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राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के विशेष दूत ने किया आंगनवाड़ी केंद्रों व स्कूलों का औचक निरीक्षण

Tue, 12 Sep 2017 11:43 PM IST
Updated Tue, 12 Sep 2017 11:43 PM IST
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राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के विशेष दूत ने किया आंगनवाड़ी केंद्रों व स्कूलों का औचक निरीक्षण
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के विशेष दूत ने किया आंगनबाड़ी केंद्रों व स्कूलों का औचक निरीक्षण
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फतेहाबाद।
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग भारत सरकार के विशेष दूत अखिल कुमार जैन ने मंगलवार को जिला के गांव खारा खेड़ी व जांडली कलां में आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों का औचक निरीक्षण किया और बच्चों से रूबरू होकर स्वास्थ्य तथा शिक्षा संबंधी जानकारियां प्राप्त की। इस दौरान उनके साथ विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे। जैन ने बच्चों की देखभाल, बेहतर स्वास्थ्य तथा बेहतर शिक्षा के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इसके उपरांत विशेष दूत अखिल कुमार जैन ने स्थानीय लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में अधिकारियों की बैठक को संबोधित किया। अखिल कुमार जैन ने कहा कि मानव अधिकारों की रक्षा करना सबका फर्ज बनता है। इस बारे सजग रहकर मानव अधिकारियों के लिए अपने कर्तव्यों का पालन करें। बच्चों की देखभाल, खानपान, स्वास्थ्य व शिक्षा आदि के बारे में अधिकारी समय-समय पर स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण करें। कमियां पाए जाने पर उन्हें शीघ्रता से दूर करें। इस बारे लापरवाही करने वाले संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएं। उन्होंने कहा कि सभी उपभोक्ताओं को योजनानुसार राशन सही समय पर मिले। उपभोक्ताओं की समस्याओं व परेशानियों को रजिस्टर में दर्ज करे और इस रिकॉर्ड को अपडेट रखते हुए उन्हें दूर करने का भी प्रयास करे। उन्होंने कहा कि अपने स्तर पर समस्याओं का समाधान न होने की स्थिति में इस समस्या या परेशानी बारे जिला प्रशासन या उच्च अधिकारियों को अवगत करवाए ताकि समय रहते समस्या को हल किया जा सके।

जैन ने शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे छह वर्ष तक के बच्चों का अलग से डाटा अपडेट करे। इसके अलावा छह वर्ष से ऊपर की उम्र के बच्चों के डाटा को भी तैयार कर इसकी रिपोर्ट आयोग को भेजने का काम करे। उन्होंने कहा कि बच्चों को दी जा रही सुविधा और उनके स्वास्थ्य संबंधी चेकअप का भी रिकॉर्ड भेजे। जिन बच्चों के स्वास्थ्य में कोई कमी, किसी प्रकार की कोई बीमारी, उसके इलाज तथा उसके सुधार बारे भी रिकॉर्ड मेनटेन करें। इसके साथ-साथ बच्चों का मापतौल, हाईट आदि का महीने में रिकॉर्ड अपने रजिस्टर में दर्ज करे। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि वे बच्चों के अभिभावकों व अध्यापकों को भी बच्चों के स्वास्थ्य व शिक्षा संबंधी शिविरों का आयोजन कर उन्हें जागरूक करें। इसके अलावा आंगनबाड़ी वर्कर, आशा वर्कर, एएनएम आदि घनिष्ठ तालमेल बनाकर बच्चों का पूर्ण विवरण अपडेट करे और शिविरों में अपना अपेक्षित सहयोग देना सुनिश्चित करें। विशेष दूत ने निर्देश दिए कि स्लम एरिया, जेल तथा घरों में बच्चों को खाने पीने के लिए दी जा रही डाइट व प्रोटीन एवं क्वालिटी की मात्रा आदि के बारे में भी पूरी जानकारी प्राप्त करे और समय-समय पर इस बारे निरीक्षण करें।
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