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Fatehabad News: 144 गांवों के लिए खुला ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल, तकनीकी खराबी से नहीं कर पा रहे आवेदन

Sun, 07 Sep 2025 01:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद Updated Sun, 07 Sep 2025 01:25 AM IST
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E-compensation portal opened for 144 villages, applications not being made due to technical glitch
फतेहाबाद में अटल सेवा केंद्र में ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन करने पहुंचा युवक। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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फतेहाबाद। जिले के 144 गांवों के लिए बारिश से जलभराव के नुकसान से राहत देने के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। भरपाई करवाने के लिए प्रदेश सरकार की ओर से ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला गया है। शनिवार को मेरा फसल-मेरा ब्योरा व ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल की वेबसाइट में तकनीकी खराबी आने से किसान आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।
जिले में औसत से अधिक बारिश होने कारण खरीफ की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। इसके लिए सरकार ने जिले के 144 गांव के नाम शामिल किए हैं। ई-पूर्ति पोर्टल खोला है, जिसमें अभी तक जिले के 119 गांवों के 8803 किसानों ने 55741 एकड़ भूमि के लिए आवेदन किया है। वहीं शुक्रवार से वेबसाइट व्यस्त होने के चलते मेरी फसल मेरा ब्योरा और ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल प्रभावित रहा।
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इससे शनिवार को किसान आवेदन नहीं कर पाए। वेबसाइट में आई खराबी को लेकर जिले के किसान भूप सिंह, रामू, हिरालाल, मेवासिंह और जयपाल आदि ने बताया कि आवेदन करते समय बार-बार ओटीपी दर्ज करनी पड़ रही है। अंतिम तारीख को 10 सितंबर से बढ़ाकर आगामी 20 सितंबर तक किया जाए ताकि कोई भी किसान आवेदन करने से वंचित ना रहे।
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झलनियां और बरसीन गांव के किसानों ने पोर्टल खोलने की मांग की

फतेहाबाद खंड के गांव झलनियां व बरसीन में सेम की समस्या होने से कम बारिश में जलभराव की समस्या बन जाती है। लेकिन इस बार मानसून में हुई बारिश से इन गांवों की करीब एक हजार एकड़ भूमि फसलें व ढाणियां जलमग्न हो चुकी हैं। लेकिन प्रशासन की ओर से इसके लिए पोर्टल नहीं खोला गया है। ऐसे में किसान बारिश से नुकसान के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। किसानों ने मांग की है कि जल्द से जल्द गांव झलनियां और बरसीन के लिए ई-क्षति पूर्ति पोर्टल खोला जाए। ताकि बारिश से प्रभावित लोगों को आर्थिक सहायता प्राप्त हो सके।


:: जिन गांवों में जलभराव होने से नुकसान हुआ है। उन गांवों में तहसीलदार जाकर जांच करेगा उसके बाद ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन करने का मौका दिया जाएगा।

-श्यामलाल, जिला राजस्व विभाग अधिकारी, फतेहाबाद।
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