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महिला वार्ड ने 70 छात्राओं को बेरहमी से पीटा
अमर उजाला ब्यूरो, फतेहाबाद
Updated Mon, 26 Dec 2016 11:52 PM IST
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किरढान कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राएं दादी के साथ आप बीती बताते हुए।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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एक तरफ जहां प्रदेश सरकार ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ की मुहिम को जोरदार ढंग से चलाए हुए है वहीं कुछ लोग अभियान को पलीता लगाने में जुटे हैं। ऐसा ही एक मामला भट्टूकलां खंड के गांव किरढ़ान के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में सामने आया है। इस विद्यालय की वार्डन सरोज पर विद्यालय की 70 छात्राओं को डंडे से मारने का आरोप लगा है। ये घटना दो दिन पहले की बताई जा रही है। इसके बाद से आरोपी वार्डन का फोन भी लगातार बंद आ रहा है। इस मामले में परिजनों द्वारा प्रिंसिपल वेद बाकर से लिखित शिकायत करने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी अब इस मामले की जांच करने की बात कह रहे हैं।
अभिभावक बलवंत, चेतराम, ओमप्रकाश, सुभाष का आरोप है कि उक्त विद्यालय की हॉस्टल वार्डन सरोज ने उनके सामने ही उनके बच्चों को लाइन लगाकर बेरहमी से किसी के दो तो किसी के चार बेंत उनके हाथों पर इतनी जोर से मारे कि तीन दिन बीतने के बाद भी बच्चे दर्द से कराह रहे हैं।
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अभिभावकों ने बताया कि जब दो दिन पहले वे अपने बच्चों को शीतकालीन अवकाश के बाद उन्हें अपने घर ले जाने के लिए आए तो उक्त वार्डन उनके सामने ही छात्राओं की बेदर्दी से पिटाई कर रही थी। आरोप है कि बच्चों का कसूर सिर्फ इतना था कि शीतकालीन अवकाश का ऐलान की सूचना मिलते ही बिना मैडम से पूछे उन्होंने अपनी बेडशीट समेट ली थी। इस पर वार्डन भड़क गईं और सभी बच्चों को लाइन में लगाकर बेत से पीटने लगीं। इतना ही नहीं जब कुछ अभिभावक अपने बच्चों को ले जा रहे थे तो हॉस्टल वार्डन ने टोकते हुए कहा कि आपके बच्चों को प्रसाद मिल गया है क्या? इसका इशारा डंडे रूपी प्रसाद से था।
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पोतियां डर के मारे सहमी हैं
सातवीं कक्षा की बालिका रिजूल और प्रियंका की दादी निम्बों ने बताया कि उनकी पोतियां डर के मारे दो दिन से सहमी थी। कुछ खाया-पिया भी नहीं है। काफी झकोरने के बाद रोते हुए उन्हें इस घटना के बारे में बताया। पोतियां कहती हैं कि मारने के दौरान जब वार्डन के सामने से हाथ हटाते थे तो वे पैरों पर डंडा मार देती थी। इसी प्रकार रितु पुत्री बलवंत, सुशीला पुत्री भागाराम, सुषमा पुत्री गोलू, पूजा पुत्री ओमप्रकाश ने बताया कि उक्त वार्डन ने उनके साथ कसाइयों जैसा व्यवहार किया। सर्दी के चलते अब भी उनके हाथों में पीड़ा हो रही है। जिसे वो दो दिन से गर्म पानी से सेक लगा रही है।
मामले को रफादफा करने का दबाव
अभिभावकों ने ये भी आरोप लगाए हैं कि इस मामले के बारे में विद्यालय के प्राचार्य, ग्राम पंचायत व गांव के सामाजिक क्लब द्वारा इस मामले को लेकर स्कूल में पंचायत कर मामले को रफा-दफा करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
हम अभिभावकों के साथ
स्कूल प्रबंधन कमेटी प्रधान विनोद ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी मिली है। वो इस घटना की निंदा करते है तथा आवाज को उठाने के लिए अभिभावकों के साथ है। दूसरी ओर इस मामले में आरोपी वार्डन सरोज का पक्ष जानने के लिए फोन किया गया तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।
आज मैं स्वयं इस मामले को देखूंगा
इस बारे में बात करने पर उपजिला शिक्षा अधिकारी दयानंद सिहाग का कहना था कि इस मामले में अभिभावकों ने प्रिंसिपल को शिकायत दी है और खुद उन्हें सोमवार शाम फोन पर प्रिंसिपल ने सूचित किया है। अवकाश होने से इस पर बात नहीं हो सकी। मंगलवार को मैं खुद इस मामले को देखूंगा।