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Fatehabad News: सरसों की बिजाई पर छाए संकट के बादल
Wed, 10 Sep 2025 11:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Wed, 10 Sep 2025 11:00 PM IST
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गांव मेहूवाला में नरमा की फसल में पिछले 20 दिनों से हुआ जलभराव। संवाद
फतेहाबाद। बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। जिले में 213 के करीब गांवों में जलभराव होने से फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। खेतों में हुए जल निकासी का प्रंबंध नहीं किया गया है। अगले माह में सरसों की बिजाई का काम शुरू हो जाएगा। जलभराव के कारण से किसान रबी की फसलों की बुआई करने से वंचित रह सकते हैं।
जिले के 22 गांवों में सेम की समस्या है। यहां हल्की बारिश के बाद भी जलभराव की समस्या बन जाती है। गांव मेहूवाला, बनमंदोरी, चिंदड़, किरढान और ढांड सहित कई गांव ऐसे में हैं जहां प्रशासन की ओर से ड्रेन बनाकर या नहर जलनिकासी का प्रंबध नहीं किया है। गांव मेहूवाला के किसान दयानंद, राजेश , संदीप और सुमित आदि ने बताया कि बारिश होने से 50 से अधिक ढाणियाें व 700 एकड़ के करीब जमीन में जलमग्न हो चुकी है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के कर्मचारी अभी तक जायजा लेने नहीं पहुंचे।
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अगले माह में शुरू होगी सरसों की बिजाई
किसानों के अनुसार अगले दो माह तक खेतों से पानी नहीं सुखेगा। पानी सूखने के बाद भी जमीन में दलदल की स्थिति बन रहेगी। इससे किसानों की खरीफ की फसलें बर्बाद होने के साथ रबी की फसल की बिजाई से वंंचित रह सकते हैं। जिले में सरसों की बिजाई करीब 60 हजार एकड़ में की जाती है। सरसों की बिजाई अक्तूबर महीने में शुरू हो जाती है। ऐसे में उन्होंने प्रशासन से स्थिति का जायजा लेकर जल निकासी के स्थायी प्रबंध की मांग की है।
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खेत में पिछले चार वर्षों से लगातार पानी भर रहा है। इससे खरीफ की फसलें बर्बाद हो रही हैं। इस बार पिछले एक माह से दो- दो फीट तक जलभराव है। सरसों की बिजाई करना भी मुश्किल हाे सकता है। प्रशासन को जल निकासी का प्रंबंध करना चाहिए।
लीलूराम, मेहूवाला
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गांव मेहूवाला में कई वर्षों से सेम की समस्या है, लेकिन प्रशासन की ओर से सेमनिर्वाण व जलनिकासी का प्रंबंध नहीं किया गया है। इससे किसानों की फसलें बर्बाद हो रही है। इसका स्थाई समाधान किया जाए।
रामस्वरुप, मेहूवाला
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खेतों में हुए जलभराव का स्थाई प्रंबंध नहीं होने से कृषि योग्य भूमि बंजर बन चुकी है। खेतों में बनी ढाणियों के चारों ओर जलभराव हो चुका है। इससे मकानों में दरारें आने लगी है।
रामसिंह, मेहूवाला
:: फिलहाल आबादी वाले क्षेत्र से पानी निकाला जा रहा है। प्रशासन जलभराव की समस्या से निपटने का प्रयास कर रहा है। रंगाेई व हिसार घग्गर ड्रेन के ओवरफ्लो होने से पानी निकालने की जगह नहीं मिल रही है।
नरेश कुमार भोला, कार्यकारी अभिंयता, सिंचाई विभाग, फतेहाबाद।
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जिले के 22 गांवों में सेम की समस्या है। यहां हल्की बारिश के बाद भी जलभराव की समस्या बन जाती है। गांव मेहूवाला, बनमंदोरी, चिंदड़, किरढान और ढांड सहित कई गांव ऐसे में हैं जहां प्रशासन की ओर से ड्रेन बनाकर या नहर जलनिकासी का प्रंबध नहीं किया है। गांव मेहूवाला के किसान दयानंद, राजेश , संदीप और सुमित आदि ने बताया कि बारिश होने से 50 से अधिक ढाणियाें व 700 एकड़ के करीब जमीन में जलमग्न हो चुकी है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के कर्मचारी अभी तक जायजा लेने नहीं पहुंचे।
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अगले माह में शुरू होगी सरसों की बिजाई
किसानों के अनुसार अगले दो माह तक खेतों से पानी नहीं सुखेगा। पानी सूखने के बाद भी जमीन में दलदल की स्थिति बन रहेगी। इससे किसानों की खरीफ की फसलें बर्बाद होने के साथ रबी की फसल की बिजाई से वंंचित रह सकते हैं। जिले में सरसों की बिजाई करीब 60 हजार एकड़ में की जाती है। सरसों की बिजाई अक्तूबर महीने में शुरू हो जाती है। ऐसे में उन्होंने प्रशासन से स्थिति का जायजा लेकर जल निकासी के स्थायी प्रबंध की मांग की है।
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खेत में पिछले चार वर्षों से लगातार पानी भर रहा है। इससे खरीफ की फसलें बर्बाद हो रही हैं। इस बार पिछले एक माह से दो- दो फीट तक जलभराव है। सरसों की बिजाई करना भी मुश्किल हाे सकता है। प्रशासन को जल निकासी का प्रंबंध करना चाहिए।
लीलूराम, मेहूवाला
गांव मेहूवाला में कई वर्षों से सेम की समस्या है, लेकिन प्रशासन की ओर से सेमनिर्वाण व जलनिकासी का प्रंबंध नहीं किया गया है। इससे किसानों की फसलें बर्बाद हो रही है। इसका स्थाई समाधान किया जाए।
रामस्वरुप, मेहूवाला
खेतों में हुए जलभराव का स्थाई प्रंबंध नहीं होने से कृषि योग्य भूमि बंजर बन चुकी है। खेतों में बनी ढाणियों के चारों ओर जलभराव हो चुका है। इससे मकानों में दरारें आने लगी है।
रामसिंह, मेहूवाला
:: फिलहाल आबादी वाले क्षेत्र से पानी निकाला जा रहा है। प्रशासन जलभराव की समस्या से निपटने का प्रयास कर रहा है। रंगाेई व हिसार घग्गर ड्रेन के ओवरफ्लो होने से पानी निकालने की जगह नहीं मिल रही है।
नरेश कुमार भोला, कार्यकारी अभिंयता, सिंचाई विभाग, फतेहाबाद।