फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   The college is running without permanent professors and resources, students are leaving after taking admission

Fatehabad News: बिना स्थायी प्राध्यापक व संसाधनों के चल रहा कॉलेज

Tue, 19 Aug 2025 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Tue, 19 Aug 2025 11:36 PM IST
विज्ञापन
The college is running without permanent professors and resources, students are leaving after taking admission
फतेहाबाद में राजकीय महाविद्यालय जो कि डाइट मताना के भवन में चल रहा हैसंवाद
फतेहाबाद। जिला मुख्यालय में प्रदेश सरकार की ओर से वर्ष 2023 में राजकीय महाविद्यालय की स्थापना की गई थी, लेकिन दो साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी यहां एक भी प्राध्यापक की स्थायी नियुक्ति नहीं हो सकी है।
विज्ञापन

कॉलेज में शिक्षकों, क्लर्क और सफाईकर्मियों की भारी कमी है, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। आलम यह है कि दाखिला लेने वाले विद्यार्थी अब कॉलेज छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं। कॉलेज खोले जाने के बाद से ही यह केवल नाम का संस्थान बनकर रह गया है। अब तक न तो वित्त विभाग ने प्राध्यापकों के पद स्वीकृत किए हैं और न ही कॉलेज को पर्याप्त संसाधन मुहैया कराए गए हैं।
विज्ञापन

जानकारों का कहना है कि जब तक पद स्वीकृत नहीं होंगे, न तो स्थायी नियुक्ति संभव है और न ही कॉलेज को स्थायी ग्रांट मिल पाएगी। फिलहाल यह कॉलेज राजकीय महिला महाविद्यालय भोडिया खेड़ा से शिफ्ट होकर डाइट मताना भवन में चलाया जा रहा है। कॉलेज में रोहतक से आए गणित विषय के एकमात्र अस्थायी प्राध्यापक कार्य कर रहे हैं, जो कार्यकारी प्राचार्य का दायित्व भी निभा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

हिंदी और अंग्रेजी विषयों के लिए एक-एक शिक्षक का अस्थायी समायोजन किया गया है, जबकि भूगोल विषय के लिए सप्ताह में केवल तीन दिन प्राध्यापक भेजे जाते हैं। लेकिन इतिहास, राजनीति विज्ञान, कंप्यूटर साइंस, अर्थशास्त्र, पंजाबी, मनोविज्ञान और फिजिकल एजुकेशन जैसे अहम विषयों के लिए कोई शिक्षक उपलब्ध नहीं है।
--

विद्यार्थियों की संख्या में गिरावट

राजकीय महाविद्यालय में बीए संकाय में 160 और बीकॉम संकाय में 80 सीटें निर्धारित हैं। लेकिन पढ़ाई की व्यवस्था न होने के कारण छात्र निराश होकर कॉलेज छोड़ने लगे हैं।

बीए प्रथम वर्ष में मात्र 64 दाखिले हुए, जबकि सीटें 160 थीं।

बीए द्वितीय वर्ष में 60 में से 25 विद्यार्थी ही बचे हैं।

बीए तृतीय वर्ष में पहले 100 विद्यार्थी थे, अब सिर्फ 48 छात्र पढ़ रहे हैं।

बीकॉम प्रथम वर्ष में 80 सीटों पर सिर्फ 17 दाखिले हुए।

द्वितीय वर्ष में दाखिला लेने वाले 7 में से सिर्फ 2 ही छात्र बचे हैं।

तृतीय वर्ष में सिर्फ 4 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।

----

प्रबंधन भी उधार के सहारे

कॉलेज में प्रशासनिक व्यवस्थाएं भी पूरी तरह अव्यवस्थित हैं। यहां क्लर्क, लैब सहायक और सफाई कर्मचारी तक स्थायी रूप से नियुक्त नहीं हैं। जिला उच्च शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने तीन दिन के लिए अस्थायी रूप से कर्मचारी भेजने की व्यवस्था की है। बाकी दिनों में कार्यकारी प्राचार्य व अस्थायी प्राध्यापकों को ही व्यवस्थाएं संभालनी पड़ रही हैं। संसाधनों की कमी के कारण यहां नियमित कक्षाएं तक सुचारु रूप से संचालित नहीं हो पा रही हैं।

-

ये बोले जिम्मेदार

महाविद्यालय में वित्त विभाग से पद स्वीकृत नहीं हुए हैं। इसको लेकर कार्यकारी प्राचार्य प्रयास कर रहे हैं। जहां तक प्राध्यापकों की कमी की बात है अस्थायी व्यवस्था की गई है। महिला महाविद्यालय भोडिया खेड़ा से भी कुछ प्राध्यापकों की अस्थायी नियुक्ति की गई है लेकिन इन्हें रिलीव नहीं किया गया है। इसको लेकर प्राचार्य से बात की जाएगी। विद्यार्थियों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।

- विवेक सैनी, जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी, फतेहाबाद।

-

मैं चंडीगढ़ सीएम की बैठक में हूं। ये गंभीर मामला है। इस बारे में मुख्यमंत्री से बात की जाएगी और जल्द ही कॉलेज में शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति करवाई जाएगी।

- प्रवीण जोड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष

-

कॉलेज में शिक्षक न होने का मामला अब संज्ञान में आया है। इसको लेकर मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से बात की जाएगी और शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति करवाई जाएगी ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो सके।


- दुड़ाराम, पूर्व विधायक

-

जिला मुख्यालय के महाविद्यालय को महिला कॉलेज से डाइट में शिफ्ट मैंने ही करवाया है। अब अगर प्राध्यापकों की कमी है तो इसको लेकर भी विधानसभा में मुद्दा उठाया जाएगा।

- बलवान सिंह दौलतपुरिया, विधायक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed