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शौचालय सफाई का टेंडर खोलने में गड़बड़ झाला की आशंका
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फतेहाबाद का नगर परिषद कार्यालय।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। शहर के सार्वजनिक शौचालयों की सफाई और मरम्मत के टेंडर पर फिर संकट के बादल मंडराने लगे है। टेंडर को रद्द करने की तैयारी शुरू हो गई है। शौचालय के सफाई के टेंडर को खोलने को लेकर गड़बड़ झाला की आशंका को देखते हुए इसे रद्द करने की तैयारी चल रही है। टेंडर का वर्क ऑर्डर सोसायटी को किया जाएगा या फिर इसे रद्द किया जाएगा इसको लेकर वीरवार को फैसला होगा। वहीं बताया जा रहा है कि टेंडर को लेकर नाराज ठेकेदारों ने सीएम हाउस में शिकायत भेजी है।
बुधवार को संबंधित सोसायटी द्वारा रेट 3.25 लाख से सीधा 2 लाख 8 हजार करने के बावजूद नप अधिकारी वर्क ऑर्डर करने से कतरा रहे हैं। टेंडर के लिए 10 आवेदन आए थे, लेकिन नप ने एससी सोसायटी के ही तीन आवेदन खोले। टेंडर सिरसा की एजेंसी के नाम जारी हुआ। इसके बाद अन्य फर्मों ने टेंडर खोलने में लेन-देन के आरोप लगाने शुरू कर दिए। इसके अलावा टेंडर 3.25 लाख रुपये प्रति माह खुलने पर भी विवाद शुरू हो गया। पिछले साल 1 लाख 25 हजार प्रति माह ठेका रहा था।
रद्द हुआ तो फिर लटक जाएगा टेंडर
शौचालयों की सफाई का ठेका करीब 10 माह पहले खत्म हो गया था। इसके बाद नप ने नया टेंडर जारी नहीं किया। शहर में 17 शौचालय और 15 यूरिनल प्वाइंट है। इनकी सफाई को लेकर अभी तक व्यवस्था ही नहीं की गई। अब नप ने टेंडर लगाया था लेकिन वह भी अब विवादों में आ गया है।
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कोट
जिस सोसायटी के नाम टेंडर खुला है उसे रेट कम करने के लिए कहा गया था, सूचना मिली है कि 2 लाख 8 हजार में सोसायटी करने का तैयार है। टेंडर को लेकर कई चर्चाएं चल रही है। वर्क ऑर्डर देना है या रद्द किया जाएगा, इसको लेकर डीएमसी के साथ वीरवार को विचार-विमर्श किया जाएगा और इसके बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।
- ऋषिकेश चौधरी, ईओ, नगर परिषद
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बुधवार को संबंधित सोसायटी द्वारा रेट 3.25 लाख से सीधा 2 लाख 8 हजार करने के बावजूद नप अधिकारी वर्क ऑर्डर करने से कतरा रहे हैं। टेंडर के लिए 10 आवेदन आए थे, लेकिन नप ने एससी सोसायटी के ही तीन आवेदन खोले। टेंडर सिरसा की एजेंसी के नाम जारी हुआ। इसके बाद अन्य फर्मों ने टेंडर खोलने में लेन-देन के आरोप लगाने शुरू कर दिए। इसके अलावा टेंडर 3.25 लाख रुपये प्रति माह खुलने पर भी विवाद शुरू हो गया। पिछले साल 1 लाख 25 हजार प्रति माह ठेका रहा था।
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रद्द हुआ तो फिर लटक जाएगा टेंडर
शौचालयों की सफाई का ठेका करीब 10 माह पहले खत्म हो गया था। इसके बाद नप ने नया टेंडर जारी नहीं किया। शहर में 17 शौचालय और 15 यूरिनल प्वाइंट है। इनकी सफाई को लेकर अभी तक व्यवस्था ही नहीं की गई। अब नप ने टेंडर लगाया था लेकिन वह भी अब विवादों में आ गया है।
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जिस सोसायटी के नाम टेंडर खुला है उसे रेट कम करने के लिए कहा गया था, सूचना मिली है कि 2 लाख 8 हजार में सोसायटी करने का तैयार है। टेंडर को लेकर कई चर्चाएं चल रही है। वर्क ऑर्डर देना है या रद्द किया जाएगा, इसको लेकर डीएमसी के साथ वीरवार को विचार-विमर्श किया जाएगा और इसके बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।
- ऋषिकेश चौधरी, ईओ, नगर परिषद