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मंडी में आने वाले वाहनों पर रहेगी कैमरे की नजर
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अनाजमंडी में कैमरे लगाने का काम करते हुए मैकेनिक।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। अनाज मंडियों में इस सीजन में मुख्य गेटों पर कैमरे लगाने के आदेश जारी हुए हैं। इसी के चलते शहर की अनाजमंडी में कैमरे लगाने का काम शुरू हो गया है। इन कैमरों के लिए मार्केट कमेटी प्रशासन अनाज से भरे वाहनों की डिजिटल तरीके से निगरानी कर सकेगा। कैमरों के जरिये हर वाहन पर नजर रखी जा सकेगी। यदि लोडिंग व अनलोडिंग जैसे काम में देरी हो रही है तो भी उसका डिजिटल रिकॉर्ड रखा जा सकेगा।
प्रशासन के आदेश के मुताबिक अनाजमंडी के सभी प्रवेश द्वारों पर कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों को एक डीवीआर से जोड़ा जाएगा जोकि मार्केट कमेटी कार्यालय में रहेगा। सीजन के दौरान कैमरे चौबीस घंटे चालू रहेंगे। इन कैमरों के जरिये पता चलता रहेगा कि चौबीस घंटे के दौरान कब कोई वाहन आया और कब वापस गया। वाहन भरा हुआ था या खाली था। अकसर प्रशासन के पास शिकायतें आती हैं कि मंडियों में आढ़ती फर्जी रिकॉर्ड तैयार करते हैं। टैक्स चोरी के लिए अनाज को गैर कानूनी तरीके से खरीदा जाता है और रातों रात बाहर भी निकाल दिया जाता है। अधिकारियों को इसकी भनक नहीं लगने दी जाती। ऐसी शिकायतों की पुष्टि के लिए अब कैमरों का रिकॉर्ड खंगाला जा सकेगा। चूंकि रात को अधिकारी ड्यूटी पर नहीं होते। ऐसी स्थिति में रात से सुबह के बीच वाहनों को निकाला व लाया जाता है। उस दौरान होने वाली गड़बड़ी पर नजर रखने में कैमरे कारगर साबित हो सकते हैं।
पहले ऐसे होती थी गड़बड़ी
सरकार ने मंडियों में पिछले साल ही शेड्यूल व्यवस्था शुरू की है। इसके लिए किसानों को फसल लाने से पहले मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण कराना जरूरी होता है। इससे पहले मंडियों में आधा काम फर्जी तरीके से होता था। मंडियों में किसान अनाज लाते थे, लेकिन वह रिकॉर्ड में नहीं चढ़ाया जाता था। कई व्यापारी धान खरीदते और शैलरों में भेज देते थे। मार्केट कमेटी को उसका टैक्स तो दूर, ब्योरा तक नहीं दिया जाता था। ऐसी गड़बड़ी पकड़ी भी नहीं जाती थी। अब पोर्टल सिस्टम व कैमरों के जरिये फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाया जा रहा है।
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काम शुरू हो चुका है : सचिव
अनाजमंडी में कैमरे लगाने का काम शुरू हो चुका है। दो या तीन दिन के भीतर अनाज मंडी के सभी गेटों पर कैमरे लग जाएंगे। इससे मंडी में प्रवेश करने वाले व बाहर जाने वाले हर वाहन पर नजर रखी जा सकेगी। उसका डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार होता रहेगा।
-संजीव सचदेवा, सचिव, मार्केट कमेटी।
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प्रशासन के आदेश के मुताबिक अनाजमंडी के सभी प्रवेश द्वारों पर कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों को एक डीवीआर से जोड़ा जाएगा जोकि मार्केट कमेटी कार्यालय में रहेगा। सीजन के दौरान कैमरे चौबीस घंटे चालू रहेंगे। इन कैमरों के जरिये पता चलता रहेगा कि चौबीस घंटे के दौरान कब कोई वाहन आया और कब वापस गया। वाहन भरा हुआ था या खाली था। अकसर प्रशासन के पास शिकायतें आती हैं कि मंडियों में आढ़ती फर्जी रिकॉर्ड तैयार करते हैं। टैक्स चोरी के लिए अनाज को गैर कानूनी तरीके से खरीदा जाता है और रातों रात बाहर भी निकाल दिया जाता है। अधिकारियों को इसकी भनक नहीं लगने दी जाती। ऐसी शिकायतों की पुष्टि के लिए अब कैमरों का रिकॉर्ड खंगाला जा सकेगा। चूंकि रात को अधिकारी ड्यूटी पर नहीं होते। ऐसी स्थिति में रात से सुबह के बीच वाहनों को निकाला व लाया जाता है। उस दौरान होने वाली गड़बड़ी पर नजर रखने में कैमरे कारगर साबित हो सकते हैं।
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पहले ऐसे होती थी गड़बड़ी
सरकार ने मंडियों में पिछले साल ही शेड्यूल व्यवस्था शुरू की है। इसके लिए किसानों को फसल लाने से पहले मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण कराना जरूरी होता है। इससे पहले मंडियों में आधा काम फर्जी तरीके से होता था। मंडियों में किसान अनाज लाते थे, लेकिन वह रिकॉर्ड में नहीं चढ़ाया जाता था। कई व्यापारी धान खरीदते और शैलरों में भेज देते थे। मार्केट कमेटी को उसका टैक्स तो दूर, ब्योरा तक नहीं दिया जाता था। ऐसी गड़बड़ी पकड़ी भी नहीं जाती थी। अब पोर्टल सिस्टम व कैमरों के जरिये फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाया जा रहा है।
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काम शुरू हो चुका है : सचिव
अनाजमंडी में कैमरे लगाने का काम शुरू हो चुका है। दो या तीन दिन के भीतर अनाज मंडी के सभी गेटों पर कैमरे लग जाएंगे। इससे मंडी में प्रवेश करने वाले व बाहर जाने वाले हर वाहन पर नजर रखी जा सकेगी। उसका डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार होता रहेगा।
-संजीव सचदेवा, सचिव, मार्केट कमेटी।