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Fatehabad News: फतेहाबाद में शिक्षा विभाग ने शुरू की नाम बदलने की प्रक्रिया, प्रस्ताव मांगे
Sun, 31 Aug 2025 12:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 31 Aug 2025 12:28 AM IST
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सुंदर नगर इलाके में ठाकर बस्ती के नाम चल रहा स्कूल। संवाद
फतेहाबाद। शिक्षा विभाग ने जिले के सरकारी स्कूलों के पुराने और अटपटे नामों को बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग ने ऐसे स्कूलों से नए नाम के प्रस्ताव मांगे हैं जिनके वर्तमान नाम से विद्यार्थियों, अभिभावकों और आम जनता को भ्रम होता है। यह पहल इसलिए की गई है क्योंकि कई स्कूलों के नाम उनकी वर्तमान लोकेशन या पहचान से मेल नहीं खाते हैं।
विभाग ने इस बारे में निर्देश दिए हैं कि मुखिया स्कूल प्रबंधक समिति (एसएमसी) के सदस्यों के साथ विचार-विमर्श करके नए नाम का प्रस्ताव तैयार करें और उसे शिक्षा विभाग को भेजें। जिसके बाद स्कूलों के नाम बदले जाएंगे। शिक्षा विभाग के अनुसार इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्कूलों के नाम अधिक प्रासंगिक हो और स्कूल के पते तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो।
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स्कूल कहीं, जगह का नाम अलग
जिले में ऐसे कई स्कूल हैं जिनके नाम उनकी मौजूदा स्थिति से मेल नहीं खाते, जिससे अक्सर भ्रम की स्थिति पैदा होती है। स्कूल प्रबंधन के अनुसार फतेहाबाद के सुंदर नगर क्षेत्र में स्थित स्कूल का नाम ठाकर बस्ती चल रहा है। यह नाम शहर के धर्मशाला रोड पर बसी एक बस्ती के नाम पर है। जिस बस्ती के नाम से स्कूल चल रहा है, वह करीब डेढ़ किलोमीटर दूर है। अब यह नाम उस क्षेत्र की पहचान से दूर है। ऐसे में दूर-दराज से आने वाले लोगों को या नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को स्कूल ढूंढने में परेशानी होती है। वहीं फतेहाबाद के सेक्टर तीन में प्राथमिक स्कूल का नाम भी अब इलाके के साथ मेल नहीं खाता है। स्कूल का नाम सिंगीकाट के नाम है। इसको लेकर भी काफी दिक्कत होती है।
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अभी तक नहीं आया कोई प्रस्ताव
शिक्षा विभाग द्वारा इस पहल को शुरू किए जाने के बावजूद, अभी तक किसी भी स्कूल की ओर से नाम बदलने का कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं आया है। अधिकारियों को उम्मीद है कि आगामी दिनों में स्कूल प्रबंधन समितियां इस पर गंभीरता से विचार करेंगी और उचित प्रस्ताव भेजेंगी।
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कई स्कूलों के नाम उनकी वर्तमान स्थिति से बिल्कुल अलग हैं। इससे छात्रों और अभिभावकों को दिक्कत आती है। विभाग का उद्देश्य है कि स्कूलों के नाम उनके वर्तमान स्थान, प्रमुख पहचान या किसी प्रेरणादायक व्यक्तित्व के नाम पर हों, जिससे उनकी एक स्पष्ट पहचान बन सके। इसको लेकर आवेदन मांगे गए हैं, अभी तक किसी भी स्कूल ने आवेदन नहीं किया है। इसको लेकर दोबारा सभी स्कूलों को निर्देश दिए जाएंगे।
- संगीता बिश्नोई, जिला शिक्षा अधिकारी फतेहाबाद।
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विभाग ने इस बारे में निर्देश दिए हैं कि मुखिया स्कूल प्रबंधक समिति (एसएमसी) के सदस्यों के साथ विचार-विमर्श करके नए नाम का प्रस्ताव तैयार करें और उसे शिक्षा विभाग को भेजें। जिसके बाद स्कूलों के नाम बदले जाएंगे। शिक्षा विभाग के अनुसार इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्कूलों के नाम अधिक प्रासंगिक हो और स्कूल के पते तक पहुंचने में कोई परेशानी न हो।
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स्कूल कहीं, जगह का नाम अलग
जिले में ऐसे कई स्कूल हैं जिनके नाम उनकी मौजूदा स्थिति से मेल नहीं खाते, जिससे अक्सर भ्रम की स्थिति पैदा होती है। स्कूल प्रबंधन के अनुसार फतेहाबाद के सुंदर नगर क्षेत्र में स्थित स्कूल का नाम ठाकर बस्ती चल रहा है। यह नाम शहर के धर्मशाला रोड पर बसी एक बस्ती के नाम पर है। जिस बस्ती के नाम से स्कूल चल रहा है, वह करीब डेढ़ किलोमीटर दूर है। अब यह नाम उस क्षेत्र की पहचान से दूर है। ऐसे में दूर-दराज से आने वाले लोगों को या नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को स्कूल ढूंढने में परेशानी होती है। वहीं फतेहाबाद के सेक्टर तीन में प्राथमिक स्कूल का नाम भी अब इलाके के साथ मेल नहीं खाता है। स्कूल का नाम सिंगीकाट के नाम है। इसको लेकर भी काफी दिक्कत होती है।
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अभी तक नहीं आया कोई प्रस्ताव
शिक्षा विभाग द्वारा इस पहल को शुरू किए जाने के बावजूद, अभी तक किसी भी स्कूल की ओर से नाम बदलने का कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं आया है। अधिकारियों को उम्मीद है कि आगामी दिनों में स्कूल प्रबंधन समितियां इस पर गंभीरता से विचार करेंगी और उचित प्रस्ताव भेजेंगी।
कई स्कूलों के नाम उनकी वर्तमान स्थिति से बिल्कुल अलग हैं। इससे छात्रों और अभिभावकों को दिक्कत आती है। विभाग का उद्देश्य है कि स्कूलों के नाम उनके वर्तमान स्थान, प्रमुख पहचान या किसी प्रेरणादायक व्यक्तित्व के नाम पर हों, जिससे उनकी एक स्पष्ट पहचान बन सके। इसको लेकर आवेदन मांगे गए हैं, अभी तक किसी भी स्कूल ने आवेदन नहीं किया है। इसको लेकर दोबारा सभी स्कूलों को निर्देश दिए जाएंगे।
- संगीता बिश्नोई, जिला शिक्षा अधिकारी फतेहाबाद।