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Fatehabad News: मंचन में दिखा शबरी का प्रेम, हनुमान का पराक्रम
Sun, 18 Oct 2026 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 18 Oct 2026 11:24 PM IST
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रामलीला मंचन के दौरान शबरी के बेर खाते श्री राम व लक्ष्मण।
टोहाना। शबरी के जूठे बेरों में छलकती भक्ति, सुग्रीव से मित्रता में दिखाई देती मर्यादा और लंका में हनुमान के पराक्रम ने रामलीला के मंच पर रामकथा के अलग-अलग रंग बिखेरे। सैनी श्रीराम नाटक क्लब की ओर से आयोजित रामलीला में कलाकारों ने प्रसंगों का मंचन कर दर्शकों को कथा से जोड़े रखा।
मंचन की शुरुआत शबरी के जूठे बेर खाने के प्रसंग से हुई। भगवान राम के प्रति शबरी की अगाध श्रद्धा और प्रेम को कलाकारों ने भावपूर्ण अभिनय से प्रस्तुत किया। इसके बाद राम-सुग्रीव मित्रता और बाली वध के प्रसंगों का मंचन किया गया। इन दृश्यों के माध्यम से मित्रता, वचन और धर्म के महत्व को दर्शाया गया।
इसके बाद हनुमान की लंका यात्रा का प्रसंग मंच पर साकार हुआ। अशोक वाटिका में माता सीता से भेंट के दौरान हनुमान ने उन्हें भगवान राम की अंगूठी देकर प्रभु का संदेश सुनाया। इस दृश्य में सीता की प्रतीक्षा और राम के प्रति उनकी अटूट निष्ठा दिखाई गई।
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इसके बाद हनुमान ने अशोक वाटिका उजाड़कर लंका में अपनी शक्ति का परिचय दिया। मेघनाद की ओर से ब्रह्मास्त्र से हनुमान को बांधने के प्रसंग का भी मंचन किया गया। शबरी की भूमिका मास्टर महावीर ने निभाई। बाली के किरदार में सतपाल और हनुमान की भूमिका में गौरव ने अभिनय किया।
कार्यक्रम में डॉ. दीपांशु भाटिया, डॉ. अमित (साई अस्पताल), डॉ. अजय गर्ग, डॉ. नीरज गुप्ता और सुनील धीमान अतिथि के रूप में पहुंचे। क्लब प्रधान बलदेव सैनी ने अतिथियों का स्वागत किया।
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मंचन की शुरुआत शबरी के जूठे बेर खाने के प्रसंग से हुई। भगवान राम के प्रति शबरी की अगाध श्रद्धा और प्रेम को कलाकारों ने भावपूर्ण अभिनय से प्रस्तुत किया। इसके बाद राम-सुग्रीव मित्रता और बाली वध के प्रसंगों का मंचन किया गया। इन दृश्यों के माध्यम से मित्रता, वचन और धर्म के महत्व को दर्शाया गया।
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इसके बाद हनुमान की लंका यात्रा का प्रसंग मंच पर साकार हुआ। अशोक वाटिका में माता सीता से भेंट के दौरान हनुमान ने उन्हें भगवान राम की अंगूठी देकर प्रभु का संदेश सुनाया। इस दृश्य में सीता की प्रतीक्षा और राम के प्रति उनकी अटूट निष्ठा दिखाई गई।
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इसके बाद हनुमान ने अशोक वाटिका उजाड़कर लंका में अपनी शक्ति का परिचय दिया। मेघनाद की ओर से ब्रह्मास्त्र से हनुमान को बांधने के प्रसंग का भी मंचन किया गया। शबरी की भूमिका मास्टर महावीर ने निभाई। बाली के किरदार में सतपाल और हनुमान की भूमिका में गौरव ने अभिनय किया।
कार्यक्रम में डॉ. दीपांशु भाटिया, डॉ. अमित (साई अस्पताल), डॉ. अजय गर्ग, डॉ. नीरज गुप्ता और सुनील धीमान अतिथि के रूप में पहुंचे। क्लब प्रधान बलदेव सैनी ने अतिथियों का स्वागत किया।