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Fatehabad News: ओलावृष्टि से बर्बाद फसल के मुआवजे के लिए किसानों का धरना
Thu, 29 Oct 2026 08:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Thu, 29 Oct 2026 08:42 PM IST
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रतिया में धरने पर बैठे किसान।
रतिया। ओलावृष्टि से धान की फसल को हुए नुकसान की विशेष गिरदावरी और उचित मुआवजे की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ने एसडीएम कार्यालय के सामने धरना दिया। किसानों ने सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक प्रदर्शन किया। इसके बाद एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
यूनियन के जिला प्रधान निर्भय सिंह ने कहा कि धान खरीद में प्रति एकड़ 28 क्विंटल की शर्त और किसानों का पंजीकरण रद्द होने से परेशानी बढ़ी है। दोबारा पंजीकरण के लिए किसानों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़े। उन्होंने कहा कि ओलावृष्टि से फसल बर्बाद होने के छह दिन बाद भी गिरदावरी शुरू नहीं हुई। केवल पोर्टल खोलने से समस्या हल नहीं होगी।
अमन रतिया ने कहा कि सभी प्रभावित किसानों के खेतों की गिरदावरी होने तक पक्का मोर्चा जारी रहेगा। धरना प्रतिदिन सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक चलेगा। किसानों ने मुआवजे की पांच एकड़ तक की सीमा हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि दो से 100 एकड़ तक जमीन रखने वाले प्रभावित किसानों को भी नुकसान के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाए।
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यूनियन के जिला प्रधान निर्भय सिंह ने कहा कि धान खरीद में प्रति एकड़ 28 क्विंटल की शर्त और किसानों का पंजीकरण रद्द होने से परेशानी बढ़ी है। दोबारा पंजीकरण के लिए किसानों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने पड़े। उन्होंने कहा कि ओलावृष्टि से फसल बर्बाद होने के छह दिन बाद भी गिरदावरी शुरू नहीं हुई। केवल पोर्टल खोलने से समस्या हल नहीं होगी।
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अमन रतिया ने कहा कि सभी प्रभावित किसानों के खेतों की गिरदावरी होने तक पक्का मोर्चा जारी रहेगा। धरना प्रतिदिन सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक चलेगा। किसानों ने मुआवजे की पांच एकड़ तक की सीमा हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि दो से 100 एकड़ तक जमीन रखने वाले प्रभावित किसानों को भी नुकसान के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाए।
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