्तर पर भरे गए मिट्टी के बैग, सीईओ फतेहाबाद ने संभाली कमान
खेतों से तेज बहाव के साथ शहर में आ रहे बरसाती पानी को रोकने और दुकानों-मकानों में घुसने से बचाने के लिए प्रशासन ने बुधवार को युद्धस्तर पर मोर्चा संभाला। जिला परिषद फतेहाबाद के सीईओ सुरेश कुमार के नेतृत्व में यह कार्य शुरू किया गया। करीब 50 से ज्यादा श्रमिकों ने टीम बनाकर हजारों खाली बैगों में मिट्टी भरकर प्रभावित इलाकों में लगाए। समाज सेवी अरुण सेठी की टीम पेयजल सेवा में जुटी रही।
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परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया, खाने-पीने की व्यवस्था
प्रशासन ने बुधवार को करीब 200 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। इन परिवारों को शास्त्री मंडी, जनता धर्मशाला, राजकीय महाविद्यालय और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में अस्थायी तौर पर शरण दी गई है। प्रशासन और सामाजिक संगठनों की ओर से इन प्रभावित परिवारों के लिए खाने-पीने और जरूरी सामान की व्यवस्था की जा रही है। राहत शिविरों में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
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बारिश से लैब डूबी, जांच सेवाएं ठप
भारत विकास परिषद द्वारा संचालित शहीद भगत सिंह चैरिटेबल डायग्नोस्टिक लैब में पानी घुसने से मेडिकल उपकरण खराब हो गए। इससे गरीबों को मिलने वाली जांच सेवाएं ठप हो गई हैं। शाखा अध्यक्ष डॉ. दीपक बंसल ने बताया कि नुकसान हुआ है और मरीजों को अब तुरंत सुविधा नहीं मिल पाएगी।
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सरकारी कार्यालयों, 400 दुकानों में घुसा पानी
उधर वेयरहाउस के गेहूं से भरे हुए दो गोदाम, उप तहसील कार्यालय, खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, राजकीय पशु चिकित्सालय, राजकीय प्राथमिक पाठशाला मॉडल टाउन, बूस्टिंग स्टेशन,बीएनएसएस टेलीफोन एक्सचेंज, गैस एजेंसी, पेट्रोल पंप, न्यू सनराइज सीनियर सेकेंडरी स्कूल, इंदिरा मॉडर्न स्कूल, किसान सेवा केंद्र का गेहूं से भरा हुआ गोदाम, अनाज मंडी की फर्म रामकुमार श्यामलाल के दो गोदाम, हैफड का एक गोदाम, बंसल हार्डवेयर एवं वुडन शोरूम व लगभग 400 दुकानों में पानी घुस गया है।
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वह मीडिया कर्मियों के सामने प्रशासन की ओर से राहत कार्यों की सराहना कर रहे थे, लेकिन ट्रॉली में खड़े होकर लोगों ने नारेबाजी करते हुए अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। प्रभावितों ने सवाल उठाया कि जलभराव के निपटने के लिए तीन साल में बंदोबस्त नहीं किए जा सके। शासन-प्रशासन की उदासीनता के कारण आज यह स्थिति बनी है।
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वार्ड नंबर 14 कुलदीप सिंह, सोनू, केला देवी, संतरों देवी,बग्गी देवी, सकीना, मुकेश आदि ने आरोप लगाया कि जलनिकासी व्यवस्था में गरीबों की अनदेखी की गई है। गरीब बस्तियों में अभी भी घुटनों से उपर घरों में पानी भरा है जबकि प्रभावशाली इलाकों में पानी निकालने के लिए पूरा प्रशासनिक अमला जुटा है।
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गुरुद्वारा सिंह सभा ने शुरू की राहत सेवा, 200 परिवारों को पहुंचाया सुरक्षित स्थान पर
शहर में जलभराव के चलते हालात बिगड़ते देख गुरुद्वारा सिंह सभा भूना ने सेवा कार्य शुरू कर दिया है। बुधवार से गुरुद्वारा प्रबंधन द्वारा ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से जल प्रभावित बस्तियों में फंसे लोगों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। साथ ही लंगर की सेवा भी शुरू कर दी गई है। मॉडल टाउन, चंदन नगर, नेहरू पार्क एरिया, श्याम विहार कॉलोनी समेत अन्य प्रभावित इलाकों से करीब 200 परिवारों को राहत पहुंचाई गई। प्रशासनिक स्तर पर भी राहत कार्य तेज कर दिए गए हैं। जलनिकासी और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए टीमें तैनात की गई हैं।
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दुकानों और मकानों को बचाने के लिए युद्धस्तर पर भरे गए मिट्टी के बैग, सीईओ फतेहाबाद ने संभाली कमान
खेतों से तेज बहाव के साथ शहर में आ रहे बरसाती पानी को रोकने और दुकानों-मकानों में घुसने से बचाने के लिए प्रशासन ने बुधवार को युद्धस्तर पर मोर्चा संभाला। जिला परिषद फतेहाबाद के सीईओ सुरेश कुमार के नेतृत्व में यह कार्य शुरू किया गया। करीब 50 से ज्यादा श्रमिकों ने टीम बनाकर हजारों खाली बैगों में मिट्टी भरकर प्रभावित इलाकों में लगाए। समाज सेवी अरुण सेठी की टीम पेयजल सेवा में जुटी रही।
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परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया, खाने-पीने की व्यवस्था
प्रशासन ने बुधवार को करीब 200 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। इन परिवारों को शास्त्री मंडी, जनता धर्मशाला, राजकीय महाविद्यालय और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में अस्थायी तौर पर शरण दी गई है। प्रशासन और सामाजिक संगठनों की ओर से इन प्रभावित परिवारों के लिए खाने-पीने और जरूरी सामान की व्यवस्था की जा रही है। राहत शिविरों में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
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बारिश से लैब डूबी, जांच सेवाएं ठप
भारत विकास परिषद द्वारा संचालित शहीद भगत सिंह चैरिटेबल डायग्नोस्टिक लैब में पानी घुसने से मेडिकल उपकरण खराब हो गए। इससे गरीबों को मिलने वाली जांच सेवाएं ठप हो गई हैं। शाखा अध्यक्ष डॉ. दीपक बंसल ने बताया कि नुकसान हुआ है और मरीजों को अब तुरंत सुविधा नहीं मिल पाएगी।
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सरकारी कार्यालयों, 400 दुकानों में घुसा पानी
उधर वेयरहाउस के गेहूं से भरे हुए दो गोदाम, उप तहसील कार्यालय, खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, राजकीय पशु चिकित्सालय, राजकीय प्राथमिक पाठशाला मॉडल टाउन, बूस्टिंग स्टेशन,बीएनएसएस टेलीफोन एक्सचेंज, गैस एजेंसी, पेट्रोल पंप, न्यू सनराइज सीनियर सेकेंडरी स्कूल, इंदिरा मॉडर्न स्कूल, किसान सेवा केंद्र का गेहूं से भरा हुआ गोदाम, अनाज मंडी की फर्म रामकुमार श्यामलाल के दो गोदाम, हैफड का एक गोदाम, बंसल हार्डवेयर एवं वुडन शोरूम व लगभग 400 दुकानों में पानी घुस गया है।