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Fatehabad News: सात साल में 99 एचआईवी संक्रमित गर्भवती के आंगन में गूंजी स्वस्थ शिशु की किलकारी
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फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में एचआईवी संक्रमितों के लिए जांच और उपचार केंद्र
फतेहाबाद। एचआईवी संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जांच का दायरा बढ़ाया तो संक्रमित केसों की संख्या बढ़ी है। जिले में पिछले 9 सालों में एचआईवी के 1054 केस सामने आए हैं। इसमें 76 फीसदी पुरुषों की संख्या है। पिछले सात सालों में 99 एचआईवी संक्रमित गर्भवती के आंगन में स्वस्थ शिशु की किलकारी गूंजी है। हालांकि छह माह तक शिशु को दवाई दी जाती है और इसके बाद जांच भी होती है।
स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवती के लिए एचआईवी टेस्ट जरूरी किया तो वह आज स्वस्थ शिशु को भी जन्म दे रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2022-2023 में जिले में 22,273 गर्भवती की जांच हुई। इसमें 38 संक्रमित मिलीं और 22 डिलिवरी हुई है। वर्ष 2023-24 में स्वास्थ्य विभाग ने 13,203 गर्भवती की जांच की, इसमें 23 संक्रमित मिलीं और 32 डिलिवरी हुई है। गौरतलब है कि एचआइवी संक्रमित मरीज को शुरूआत में उपचार लेने के लिए पहले रोहतक जाना पड़ता था लेकिन अब अग्रोहा में ही उपचार मिलने लगा है। यहां पर एआरटी सेंटर शुरू हो गया है। एआरटी सेंटर में संक्रमित मरीज की डोज तय होती है इसके बाद उसे लिंक एआरटी में रेफर किया जाता है। एआरटी सेंटर पर संक्रमित के सीडी फॉर और वायरल लोड टेस्ट किए जाते है। फतेहाबाद जिले में लिंक एआरटी सेंटर है। संवाद
पिछले नौ सालों में ये आए एचआईवी के मामले
वर्ष कुल संक्रमित पुरुष महिला मौत
2015-16 75 46 29 1
2016-17 66 42 24 5
2017-18 73 55 18 3
2018-19 126 94 32 6
2019-20 120 87 33 6
2020-21 77 53 24 1
2021-22 174 139 85 0
2022-23 195 161 34 2
2023-24 147 131 16 3
इन संक्रमित गर्भवती ने दिया स्वस्थ शिशु को जन्म
वर्ष कुल डिलिवरी
2017 5
2018 6
2019 8
2020 7
2021 19
2022 22
2023 32
युवाओं को नशा बना रहा है एचआईवी संक्रमित
वर्ष नशे से संक्रमित
2022-23 24
2023-24 21
नशा युवाओं को बना रहा एचआईवी संक्रमित
नशा भी युवाओं को एचआईवी संक्रमित बना रहा है। दो सालों में 45 युवा एचआईवी संक्रमित मिले हैं। नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल होने वाले मरीजों की एचआईवी जांच करवाई जा रही है। जांच में हर माह दो से तीन मरीज एचआईवी संक्रमित मिल रहे हैं। काउंसिलिंग में सामने आ रहा है कि युवा हेरोइन नशा लेने के लिए सीरिंज का प्रयोग करते है। एक ही सीरिंज कई युवक मिलकर लगाते है, संक्रमित युवक द्वारा सीरिंज का प्रयोग करने के बाद अन्य युवक भी संक्रमित हो रहे हैं।
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40 करोड़ मंजूर, 257 संक्रमितों को पेंशन का इंतजार
स्वास्थ्य विभाग द्वारा एचआईवी संक्रमितों के लिए पेंशन की घोषणा हो रखी है लेकिन यहां उपचार ले रहे संक्रमितों को अभी तक पेंशन नहीं मिली है। जिले से 257 संक्रमितों के केस एआरटी सेंटर रोहतक भेजे गए हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. मनीष बंसल ने पुष्टि की थी कि 40 करोड़ मंजूर हो चुका है।
ऐसे फैलता है एचआईवी
- एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के साथ असुरक्षित यौन संबंध से।
- एचआईवी संक्रमित रक्त एवं रक्त उत्पाद से।
- एचआईवी संक्रमित सुईयों व सीरिज के इस्तेमाल से।
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एचआईवी को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। टेस्टिंग भी बढ़ाई गई है। गर्भवती की भी एचआईवी टेस्टिंग की जाती है ताकि समय पर उपचार शुरू किया जा सकेगा। लोगों को एचआईवी के प्रति जागरूक होना जरूरी है।
-डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन
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स्वास्थ्य विभाग ने गर्भवती के लिए एचआईवी टेस्ट जरूरी किया तो वह आज स्वस्थ शिशु को भी जन्म दे रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2022-2023 में जिले में 22,273 गर्भवती की जांच हुई। इसमें 38 संक्रमित मिलीं और 22 डिलिवरी हुई है। वर्ष 2023-24 में स्वास्थ्य विभाग ने 13,203 गर्भवती की जांच की, इसमें 23 संक्रमित मिलीं और 32 डिलिवरी हुई है। गौरतलब है कि एचआइवी संक्रमित मरीज को शुरूआत में उपचार लेने के लिए पहले रोहतक जाना पड़ता था लेकिन अब अग्रोहा में ही उपचार मिलने लगा है। यहां पर एआरटी सेंटर शुरू हो गया है। एआरटी सेंटर में संक्रमित मरीज की डोज तय होती है इसके बाद उसे लिंक एआरटी में रेफर किया जाता है। एआरटी सेंटर पर संक्रमित के सीडी फॉर और वायरल लोड टेस्ट किए जाते है। फतेहाबाद जिले में लिंक एआरटी सेंटर है। संवाद
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पिछले नौ सालों में ये आए एचआईवी के मामले
वर्ष कुल संक्रमित पुरुष महिला मौत
2015-16 75 46 29 1
2016-17 66 42 24 5
2017-18 73 55 18 3
2018-19 126 94 32 6
2019-20 120 87 33 6
2020-21 77 53 24 1
2021-22 174 139 85 0
2022-23 195 161 34 2
2023-24 147 131 16 3
इन संक्रमित गर्भवती ने दिया स्वस्थ शिशु को जन्म
वर्ष कुल डिलिवरी
2017 5
2018 6
2019 8
2020 7
2021 19
2022 22
2023 32
युवाओं को नशा बना रहा है एचआईवी संक्रमित
वर्ष नशे से संक्रमित
2022-23 24
2023-24 21
नशा युवाओं को बना रहा एचआईवी संक्रमित
नशा भी युवाओं को एचआईवी संक्रमित बना रहा है। दो सालों में 45 युवा एचआईवी संक्रमित मिले हैं। नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल होने वाले मरीजों की एचआईवी जांच करवाई जा रही है। जांच में हर माह दो से तीन मरीज एचआईवी संक्रमित मिल रहे हैं। काउंसिलिंग में सामने आ रहा है कि युवा हेरोइन नशा लेने के लिए सीरिंज का प्रयोग करते है। एक ही सीरिंज कई युवक मिलकर लगाते है, संक्रमित युवक द्वारा सीरिंज का प्रयोग करने के बाद अन्य युवक भी संक्रमित हो रहे हैं।
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40 करोड़ मंजूर, 257 संक्रमितों को पेंशन का इंतजार
स्वास्थ्य विभाग द्वारा एचआईवी संक्रमितों के लिए पेंशन की घोषणा हो रखी है लेकिन यहां उपचार ले रहे संक्रमितों को अभी तक पेंशन नहीं मिली है। जिले से 257 संक्रमितों के केस एआरटी सेंटर रोहतक भेजे गए हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. मनीष बंसल ने पुष्टि की थी कि 40 करोड़ मंजूर हो चुका है।
ऐसे फैलता है एचआईवी
- एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के साथ असुरक्षित यौन संबंध से।
- एचआईवी संक्रमित रक्त एवं रक्त उत्पाद से।
- एचआईवी संक्रमित सुईयों व सीरिज के इस्तेमाल से।
एचआईवी को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। टेस्टिंग भी बढ़ाई गई है। गर्भवती की भी एचआईवी टेस्टिंग की जाती है ताकि समय पर उपचार शुरू किया जा सकेगा। लोगों को एचआईवी के प्रति जागरूक होना जरूरी है।
-डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन