फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   Five snakes rescued from a house in Tohana see video

एक नहीं दो नहीं घर में पूरे 5 सांप: टोहाना में दहशत में परिवार, 3 इंडियन रेड स्नेक व दो सैंड बोआ, कितने खतरनाक

Wed, 18 Jun 2025 12:06 PM IST
अंकेश ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, टोहाना
संवाद न्यूज एजेंसी, टोहाना Published by: अंकेश ठाकुर Updated Wed, 18 Jun 2025 12:06 PM IST
सार

टोहाना में एक घर से पांच सांप पकड़े हैं। यह सांप कई दिनों से घर व आसपास दिखाई दे रहे थे। सांपों की वजह से परिवार के लोग दहशत में थे। रेस्क्यू किए गए सांपों में तीन इंडियन रेड स्नेक और दो सैंड बोआ हैं। 

विज्ञापन
Five snakes rescued from a house in Tohana see video
सांपों को रेस्क्यू करता स्नेक मैन। - फोटो : संवाद

विस्तार

हरियाणा के फतेहाबाद के उपमंडल टोहाना के गांव धोलू की एक ढाणी में एक घर से रेस्क्यू टीम ने 5 सांपों को काबू किया है। सांपों को पकड़े जाने के बाद परिवार के लोगों व ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। सहारा रेस्क्यू टीम ने सभी सांपों को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया है। 

विज्ञापन


जानकारी अनुसार गांव के उक्त घर में बीते कई दिनों से सांपों की गतिविधियां देखी जा रही थीं। ग्रामीणों के अनुसार सांप अक्सर घर के आसपास दिखाई देते थे लेकिन तुरंत ही गायब हो जाते थे, जिससे लोगों को यह पता लगाना मुश्किल हो रहा था कि सांप कहां छिप रहे हैं। परिवार लंबे समय से दहशत में था। उन्होंने सहारा स्नेक रेस्क्यू टीम के नवजोत सिंह ढिल्लों को सूचना दी। जैसे ही सूचना मिली तो ‘स्नेक मैन’ नवजोत सिंह ढिल्लों तुरंत मौके पर पहुंचे और पूरे क्षेत्र की तलाशी शुरू की। घर के भीतर और आसपास में जब कुछ नहीं मिला तो उन्होंने पुराने गोबर के उपलों के ढेर को जांचना शुरू किया।
विज्ञापन




नवजीत ने टीम के साथ जब एक-एक करके उपले उठाना शुरू किया, तो कई घंटे की मशक्कत के बाद वहां से सभी सांप दिखने शुरू हुए। ढिल्लों ने सावधानीपूर्वक तीन इंडियन रेड स्नेक (स्थानीय नाम: ‘घोड़ा पछाड़’ या ‘दमन’) और दो इंडियन सैंड बोआ को रेस्क्यू किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


नवजोत ढिल्लों ने बताया कि ये सभी सांप बिना विषैले होते हैं। हालांकि इनके काटने से हल्का संक्रमण हो सकता है, लेकिन जान का खतरा नहीं होता। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू किए गए सांप बेहद फुर्तीले और तेज होते हैं, जिनकी गति लगभग 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक होती है। अगर ये एक बार हाथ से छूट जाएं, तो इन्हें दोबारा पकड़ना बेहद मुश्किल हो जाता है।


नवजोत सिंह ढिल्लों ने कहा कि यह केस इसलिए भी चुनौतीपूर्ण था क्योंकि सांप कई दिनों से दिख रहे थे लेकिन उनका ठिकाना पकड़ में नहीं आ रहा था। ऐसे तेज-तर्रार सांपों को काबू में करना आसान नहीं होता। उन्होंने कहा कि अगर किसी क्षेत्र में सांप दिखाई दें, तो खुद प्रयास न करें स्नेक रेस्क्यू टीम को बुलाएं। 
रेस्क्यू के बाद सभी सांपों को सुरक्षित थैले में डालकर जंगल में छोड़ा गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed