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Fatehabad News: निर्माणाधीन पुल पर डाला डेरा, जमीन पर कब्जे का आरोप

Thu, 28 Aug 2025 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Thu, 28 Aug 2025 11:38 PM IST
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Farmer family picketing under-construction bridge
रतिया कलोठा व खाई के बीच घग्गर नदी पर निर्माणाधीन पुल पर जानकारी देते हुए किसान परिवार । स्रोत
रतिया। गांव खाई निवासी 95 वर्षीय बुजुर्ग किसान भगवान दास ने वीरवार को घग्गर नदी पर कलोठा और खाई के बीच निर्माणाधीन पुल के पास रैंप पर झोपड़ी डालकर धरना शुरू कर दिया। किसान का आरोप है कि पुल निर्माण के दौरान ठेकेदार ने उनकी कृषि भूमि पर अवैध रूप से रैंप बना दिया और मिट्टी उठाकर खेत को बर्बाद कर दिया।
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भगवान दास का कहना है कि पुल के दोनों ओर बनाए गए रैंपों में से एक करीब 9 फीट तक उनकी जमीन के भीतर बनाया गया है, जबकि दूसरे रैंप के साथ लगी उनकी भूमि से मिट्टी उठाकर लगभग 200 फीट लंबी, 16 फीट चौड़ी और 8 फीट गहरी खाई बना दी गई। इससे उनके खेत का रास्ता पूरी तरह से बंद हो गया है। अब उन्हें अपने खेत तक पहुंचने के लिए अन्य किसानों की भूमि से होकर जाना पड़ रहा है।
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किसान के बेटे कश्मीर सिंह ने बताया कि इस मामले की शिकायत एसडीएम को और सीएम विंडो पर भी दर्ज करवाई गई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि जब रैंप का निर्माण शुरू हुआ था, तब ठेकेदार और अधिकारियों ने केवल सरकारी भूमि में काम करने का भरोसा दिया था, लेकिन बाद में पैमाइश पता चला कि रैंप उनकी जमीन में बनाया गया है।
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किसान परिवार का आरोप है कि मिट्टी उठाने के बाद अन्य किसानों के खेतों में तो मिट्टी भर दी गई, लेकिन उनकी बार-बार मांग के बावजूद उनके खेत को नजरअंदाज कर दिया गया। इस वजह से उनका खेत पिछले डेढ़ साल से खाली पड़ा है। जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

भगवान दास का कहना है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक वह अपने परिवार के साथ रैंप पर ही डेरा जमाए रखेंगे। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उनकी जमीन पर बने रैंप को हटाया जाए या उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए और उनके खेत का रास्ता बहाल किया जाए।


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इस तरह की कोई शिकायत उनके पास नहीं आर्ई। अगर कोई शिकायत लेकर आएगा तो जरूर सुनवाई करेंगे। अगर ऐसा कुछ है तो समस्या के समाधान करवाने का प्रयास किया जाएगा।

राजेंद्र कुंडू, एसडीओ, सिंचाई विभाग।

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उनके पास शिकायत आई थी इसके बाद उन्होंने संबंधित विभाग से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। अगर किसान की मांग उचित हुई तो समाधान जरूर करवाया जाएगा

सुरेंद्र सिंह, एसडीएम।
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