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Fatehabad News: हंस काॅलोनी में पानी निकासी की व्यवस्था ठप, नगर परिषद प्रधान और ईओ के कार्यालय के आगे चारपाई बिछाकर बैठीं महिलाएं
Mon, 18 Aug 2025 11:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Mon, 18 Aug 2025 11:17 PM IST
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फतेहाबाद के नगर परिषद कार्यालय के गेट को बंद करके रोष व्यक्त करती हुई महिलाएंसंवाद
फतेहाबाद। शहर के वार्ड-17 स्थित हंस कॉलोनी में गंदे पानी की निकासी न होने से परेशान लोगों का गुस्सा सोमवार को फूट पड़ा। स्थानीय महिलाओं ने नगर परिषद कार्यालय के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। पहले महिलाओं ने नगर परिषद प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची और ईओ राजेंद्र सोनी के कार्यालय के बाहर चारपाई बिछाकर धरना दिया, लेकिन जब कोई अधिकारी नहीं आया तो गेट पर चुन्नी बांधकर ताला लगा दिया।
इसकी सूचना पर एमई नरेंद्र पंवार और लेखाधिकारी सुरेंद्र रोहिल्ला मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। इस पर लोगों ने अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई। वहीं, सचिव गोविंद ने भी समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग स्थायी समाधान की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान परिषद में कामकाज के लिए आए लोगों को मायूस लौटना पड़ा।
इसके बाद अपराह्न करीब तीन बजे सचिव गोविंद ने प्रदर्शनकारियों की बात फोन पर जिला नगर आयुक्त संजय बिश्नोई से करवाई। डीएमसी ने मौके पर टीम भेजने और समस्या का जल्द समाधान करवाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद लोगों ने गेट का ताला खोला। इसके बाद नगर परिषद की टीम ने हंस कॉलोनी का निरीक्षण किया। सचिव गोविंद ने बताया कि फिलहाल दो टैंकर लगाए गए हैं और बंद पड़े रजवाहे में पानी डालने की योजना बनाई गई है। इसके लिए संबंधित विभाग से अनुमति ली जाएगी।
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तालाब बनीं गलियां, मकान गिरने की कगार पर
प्रदर्शन में शामिल दर्शना देवी, कृष्णा देवी, सुमन, रजनी, शालू और मैना ने बताया कि उनके घरों के आगे तालाब जैसे हालात बन गए हैं। कॉलोनी के हर घर से निकलने वाला गंदा पानी खाली प्लॉटों और गलियों में जमा हो रहा है। दो से तीन फीट तक पानी जमा है, जिससे मकान की नींव कमजोर हो गई, मकान गिरने का डर सता रहा है।
उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले ढाई साल का एक बच्चा पानी में गिर गया था। गनीमत रही कि समय रहते उसे बचा लिया गया। साथ ही कॉलोनी में मच्छर और गंदगी के कारण बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि वे समस्या लेकर जनस्वास्थ्य विभाग जाते हैं तो वहां कोई सुनवाई नहीं होती। नगर परिषद पहुंचते हैं, तो कहा जाता है कि यह जनस्वास्थ्य विभाग का मामला है।
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पैसे देते हैं तो काम होता है
महिलाओं ने नगर परिषद सफाई ब्रांच के कर्मचारियों पर आरोप लगाए। महिलाओं ने कहा कि सफाई के लिए कर्मचारी नहीं आते। जब आते हैं तो पैसे देने पड़ते हैं। रुपये देने पर ही नालियों की सफाई होती है।
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पार्षद आए न प्रधान, गेट के आगे बैठीं महिलाएं
जलनिकासी की समस्या को लेकर महिलाएं पहुंचीं तो उनके साथ स्थानीय पार्षद तक नहीं थे। महिलाएं करीब चार घंटे तक बैठी रहीं। यहां तक नगर परिषद प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची आए और न ही उप प्रधान सविता टुटेजा की तरफ से कोई आया। बताया गया कि प्रधान दिल्ली में शादी समारोह में गए हैं तो उप प्रधान जाखल में बैठक में व्यस्त हैं। यहां तक कार्यालय में ईओ और कार्यकारी अभियंता तक नहीं थे।
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हाईपावर परचेज कमेटी को भेजा प्रस्ताव
सीवरेज लाइन के लिए टेंडर हो चुका है और अलॉटमेंट के लिए प्रस्ताव हाईपावर परचेज कमेटी के पास भेजा जा चुका है। यहां से मंजूरी के बाद ही काम शुरू हो पाएगा।
- सतपाल रोज, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
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इसकी सूचना पर एमई नरेंद्र पंवार और लेखाधिकारी सुरेंद्र रोहिल्ला मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। इस पर लोगों ने अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई। वहीं, सचिव गोविंद ने भी समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग स्थायी समाधान की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान परिषद में कामकाज के लिए आए लोगों को मायूस लौटना पड़ा।
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इसके बाद अपराह्न करीब तीन बजे सचिव गोविंद ने प्रदर्शनकारियों की बात फोन पर जिला नगर आयुक्त संजय बिश्नोई से करवाई। डीएमसी ने मौके पर टीम भेजने और समस्या का जल्द समाधान करवाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद लोगों ने गेट का ताला खोला। इसके बाद नगर परिषद की टीम ने हंस कॉलोनी का निरीक्षण किया। सचिव गोविंद ने बताया कि फिलहाल दो टैंकर लगाए गए हैं और बंद पड़े रजवाहे में पानी डालने की योजना बनाई गई है। इसके लिए संबंधित विभाग से अनुमति ली जाएगी।
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तालाब बनीं गलियां, मकान गिरने की कगार पर
प्रदर्शन में शामिल दर्शना देवी, कृष्णा देवी, सुमन, रजनी, शालू और मैना ने बताया कि उनके घरों के आगे तालाब जैसे हालात बन गए हैं। कॉलोनी के हर घर से निकलने वाला गंदा पानी खाली प्लॉटों और गलियों में जमा हो रहा है। दो से तीन फीट तक पानी जमा है, जिससे मकान की नींव कमजोर हो गई, मकान गिरने का डर सता रहा है।
उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले ढाई साल का एक बच्चा पानी में गिर गया था। गनीमत रही कि समय रहते उसे बचा लिया गया। साथ ही कॉलोनी में मच्छर और गंदगी के कारण बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। लोगों का कहना है कि वे समस्या लेकर जनस्वास्थ्य विभाग जाते हैं तो वहां कोई सुनवाई नहीं होती। नगर परिषद पहुंचते हैं, तो कहा जाता है कि यह जनस्वास्थ्य विभाग का मामला है।
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पैसे देते हैं तो काम होता है
महिलाओं ने नगर परिषद सफाई ब्रांच के कर्मचारियों पर आरोप लगाए। महिलाओं ने कहा कि सफाई के लिए कर्मचारी नहीं आते। जब आते हैं तो पैसे देने पड़ते हैं। रुपये देने पर ही नालियों की सफाई होती है।
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पार्षद आए न प्रधान, गेट के आगे बैठीं महिलाएं
जलनिकासी की समस्या को लेकर महिलाएं पहुंचीं तो उनके साथ स्थानीय पार्षद तक नहीं थे। महिलाएं करीब चार घंटे तक बैठी रहीं। यहां तक नगर परिषद प्रधान राजेंद्र सिंह खिंची आए और न ही उप प्रधान सविता टुटेजा की तरफ से कोई आया। बताया गया कि प्रधान दिल्ली में शादी समारोह में गए हैं तो उप प्रधान जाखल में बैठक में व्यस्त हैं। यहां तक कार्यालय में ईओ और कार्यकारी अभियंता तक नहीं थे।
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हाईपावर परचेज कमेटी को भेजा प्रस्ताव
सीवरेज लाइन के लिए टेंडर हो चुका है और अलॉटमेंट के लिए प्रस्ताव हाईपावर परचेज कमेटी के पास भेजा जा चुका है। यहां से मंजूरी के बाद ही काम शुरू हो पाएगा।
- सतपाल रोज, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग