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Fatehabad News: पुराने बस स्टैंड पर यात्री हाे रहे परेशान, बैठने की व्यवस्था न शौचालय
Tue, 09 Sep 2025 11:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 09 Sep 2025 11:34 PM IST
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फतेहाबाद शहर के पुराना बस स्टैंड पर धूप में बस का इंतजार करते छात्र व यात्री। संवाद
फतेहाबाद। ग्रामीण रूटों पर चलने वाली रोडवेज बसों का संचालन पुराने बस स्टैंड से किया जा रहा है, लेकिन यहां यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। यात्रियों को खुले आसमान के नीचे खड़े होकर बस का इंतजार करना पड़ रहा है।
दोपहर के समय हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जब स्कूल-कॉलेज से छुट्टी के बाद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं यहां पहुंचते हैं। यात्रियों का कहना है कि न तो यहां कोई शेड है, न बैठने के लिए बेंच, और न ही शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं। कई बार थककर छात्र जमीन पर ही बैठ जाते हैं, जबकि कुछ लोग बस स्टैंड के सामने लगे एक बड़े पेड़ की छांव में खड़े रहते हैं।
पुराने बस स्टैंड से पहले सभी बसें नए बस स्टैंड से रवाना होती थीं, लेकिन स्थानीय मांग को देखते हुए ग्रामीण रूट की बसों को फिर से पुराने बस स्टैंड से चलाया जाने लगा। हालांकि, यात्रियों की सहूलियत के लिए की गई इस व्यवस्था के साथ मूलभूत ढांचे को दुरुस्त करना पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है।
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स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और रोडवेज विभाग से मांग की है कि पुराने बस स्टैंड पर यात्री शेड, बैठने की बेंच, पेयजल और शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं जल्द उपलब्ध करवाई जाएं, ताकि यात्रियों को गर्मी में राहत मिल सके।
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पुराना बस स्टैंड पर बस का इंतजार कर रहे एमएम कॉलेज के छात्र पारस, सुशील, करण व छात्रा अंजलि, सोनम, कंवलजीत आदि ने बताया कि उन्हें हर दिन यहां बस का इंतजार करना पड़ता है। कई बार धूप इतनी तेज होती है कि खड़े रहना मुश्किल हो जाता है। अगर कोई शेड या बेंच हो तो थोड़ी राहत मिले। यहां पर यात्रियों के लिए कोई सुविधा नहीं है। प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने की मांग की है।
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दोपहर के समय हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जब स्कूल-कॉलेज से छुट्टी के बाद बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं यहां पहुंचते हैं। यात्रियों का कहना है कि न तो यहां कोई शेड है, न बैठने के लिए बेंच, और न ही शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं। कई बार थककर छात्र जमीन पर ही बैठ जाते हैं, जबकि कुछ लोग बस स्टैंड के सामने लगे एक बड़े पेड़ की छांव में खड़े रहते हैं।
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पुराने बस स्टैंड से पहले सभी बसें नए बस स्टैंड से रवाना होती थीं, लेकिन स्थानीय मांग को देखते हुए ग्रामीण रूट की बसों को फिर से पुराने बस स्टैंड से चलाया जाने लगा। हालांकि, यात्रियों की सहूलियत के लिए की गई इस व्यवस्था के साथ मूलभूत ढांचे को दुरुस्त करना पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है।
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स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और रोडवेज विभाग से मांग की है कि पुराने बस स्टैंड पर यात्री शेड, बैठने की बेंच, पेयजल और शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं जल्द उपलब्ध करवाई जाएं, ताकि यात्रियों को गर्मी में राहत मिल सके।
पुराना बस स्टैंड पर बस का इंतजार कर रहे एमएम कॉलेज के छात्र पारस, सुशील, करण व छात्रा अंजलि, सोनम, कंवलजीत आदि ने बताया कि उन्हें हर दिन यहां बस का इंतजार करना पड़ता है। कई बार धूप इतनी तेज होती है कि खड़े रहना मुश्किल हो जाता है। अगर कोई शेड या बेंच हो तो थोड़ी राहत मिले। यहां पर यात्रियों के लिए कोई सुविधा नहीं है। प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करने की मांग की है।